Pune Police

एल्गार परिषद मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट का डीयू प्रोफेसर हेनी बाबू को ज़मानत देने से इनकार

एल्गार परिषद मामले में आरोपी दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हेनी बाबू पर एनआईए ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के नेताओं के निर्देश पर माओवादी गतिविधियों व विचारधारा के प्रचार के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया है.

महाराष्ट्र: किसान ने आत्महत्या की, ख़त में प्रधानमंत्री मोदी को ज़िम्मेदार ठहराया

घटना पुणे की है, जहां जुन्नर तालुका के 45 वर्षीय किसान दशरथ लक्ष्मण केदारी ने सुसाइड नोट में किसानों की दुर्दशा की अनदेखी के लिए महाराष्ट्र सरकार और केंद्र को ज़िम्मेदार ठहराया है. नोट में केदारी ने फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने और लोन रिकवरी एजेंटों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात भी लिखी है.

एल्गार परिषद मामला: कार्यकर्ता अरुण फरेरा ने डिफॉल्ट ज़मानत के लिए अदालत का रुख़ किया

एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में आरोपी अरुण फरेरा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की गई अपनी याचिका में कहा है कि उनका मामला अधिवक्ता सुधा भारद्वाज के समान ही है, जिन्हें अदालत द्वारा दिसंबर 2021 में डिफॉल्ट ज़मानत दी गई थी.

एल्गार परिषद: आरोपी का दावा- एनआईए ने उपयुक्त अनुमति के बगैर ईमेल हासिल किए

एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार मानवाधिकार कार्यकर्ता अरुण फरेरा ने विशेष एनआईए अदालत के समक्ष याचिका में कहा है कि रोना विल्सन और एक वांछित आरोपी के बीच ईमेल को जांच एजेंसी द्वारा 2018 में कई मौकों पर इंटरसेप्ट किया था.

भीमा कोरेगांव के आरोपियों के साथ हुई हैकिंग से पुणे पुलिस के जुड़ाव के प्रमाण: सुरक्षा शोधकर्ता

अमेरिकी सुरक्षा शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उनके हाथ ऐसे सबूत लगे हैं जो बताते हैं कि पुणे पुलिस के तार एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार कार्यकर्ता रोला विल्सन, वरवरा राव और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हेनी बाबू के ईमेल खातों की हैकिंग से जुड़ते हैं.

भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोपियों में से हिंदुत्ववादी नेता संभाजी भिड़े का नाम हटाया गया: पुलिस

1 जनवरी, 2018 को महाराष्ट्र में पुणे के भीमा कोरेगांव इलाके में हुई हिंसा के बाद दलित राजनीतिक कार्यकर्ता अनीता सावले ने संभाजी भिड़े और एक अन्य हिंदुत्ववादी नेता मिलिंद एकबोटे के नाम एक एफ़आईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया था, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे.

एल्गार परिषद मामला: हेनी बाबू और तीन अन्य आरोपियों की ज़मानत याचिका ख़ारिज

एनआईए ने कबीर कला मंच के सदस्यों- सागर गोरखे, रमेश गायचोर और ज्योति जगताप की ज़मानत याचिकाओं का भी विरोध किया. वहीं, आरोपियों के वकील ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी के पास यह दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है कि उनके मुवक्किलों ने यूएपीए के तहत कोई अपराध किया था जिसके तहत उन पर मामला दर्ज किया गया.

महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ टिप्पणी मामले में कालीचरण महाराज को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए कालीचरण के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मामले दर्ज किए गए हैं. पुणे की एक अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ बयान मामले में वर्धा पुलिस ने कालीचरण महाराज को गिरफ़्तार किया

रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए कालीचरण के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मामले दर्ज किए गए हैं. पुणे पुलिस ने एक अन्य कार्यक्रम में कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में बीते सप्ताह उन्हें गिरफ़्तार किया था, जिसमें कोर्ट ने सात जनवरी को उन्हें ज़मानत दे दी थी.

भड़काऊ भाषण मामला: पुणे पुलिस ने कालीचरण महाराज को हिरासत में लिया

पुणे पुलिस ने धार्मिक नेता कालीचरण महाराज, दक्षिणपंथी नेता मिलिंद एकबोटे, कैप्टन (रिटा.) दिगेंद्र कुमार और अन्य के ख़िलाफ़ एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया था. कालीचरण पर महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दो मामले दर्ज किए गए हैं.

महाराष्ट्र: गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ भाषण का केस

धार्मिक नेता कालीचरण महाराज पर महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दो मामले दर्ज किए गए हैं. पुणे पुलिस ने एक कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में कालीचरण, दक्षिणपंथी नेता मिलिंद एकबोटे और चार अन्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. एकबोटे भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी हैं.

एल्गार परिषद मामला: आठ आरोपियों ने ज़मानत से इनकार के आदेश में सुधार का अदालत से किया अनुरोध

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीते एक दिसंबर को वकील एवं नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को तकनीकी ख़ामी के आधार पर ज़मानत दे दी थी और आठ अन्य आरोपियों की इसी आधार पर ज़मानत की अर्जी खारिज़ कर दी थी. आरोपियों ने दावा किया है कि उन्हें ज़मानत से इनकार करने का आदेश ‘तथ्यात्मक त्रुटि’ पर आधारित है.

एल्गार परिषद: सुधा भारद्वाज को हाईकोर्ट से ज़मानत मिली, अन्य आठ की याचिका ख़ारिज

सुधा भारद्वाज को निश्चित अवधि में उनके ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर न करने के आधार पर ज़मानत दी गई है. जिन आठ सह-आरोपियों की अपील ख़ारिज हुई है, उनमें सुधीर धवले, वरवरा राव, रोना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, वर्नोन गोन्साल्विस और अरुण फरेरा शामिल हैं.

भारद्वाज के आरोप पर एनआईए: सेशन जज संज्ञान ले सकते हैं, क्योंकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का है

बीते छह जुलाई को एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी कार्यकर्ता एवं वकील सुधा भारद्वाज ने अपने वकील के ज़रिये बॉम्बे उच्च न्यायालय को बताया था कि 2018 में उनकी गिरफ़्तारी के बाद जिस न्यायाधीश (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश) ने उन्हें हिरासत में भेज दिया था, उन्होंने एक विशेष न्यायाधीश होने का ‘दिखावा’ किया था और उनके द्वारा जारी किए गए आदेश के कारण उन्हें और अन्य आरोपियों को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा.

पुणे के न्यायाधीश ने विशेष जज होने का ‘दिखावा’ कर ज़मानत देने से मना किया था: सुधा भारद्वाज

एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज का कहना है कि एक न्यायाधीश विशेष जज होने का ‘दिखावा’ किया था और उनके द्वारा जारी आदेश के कारण उन्हें और अन्य आरोपियों को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा. बॉम्बे हाईकोर्ट ने उक्त न्यायाधीश की नियुक्ति, पद आदि पर मूल रिकॉर्ड पीठ के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है.