Ram Prasad Bismil

Ramprasad Bismil (2)

रामप्रसाद बिस्मिल: जिन्होंने क्रांति के लिए हथियार अपनी लिखी किताबों से मिले रुपयों से ख़रीदे थे

जयंती विशेष: ‘बिस्मिल’ से मिलने गोरखपुर जेल पहुंचीं उनकी मां ने डबडबाई आंखें देखकर उनसे पूछा-तुझे रोकर ही फांसी चढ़ना था तो क्रांति की राह क्यों चुनी?

शहीद अशफ़ाक उल्ला खां, रामप्रसाद बिस्मिल और रौशन सिंह. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

वतन पे मरने वालों के परिवारों का क्या यही बाक़ी निशां होगा?

अशफ़ाक़ उल्ला ख़ां, रामप्रसाद बिस्मिल और रौशन सिंह के शहादत दिवस (19 दिसंबर) पर उनकी मांओं और परिवार के दुर्दशा की कहानी.

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मै नास्तिक क्यों हूं?

मेरे एक दोस्त ने मुझे प्रार्थना करने को कहा. जब मैंने उसे नास्तिक होने की बात बताई तो उसने कहा, ‘अपने अंतिम दिनों में तुम विश्वास करने लगोगे.’ मैंने कहा, ‘नहीं, प्यारे दोस्त, ऐसा नहीं होगा. मैं इसे अपने लिए अपमानजनक तथा भ्रष्ट होने की बात समझता हूं. स्वार्थी कारणों से मैं प्रार्थना नहीं करूंगा.’