PM CARES Fund

पीएम केयर्स फंड के न्यासी मंडल में रतन टाटा शामिल

उद्योगपति रतन टाटा के अलावा पीएम केयर्स फंड के न्यासी मंडल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस और लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष करिया मुंडा को शामिल किया गया है. इनके अलावा पूर्व नियंत्रक व महालेखा परीक्षक राजीव महर्षि, इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व अध्यक्ष सुधा मूर्ति और पीरामल फाउंडेशन के पूर्व कार्यकारी अधिकारी आनंद शाह को इसके सलाहकार बोर्ड में मनोनीत करने का फैसला लिया गया है.

पीएम केयर्स फंड के संबंध में केंद्र द्वारा एक पेज का जवाब देने पर हाईकोर्ट ने फटकार लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ‘पीएम केयर्स फंड’ को संविधान के अनुच्छेद-12 के तहत ‘सरकारी फंड’ घोषित करने की मांग संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसके लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया गया था लेकिन केंद्र की ओर से केवल एक पेज का जवाब दाखिल किया गया. जिस पर भड़कते हुए अदालत ने कहा कि यह कोई मामूली मुद्दा नहीं है, हमें विस्तृत जवाब चाहिए.

सीआईसी ने पीएम केयर्स फंड से जुड़ी जानकारी न देने पर गृह मंत्रालय के अधिकारी को चेताया

मुख्य सूचना आयुक्त यशोवर्धन कुमार सिन्हा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उपसचिव और सीपीआईओ प्रवीण कुमार यादव को चेतावनी देते हुए उन्हें भविष्य में आरटीआई एक्ट के प्रावधानों का सख़्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा.

सिविल सोसाइटी समूहों ने स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट आवंटन में कटौती पर आपत्ति जताई

इस साल स्वास्थ्य बजट आवंटन में बीते वर्ष की तुलना में सात फीसदी की कटौती की गई है. स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे क़रीब सौ छोटे-बड़े सिविल सोसाइटी समूहों के नेटवर्क जन स्वास्थ्य अभियान ने संसद से अपील की है कि वह इस कटौती को ख़ारिज कर आवंटन में बढ़ोतरी करे.

कोविड वैक्सीन के उत्पादन के लिए पीएम केयर्स फंड से सौ करोड़ रुपये नहीं दिए गएः आरटीआई

मई 2020 में पीएमओ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कोविड-19 वैक्सीन के डिजाइनर्स और डेवलपर्स की मदद के लिए पीएम केयर्स फंड से सौ करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी. अब एक आरटीआई आवेदन के जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय बताया कि वैक्सीन उत्पादन के लिए पीएम केयर्स फंड से कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई.

जम्मू कश्मीर: पीएम केयर्स फंड से श्रीनगर के अस्पताल को मिले 165 वेंटिलेटर्स ख़राब निकले

श्रीनगर स्थित श्री महाराजा हरि सिंह हॉस्पिटल को पीएम केयर्स फंड से तीन कंपनियों ने 165 वेंटिलेटर्स दिए थे, जिसमें से कोई भी काम नहीं कर रहा है. इन तीन में से दो कंपनियों पर वेंटिलेटर की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं. बताया गया है कि इस केंद्रशासित प्रदेश की ओर से इन वेंटिलेटर्स की मांग नहीं की गई थी.

कोविड संकट से क्या प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में गिरावट हुई है?

वीडियो: भारत वैश्विक महामारी का नया केंद्र बना हुआ है. मई महीने के अधिकांश दिनों में संक्रमण के क़रीब चार लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए. कई कोविड-19 मरीज़ों की अस्पतालों में इसलिए मौत हो गई, क्योंकि डॉक्टरों के पास ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक दवाएं नहीं थीं. तमाम लोग इस त्रासदी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.

केंद्र को ख़राब वेंटिलेटर को बदलना होगा, मरीज़ों पर प्रयोग की अनुमति नहीं दे सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ कोविड-19 महामारी से संबंधित उन याचिकाओं को सुन रही थी, जिसमें बताया गया था कि कई अस्पतालों को पीएम केयर्स फंड के तहत केंद्र से मिले 150 वेंटिलेटर में से 113 ख़राब थे. अदालत ने कहा है कि इन्हें बदलकर नए सही वेंटिलेटर स्थापित करना केंद्र की ज़िम्मेदारी है.

पीएम केयर्स: 150 में से 113 वेंटिलेटर ख़राब पाए जाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में पीएम केयर्स फंड के तहत आपूर्ति किए गए 150 वेंटिलेटर्स में 113 के ख़राब होने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. अदालत ने कहा ​कि सरकार को एहसास होना चाहिए कि उन्होंने ख़राब गुणवत्ता वाले वेंटिलेटर की आपूर्ति की है. उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाले वेंटिलेटर से बदलें.

पंजाब: दो निजी अस्पतालों ने पीएम केयर्स के तहत मिले 20 वेंटिलेटर ख़राब निकलने की शिकायत की

दोनों निजी अस्पतालों ने मोहाली के उपायुक्त को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें पिछले साल पीएम केयर्स फंड के तहत कुल 20 वेंटिलेटर मिले, लेकिन वे काम नहीं करते हैं. उन्होंने अधिकारियों से वेंटिलेटर की मरम्मत करने का आग्रह किया है. उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार को इसकी जानकारी दी गई है.