Qatar

कतर में हिरासत में आठ भारतीय; विदेश मंत्रालय ने कहा- दूतावास जल्द रिहाई के लिए प्रयास कर रहा

कतर में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने की ख़बरों के बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर में भारतीय दूतावास वहां के अधिकारियों के संपर्क में है और दूतावास के अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिकों तक राजनयिक पहुंच हासिल की है.

फुटबॉल विश्वकप से पहले क़तर की राजधानी दोहा में हज़ारों कामगारों से घर ख़ाली कराए गए: रिपोर्ट

क़तर में 20 नवंबर से फुटबॉल विश्वकप की शुरुआत होनी है, उससे पहले ही विदेशी कामगारों को उनके आवासों से बेदख़ल किया जा रहा है. एक दर्जन से अधिक इमारतों को अधिकारियों द्वारा ख़ाली कराकर बंद कर दिया गया है, जिससे मुख्य तौर पर एशियाई और अफ्रीकी श्रमिक अपने लिए आश्रय खोजने को मजबूर हुए हैं.

कतर की कंपनी में काम कर रहे 8 पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों को हिरासत में लिया गया: रिपोर्ट

एक रिपोर्ट के अनुसार, कतर में नौसेना को प्रशिक्षण और अन्य सेवाएं प्रदान करने वाली एक कंपनी के साथ काम कर रहे भारत के आठ पूर्व नौसेना अधिकारी वहां 57 दिनों से हिरासत में हैं. इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें क्यों पकड़ा गया है और उनके ख़िलाफ़ क्या आरोप लगाए गए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी को इस्लामोफ़ोबिया की घटनाओं के ‘बढ़ने’ पर ‘चुप्पी’ तोड़नी चाहिए: शशि थरूर

पैगंबर मोहम्मद के बारे में निलंबित भाजपा नेताओं नूपुर ​शर्मा और नवीन जिंदल की टिप्पणियों को लेकर पैदा हुए आक्रोश के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत सरकार ने इस्लामी देशों के साथ संबंधों को मज़बूत करने के लिए जो प्रभावशाली क़दम उठाए हैं, उनके कमज़ोर होने का ख़तरा पैदा हो गया है. कुछ लोग प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को, जो कुछ हो रहा है, उसके समर्थन के तौर पर देख रहे हैं.

भाजपा समर्थकों की नज़र में अपदस्थ किए गए पार्टी नेता दोषी नहीं पीड़ित हैं

भाजपा के आठ सालों के शासन ने एक बड़ी जनसंख्या ऐसी पैदा की है जो मानती है कि पार्टी नेताओं के दुर्वचन को लेकर हुई अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी के लिए पार्टी के ‘ओजस्वी वक्ता’ नहीं बल्कि वे लोग ज़िम्मेदार हैं जो उस पर इतनी देर तक चर्चा करते रहे कि बात भारत से बाहर पहुंच गई.

पैगंबर मोहम्मद बयान: खाड़ी देशों द्वारा निंदा के बाद केंद्रीय मंत्री बोले- सरकार पर असर नहीं

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भाजपा की अपदस्थ प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर की गई विवादास्पद टिप्पणी का केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि वे सरकारी पदाधिकारी नहीं थीं. उन्होंने यह भी कहा कि बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देने वाले देशों के साथ अच्छे संबंध बने रहेंगे.

पैगंबर मोहम्मद पर बयान: कई और देशों द्वारा निंदा जारी, ओमान, इंडोनेशिया ने राजनयिक समन किए

भाजपा नेता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के पैगंबर मोहम्मद के बारे में दिए गए बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना जारी है. खाड़ी देशों के बाद मालदीव, ओमान, इंडोनेशिया, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, लीबिया जैसे देशों ने भी विवादित टिप्पणी को लेकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है.

भाजपा नेताओं की पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी: खाड़ी देशों ने भारत को आड़े हाथों लिया, राजनयिक तलब

भाजपा नेता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद को लेकर की गई टिप्पणी और पार्टी के प्रवक्ता नवीन जिंदल के इसी तरह के ‘अपमानजनक’ ट्वीट की निंदा करते हुए खाड़ी देशों- क़तर, कुवैत, ईरान और सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान ने भी भारतीय राजनयिकों को तलब किया है. वहीं, भारत ने इन्हें ‘फ्रिंज’ तत्वों द्वारा की टिप्पणी बताते हुए कहा कि विवादित बयान भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते.

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में तालिबान का प्रवेश, कहा- राजधानी को जबरन क़ब्ज़े में लेने की योजना नहीं

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में प्रवेश के साथ ही तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि वो शांतिपूर्ण हस्तांतरण का इंतज़ार कर रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अगर अफ़ग़ानिस्तान की सेना अपने देश पर नियंत्रण बनाए नहीं रख सकती या नहीं रखती है, तो भले ही एक और साल हो या पांच और साल, अमेरिकी सेना की उपस्थिति से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता.

अफगानिस्तान: तालिबान ने काबुल के निकट प्रांत पर किया कब्जा, उत्तरी शहर पर हमला किया

अफगानिस्तान से अमेरिका की पूरी वापसी में तीन सप्ताह से भी कम समय शेष बचा है और ऐसे में तालिबान ने उत्तर, पश्चिम और दक्षिण अफगानिस्तान के अधिकतर हिस्सों पर कब्जा कर लिया है. भारत सहित 12 देशों ने कहा है कि वे ऐसी किसी भी सरकार को मान्यता नहीं देंगे जो सैन्य बल के माध्यम से थोपी जाएगी.

अफ़ग़ानिस्तान संकट: ताशकंद सम्मेलन में इमरान ख़ान की मौजूदगी में पाकिस्तान पर बरसे अशरफ़ ग़नी

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी का जवाब देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में उथल-पुथल से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश पाकिस्तान है. उन्होंने कहा कि वह ग़नी की टिप्पणियों से मायूस हैं और तालिबान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए पाकिस्तान ने जितनी कोशिशें की हैं, उतनी किसी भी मुल्क ने नहीं की हैं.

तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान के 85 फ़ीसदी हिस्से पर क़ब्जे़ का दावा किया, भारत ने राजनयिकों को बुलाया

अफ़ग़ान सरकार के अधिकारियों ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया कि तालिबान ने देश के अधिकांश हिस्से को नियंत्रित किया है. भारत ने कंधार के आसपास के नए इलाकों पर तालिबान के क़ब्ज़े के मद्देनज़र अपने वाणिज्य दूतावास से क़रीब 50 राजनयिकों और सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा अफ़ग़ानिस्तान में वर्षों से चल रहे युद्ध को समाप्त करने की घोषणा मध्य अप्रैल में किए जाने के बाद तालिबान ने पूरे देश में अपनी गतिविधियां बढ़ा दीं.

तालिबानी नेताओं के साथ जयशंकर की मुलाक़ात के दावों को भारत ने ‘पूरी तरह झूठा’ बताया

क़तर के एक मंत्री ने रिकॉर्ड पर बताया था कि एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दोहा में तालिबान से मुलाकात की थी. मंगलवार को एक अफगान पत्रकार सामी यूसुफजई ने ट्वीट किया कि क्वेटा शूरा में अफ़ग़ान तालिबान के सूत्रों ने उन्हें बताया था कि भारतीय विदेश मंत्री की तालिबान के नेताओं से मुलाक़ात हुई थी.

तालिबान से मुलाकात करने के लिए भारतीय दल क़तर आया था: क़तर के सरकारी अधिकारी

आतंकवाद और संघर्ष समाधान की मध्यस्थता के लिए क़तर के विशेष दूत मुतलाक़ बिन माजिद अल क़हतानी की इस महत्वपूर्ण टिप्पणी के बाद भारत सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. आधिकारिक तौर पर अफ़गानिस्तान में भारत केवल अफ़गान सरकार को वैध हितधारक के रूप में मान्यता देता है.

ग़ाज़ा संघर्ष: कथित अपराधों की जांच संबंधी यूएनएचआरसी के प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत अनुपस्थित

ग़ाज़ा में इज़रायल और हमास के बीच 11 दिन तक चले संघर्ष के दौरान कथित उल्लंघनों एवं अपराधों की जांच शुरू करने के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के प्रस्ताव पर वोट डालने से भारत समेत 14 देश अनुपस्थित रहे. प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया क्योंकि 24 देशों ने इसके पक्ष में वोट डाला और नौ ने इसका विरोध किया. इज़रायल और हमास के बीच संघर्ष में ग़ाज़ा में लगभग 230 लोग और इज़रायल में 12 लोग मारे गए थे.