Police Atrocities

उत्तर प्रदेश: कथित तौर पर हिरासत में मौत के मामले में एसएचओ के बाद दो पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तर प्रदेश के रायबरेली ज़िले का मामला. चोरी मामले में युवक को गिरफ़्तार किया गया था. परिवारवालों ने हिरासत में पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि पेट में दर्द होने की शिकायत पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां युवक की मौत हो गई.

एनएचआरसी के अनुसार जामिया हिंसा से पेशेवर तरीके से नहीं निपटी पुलिस: दिल्ली हाईकोर्ट

जामिया हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट को अपने समर्थन में दिल्ली हाईकोर्ट के सामने रखा था. अदालत का कहना है कि रिपोर्ट को किसी भी पक्ष को दी गई क्लीन चिट के तौर पर नहीं देखा जा सकता.

जामिया हिंसा संबंधी याचिकाएं एजेंडा पर आधारित: दिल्ली पुलिस

दिसंबर 2019 में सीएए के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने जामिया मिलिया परिसर में घुसकर लाठीचार्ज किया था, जिसमें क़रीब 100 लोग घायल हुए थे. इस बारे में दायर याचिकाओं पर पुलिस ने अदालत में कहा कि उन्हें ऐसे लोगों ने दायर किया है, जिनके अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ.

मध्य प्रदेशः पुलिस द्वारा युवक से मारपीट का वीडियो सामने आया, जांच के आदेश

घटना मध्य प्रदेश के बड़वानी ज़िले की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. इसमें कुछ पुलिसकर्मी युवक को बाल पकड़कर घसीटते हुए दिख रहे हैं. मामले में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

आंध्र प्रदेशः मास्क न पहनने पर पुलिस द्वारा कथित पिटाई के बाद युवक की मौत, मामला दर्ज

घटना गुंटूर में हुई. आरोप है कि रविवार को मोटरसाइकिल से जा रहे युवक को रास्ते में मास्क न पहनने पर बुरी तरह से पीटा गया, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं. पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है.

मध्य प्रदेश पुलिस ने वकील से मारपीट के बाद माफ़ी मांगी, कहा- मुस्लिम समझकर पीट दिया था

वीडियो: मध्य प्रदेश के बैतूल में 23 मार्च को दीपक बुंदेले नामक एक वकील को राज्य की पुलिस ने बेरहमी से पीटा था, जब वह इलाज के लिए सरकारी अस्पताल जा रहे थे. दीपक बुंदेले से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

मध्य प्रदेश पुलिस ने वकील से मारपीट के बाद माफ़ी मांगी, कहा- मुस्लिम समझकर पीट दिया था

मामला मध्य प्रदेश के बैतूल का है. वकील दीपक बुंदेले का आरोप है कि बीते 23 मार्च को जब वह दवा लेने जा रहे थे तो पुलिस ने रास्ते में रोककर उनकी पिटाई की और अब उन पर दबाव डाला जा रहा है कि वे अपनी शिकायत वापस ले लें.

उत्तर प्रदेश: हिरासत में मौत, पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पर हत्या का मुक़दमा दर्ज

उत्तर प्रदेश के अमेठी ज़िले के पीपरपुर क्षेत्र में एक बैंक कर्मचारी से 26 लाख रुपये लूटे जाने के मामले में पूछताछ के मक़सद से हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. अमेठी ज़िलाधिकारी ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

महाराष्ट्र: हिरासत में युवक की मौत, पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया

उत्तर प्रदेश के अमेठी में भी हिरासत में मौत का मामला सामने आया. परिजन ने पुलिस पर ज़हर खिलाने का आरोप लगाया. बैंक कर्मचारी से 26 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया था.

उत्तर प्रदेश: बाइक के काग़ज़ात न दिखा पाने पर युवक को बेरहमी से पीटा, दो पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले का मामला. युवक की शिकायत के बाद सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र मिश्र और हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र प्रसाद के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है.

उत्तर प्रदेश: हिरासत में मौत मामले में थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज निलंबित

उत्तर प्रदेश के अमेठी ज़िले का मामला. मृतक के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके बेटे को पीट-पीट कर मार डाला.

छत्तीसगढ़: एसआरपी कल्लूरी का तबादला, बनाया गया परिवहन आयुक्त

विवादित पुलिस अधिकारी आईजी कल्लूरी को बीते दिनों आर्थिक अपराध विभाग और भ्रष्टाचार विरोधी विभाग की ज़िम्मेदारी देने पर भूपेश बघेल सरकार को ख़ासी आलोचना झेलनी पड़ी थी. 15 सांसदों ने कल्लूरी के ख़िलाफ़ जांच के लिए लिखा था सीएम को पत्र.

छत्तीसगढ़: 15 सांसदों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की आईजी कल्लूरी के ख़िलाफ़ जांच की मांग

केरल, असम, तमिलनाडु और त्रिपुरा के 15 सांसदों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि आईजी कल्लूरी के बीते पांच सालों के कार्यकाल की जांच करवाकर उनके किए ग़लत कामों की सज़ा दी जाए.

कल तक कांग्रेस जिस कल्लूरी को ‘अपराधी’ बताती थी, वो आज उन्हें महत्वपूर्ण पद से क्यों नवाज़ रही है?

क्या सत्ता के चरित्र में ही कुछ ऐसा है कि वह आपको अधर्म की ओर ले जाती है? वो भूपेश बघेल जो एसआरपी कल्लूरी को जेल भेजना चाहते थे, वही उन्हें अब महत्वपूर्ण पद सौंप रहे हैं. बघेल कह सकते हैं कि तब वे विपक्ष में थे और उसका कर्तव्य निभा रहे थे और अब उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी उनसे यह काम करवा रही है.

क्या राजनीतिक दबाव में छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारी कल्लूरी को बचाने में लगी है सीबीआई?

सीबीआई की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक दो गवाहों ने साल 2011 में छत्तीसगढ़ में बस्तर ज़िले के ताड़मेटला गांव में पुलिस अधिकारी एसआरपी कल्लूरी को आदिवासियों के घरों में आग लगाते हुए देखा था, लेकिन जांच एजेंसी की फाइनल चार्जशीट से इसे हटा दिया गया है.