Rashtriya Swayamsevak Sangh

New Delhi: Union Minister for Road Transport, Highways and Shipping Nitin Gadkari speaks during the workshop on industries issues on Road Safety in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Kamal Singh(PTI4_26_2018_000052B)

गडकरी ने किया प्रणब मुखर्जी का बचाव, कहा- आरएसएस कोई पाकिस्तान का आईएसआई नहीं

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है जहां वे स्वयंसेवकों की पासिंग आउट परेड का हिस्सा होंगे औरअपने विचार भी रखेंगे.

कोबरापोस्ट के स्टिंग में पत्रकारिता का सौदा करने को तैयार दिखे तमाम मीडिया संस्थान

कोबरापोस्ट के स्टिंग ‘ऑपरेशन 136’ की दूसरी कड़ी में देश के कई नामचीन मीडिया संस्थान सत्ताधारी दल के लिए चुनावी हवा तैयार करने के लिए आध्यात्मिकता और धार्मिक प्रवचन के ज़रिये हिंदुत्व को बढ़ावा देने के लिए सहमत होते नज़र आए.

देश में भय का वातावरण, संस्थाओं को डराया जा रहा: राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह दो विचारधाराओं की लड़ाई है. एक ओर कांग्रेस की विचारधारा है तथा दूसरी ओर संघ की विचारधारा है. हमको मिलकर खड़े होना है. हमें संविधान की रक्षा करनी है.

‘अडॉप्ट अ हैरिटेज’ में शामिल होंगे और भी स्मारक, विरोध में उतरे इतिहासकार और गोवा सरकार

केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजे अलफोंस ने कहा कि संप्रग सरकार ने भी हुमायूं का मकबरा, ताजमहल और जंतर-मंतर सहित पांच स्मारक निजी इकाईयों को रखरखाव के लिए सौंपे थे.

संघ, विहिप जैसे संगठनों के कारण भारत में अल्पसंख्यकों और दलितों की दशा ख़राब: अमेरिकी रिपोर्ट

अमेरिकी सरकार द्वारा गठित एक आयोग ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि देश में जारी भगवाकरण अभियान के शिकार मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और दलित हिंदू हैं.

इस बात का कोई सबूत नहीं कि राजगुरु आरएसएस के स्वयंसेवक थे: परिजन

राजगुरु के परिजनों का कहना है कि वह समस्त देश के क्रांतिकारी थे और उनका नाम किसी ख़ास संगठन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

जिनकी देश की आज़ादी में कोई भूमिका नहीं थी वो दूसरों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं

स्वतंत्रता के आंदोलन में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं रही. आज़ादी के आंदोलन में हिस्सा लेने का उनका कोई इतिहास नहीं है इसीलिए वो समाजवाद के इतिहास को भी मिटाना चाहते हैं.

हिंदुओं को एक होना होगा, भारत की ज़िम्मेदारी हम पर है: मोहन भागवत

मेरठ में हुए राष्ट्रोदय समागम में सभी हिंदुओं से साथ आने का आह्वान करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि संपूर्ण समाज को स्वयंसेवक बनना होगा.

अंग्रेज़ों से माफ़ी मांगने वाले सावरकर ‘वीर’ कैसे हो गए?

सावरकर ने अंग्रेज़ों को सौंपे अपने माफ़ीनामे में लिखा था, ‘अगर सरकार अपनी असीम भलमनसाहत और दयालुता में मुझे रिहा करती है, मैं यक़ीन दिलाता हूं कि मैं संविधानवादी विकास का सबसे कट्टर समर्थक रहूंगा और अंग्रेज़ी सरकार के प्रति वफ़ादार रहूंगा.’

घटती लोकप्रियता से घबराकर संघ परिवार एक बार फिर ध्रुवीकरण के खेल में जुट गया है

हिंदू वोटों को ध्रुवीकृत करने के लिए कोशिशें तेज़ हो गई हैं. इस खेल में संघ परिवार माहिर है और ऐसी कोशिशों ने अतीत में भी इसे लाभ पहुंचाया है.

क्या शिवराज धार्मिक यात्राओं के ज़रिये अपनी चुनावी नैया पार लगाना चाहते हैं?

मध्य प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव हैं और प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान धार्मिक यात्राओं के सहारे चुनावी नैया पार लगाने की जुगत भिड़ाते नज़र आ रहे हैं.

मलयालम कवि को धमकी देने के मामले में छह आरएसएस कार्यकर्ता गिरफ़्तार

मलयालम कवि कुरीपुझा श्रीकुमार कोट्टुक्कल में हुए कार्यक्रम को संबोधित करके लौट रहे थे तभी आरएसएस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उन्हें कार में बैठने से रोका और कथित तौर पर धमकी दी. 15 लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज किया गया है मामला.

जौहर महिलाओं के ख़िलाफ़ भेदभाव वाली प्रथा नहीं बल्कि प्रतिरोध का रूप था: आरएसएस नेता

आईआईएमसी में स्त्री शक्ति पर आयोजित एक संगोष्ठी में आरएसएस नेता कृष्ण गोपाल ने कहा कि जौहर-शाखा की परंपरा का हिस्सा थी जिसमें महिलाएं विदेशी आक्रमणकारियों के हरम का हिस्सा बनने की बजाय क़ुर्बान हो जाना पसंद करती थीं.

जातिगत राजनीति इसलिए होती है, क्योंकि लोग जाति के नाम पर वोट देते हैं: भागवत

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नेता एक निश्चित सीमा तक चीज़ों में सुधार कर सकते हैं और चीज़ों में सुधार के लिए अपने हितों के त्याग करने की ज़रूरत होती है.

क्या भारत की राजनीति ने अपना धर्म चुन लिया है?

कभी हाशिये पर रही हिंदुत्व की राजनीति आज मुख्यधारा की राजनीति बन चुकी है. संघ के लिए इससे बड़ी सफलता भला और क्या हो सकती है कि देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां नरम/गरम हिंदुत्व के नाम पर प्रतिस्पर्धा करने लगें.