Right to Choice

ईरान की औरतों का विद्रोह अपने तरीक़े से जीने के हक़ को कुचले जाने के ख़िलाफ़ रोष का इज़हार है

ईरान में अगर गश्ती दस्ते हिजाब जबरन पहना रहे हैं तो भारत में सरकारी गश्ती दस्ते जबरन हिजाब उतार रहे हैं. फ़र्क़ यह है कि ईरान में एक इस्लामी हुकूमत मुसलमानों को अपने हिसाब से पाबंद करना चाहती है और भारत में एक हिंदू हुकूमत मुसलमानों को अपने क़ायदों में क़ैद करना चाहती है.

मथुरा में मांस बिक्री पर रोक का असली मक़सद और संभावित नतीजे क्या हैं?

योगी सरकार के मथुरा में मीट बैन के आदेश की वैधता पर कोई विवाद नहीं है क्योंकि इस पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पहले से ही मौजूद है, लेकिन इसके असली इरादे और संभावित परिणामों पर निश्चित ही बहस होनी चाहिए क्योंकि ये बड़े पैमाने पर लोगों के हक़ों, उनकी आजीविका और सुरक्षा से जुड़ा है.

शाकाहारवाद महज़ आहार का मामला नहीं है…

तामसिक भोजन पर रोक, अंडा-मांसाहार पर पाबंदी जैसी बातें भारत की जनता के वास्तविक हालात से कतई मेल नहीं खातीं, क्योंकि भारत की आबादी का बहुलांश मांसाहारी है. साथ ही, किसी इलाक़े विशेष की नीतियां बनाने के लिए लोगों के एक हिस्से की आस्था को वरीयता देना एक तरह से धर्म, जाति, नस्लीयता आदि आधार पर किसी के साथ भेदभाव न करने की संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन भी है.

ग्राहकों से जुड़ी जानकारी पर कंपनियों का कोई अधिकार नहीं: ट्राई

दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने यह भी सिफ़ारिश की है कि उपभोक्ताओं को डिजिटल दुनिया में मौजूद उनकी हर पहचान को ख़त्म करने का अधिकार मिलना चाहिए.