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जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए राज्यों की तरफ़ से केंद्र 1.10 लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़ लेगा: मंत्रालय

केंद्र और कुछ राज्यों के बीच विवाद का विषय बने जीएसटी क्षतिपूर्ति के मुद्दे को सुलझाने की दिशा में यह अहम क़दम माना जा रहा है. कोविड-19 संकट के चलते अर्थव्यवस्था में नरमी से जीएसटी संग्रह कम रहा है. इससे राज्यों का बजट गड़बड़ाया है. इस कमी को पूरा करने के लिए वित्त मंत्रालय ने राज्यों के समक्ष क़र्ज़ लेने के दो विकल्प रखे थे, जिसे कुछ राज्यों ने स्वीकार नहीं किया था.

जीएसटी गतिरोध: अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राज्यों की ओर से केंद्र को क़र्ज़ लेना चाहिए

भारतीय अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए फंड का का इंतज़ाम करना एक राष्ट्रीय समस्या है. ऐसे समय में, ख़ासकर जब देश की अर्थव्यवस्था बाकी कई देशों के मुक़ाबले अधिक ख़राब है, तब केंद्र और राज्यों का क़र्ज़ लेने को लेकर उलझना अनुचित है.

जीडीपी में इस साल 9.5 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान: आरबीआई

मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन चली समीक्षा बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था में आई गिरावट अब पीछे रह गई है और उम्मीद की किरण दिखने लगी है. इससे पहले विश्व बैंक ने भी चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी में 9.6 प्रतिशत गिरावट का अनुमान लगाया है.

इस्पात, सीमेंट, बिजली जैसे आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों का उत्पादन अगस्त में 8.5 प्रतिशत घटा

कोयला और उर्वरक को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में अगस्त 2020 में गिरावट रही. कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों, इस्पात, सीमेंट और बिजली सभी छह क्षेत्रों के उत्पादन में इस दौरान कमी आई है.

पीएमसी बैंक घोटाले के एक साल बाद भी ग्राहकों के लिए अपना पैसा निकालना मुश्किल

23 सितंबर 2019 को पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक में घोटाले का पता चला था, जिसके बाद आरबीआई ने बैंक के बोर्ड को अपने नियंत्रण में ले लिया था और बैंक पर कई तरह के नियामकीय प्रतिबंध लगा दिए थे.

सरकार ने नियमों का उल्लंघन कर जीएसटी क्षतिपूर्ति फंड को अन्य कामों में ख़र्च किया: कैग

कैग रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 और 2018-19 के दौरान वसूले गए कुल जीएसटी उपकर में से 47,272 करोड़ रुपये को जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर निधि में नहीं डाला गया. इस राशि का इस्तेमाल राज्यों को राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए किया जाना चाहिए था.

Budgam: Farmers work in a paddy field during the harvesting season of the crop, in Budgam district of central Kashmir, Sunday, September 30, 2018. The yield of this year is better than the last year, as per reports. ( PTI Photo/S Irfan) (PTI9_30_2018_000081B)

वादों में ही रही क़र्ज़ माफ़ी, 10 राज्यों ने नहीं माफ़ किया किसानों का 1.12 लाख करोड़ रुपये का ऋण

साल 2014 से लेकर अब तक दस राज्यों ने कुल 2.70 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण को माफ़ करने की घोषणा की थी, लेकिन इसमें से 1.59 लाख करोड़ रुपये के ही क़र्ज़ माफ़ हुए हैं. इसके साथ ही आंकड़े बताते हैं कि 2015 से 2020 के बीच किसानों के क़र्ज़ में लगभग 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

जीएसटी क्षतिपूर्ति: 21 राज्यों ने 97,000 करोड़ रुपये के उधार के प्रस्ताव का समर्थन किया

ये राज्य मुख्य रूप से भाजपा शासित और उन दलों की सरकार वाले हैं, जो केंद्र की नीतियों का समर्थन करते रहे हैं. चालू वित्त वर्ष में राज्यों को जीएसटी संग्रह में 2.35 करोड़ रुपये के राजस्व की कमी का अनुमान है. केंद्र ने क्षतिपूर्ति के लिए राज्यों को दो विकल्प दिए थे. इसके तहत 97,000 करोड़ रुपये रिज़र्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विशेष सुविधा से या पूरा 2.35 लाख करोड़ रुपये बाज़ार से उधार लेने का विकल्प दिया गया था.

भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के अनुमान क्या वास्तविक तस्वीर दिखा रहे हैं

मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार होने के आशावादी अनुमानों का समर्थन न करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने सतर्क किया है कि अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार होगा.

Mumbai: A security personnel stands guard during the RBI's bi-monthly policy review, in Mumbai, Thursday, June 6, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI6_6_2019_000048B)

अप्रैल-जून तिमाही में 20,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 2,867 मामले सरकारी बैंकों में आए: आरटीआई

आरटीआई के तहत मिली जानकारी से पता चला है कि भारतीय स्टेट बैंक में संख्या के हिसाब से धोखाधड़ी के सबसे ज़्यादा मामले सामने आए हैं. वहीं मूल्य के हिसाब से बैंक ऑफ इंडिया धोखाधड़ी से सबसे अधिक प्रभावित रहा.

चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में आएगी 10.5 प्रतिशत की गिरावट: फिच रेटिंग्स

फिच के अलावा इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 11.8 प्रतिशत की गिरावट आएगी. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई है. यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट के सबसे ऊंचे आंकड़ों में से एक है.

गर्त में जीडीपी: मोदी के ‘सब चंगा सी’ रवैये से इस संकट का हल नहीं निकलेगा

मुख्य आर्थिक सलाहकार आश्वस्त कर रहे हैं कि सरकार के पास भविष्य में सही समय पर जारी करने के लिए काफी संसाधन हैं. लेकिन सौ सालों में एक बार आने वाले आर्थिक संकट का सामना कर रही अर्थव्यवस्था के पास बस एक ही चीज़ की किल्लत होती है और वह है समय.

जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर केंद्र के विकल्पों को राज्यों ने ठुकराया, कहा- सरकार ख़ुद उधार ले

पिछले हफ्ते जीएसटी परिषद की बैठक के दो दिन बाद केंद्र सरकार ने 2.3 लाख करोड़ रुपये के मुआवज़े की कमी उधार लेकर पूरा करने के लिए राज्यों को दो विकल्प दिए थे. आठ ग़ैर- भाजपा शासित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. इस संबंध में पांच मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखा है.