RTI Activist

सुबोध कुमार जायसवाल. (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई के नए निदेशक का कार्यकाल बदलने का कारण बताने से केंद्र का इनकार

दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 4 बी (1) के अनुरूप सीबीआई निदेशक द्वारा उनकी सेवा शर्तों से संबंधित नियमों से कुछ विपरीत होने के बावजूद पद संभालने करने की तारीख से कम से कम दो वर्ष की अवधि के लिए पद पर बने रहने का प्रावधान है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

झारखंड: आरटीआई कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी के 48 घंटे के अंदर पलटी पुलिस, कहा- उन्हें फंसाया गया था

झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले में एक आरटीआई कार्यकर्ता और पत्रकार को पुलिस ने अफ़ीम और ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ़्तार करने के बाद उनके इक़बालिया बयान भी ले लिया था. 48 घंटे बाद पुलिस ने कार्यकर्ता को फंसाने की साज़िश के आरोप में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

गुजरात: दलित आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या मामले में चार गिरफ़्तार, सब इंस्पेक्टर निलंबित

गुजरात के भावनगर ज़िले के सनोदर गांव में बीते दो मार्च को एक दलित आईटीआई कार्यकर्ता की उनके घर में हमला कर कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. आरोप है कि थाने में मृतक द्वारा की गईं शिकायतों पर पुलिस ने ध्यान नहीं था.

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज. (फोटो: द वायर)

सत्ता से सवाल पूछना ही लोकतंत्र की सच्ची ताकत: सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज

सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता की मुखर समर्थक अंजलि भारद्वाज को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा हाल ही में स्थापित इंटरनेशनल एंटी करप्शन चैंपियंस अवॉर्ड के लिए चुना गया है. उनके अलावा दुनियाभर के 11 अन्य लोगों को यह सम्मान दिया गया है.

सतीश शेट्टी के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन करते आरटीआई कार्यकर्ता. (फोटो:  वर्षा तोरगलकर)

महाराष्ट्र में आरटीआई कार्यकर्ताओं पर सर्वाधिक जोखिम, 16 सालों में सोलह कार्यकर्ताओं की हत्या: रिपोर्ट

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक 36 मामलों में आरटीआई कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया गया. 41 अन्य को या तो प्रताड़ित किया गया या नतीजे भुगतने की धमकी दी गई. वहीं, पुख़्ता सबूत होने के बावजूद एक भी मामले में दोषियों को सज़ा नहीं हुई.

(फोटो: पीटीआई)

आवेदक की प्रामाणिकता के लिए आरटीआई के तहत मक़सद बताना ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

हाईकोर्ट की यह टिप्पणी आरटीआई एक्ट के उस प्रावधान के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें कहा गया है कि सूचना मांगने के लिए आवेदक को कोई कारण बताने की ज़रूरत नहीं है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार सूचना आयोग की वेबसाइट 2017 से ख़स्ताहाल, चार साल से कोई रिपोर्ट पेश नहीं की

बिहार राज्य सूचना आयोग के सचिव ने कहा कि वेबसाइट से जुड़ीं समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की जा रही है. यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि वार्षिक रिपोर्ट तैयार हो.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

बिहार: 10 सालों में आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हमले के 213 केस दर्ज, 2018 से कोई कार्रवाई नहीं

राज्य के गृह विभाग ने आरटीआई के तहत बताया कि इसमें से 184 मामलों का निपटारा किया जा चुका है. हालांकि विभाग द्वारा यह नहीं बताया गया है कि आरोपियों के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई हुई है.

उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय. (फोटो साभार: ट्विटर)

उत्तराखंड: आरटीआई कार्यकर्ता की मौत पर परिवार के हत्या का संदेह जताने के बाद एफआईआर दर्ज

उत्तराखंड के आरटीआई कार्यकर्ता चार दिसंबर को हरिद्वार में एक घर में मृत पाए गए थे. मृतक कार्यकर्ता ने 2013 में उत्तराखंड में करोड़ों रुपयों के छात्रवृत्ति घोटाले को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

(​फोटो साभार: विकिपीडिया)

आरटीआई कार्यकर्ताओं का सवाल, केंद्रीय सूचना आयोग में सभी रिक्त पदों पर क्यों नहीं हुईं नियुक्तियां

मौजूदा समय में केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष 37,000 से अधिक अपीलें और शिकायतें लंबित हैं. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष त्वरित सुनवाई के लिए दायर किए गए आवेदन के बाद हाल ही में मुख्य सूचना आयुक्त समेत तीन सूचना आयुक्तों की नियुक्तियां की गई हैं, जिसके बाद भी तीन पद अब भी रिक्त हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी पर किताब लिखने वाले पत्रकार को सूचना आयुक्त चुना गया, विपक्ष का कड़ा विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय चयन समिति द्वारा सूचना आयुक्त के तौर पर पत्रकार उदय महुरकर की नियुक्ति पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा है कि महुरकर ने इस पद के लिए आवेदन भी नहीं दिया था और वे ‘खुले तौर पर भाजपा के समर्थक’ हैं.

सीआईसी. (फोटो साभार: पीआईबी)

छह साल में पांचवीं बार केंद्रीय सूचना आयोग के अध्यक्ष का पद ख़ाली

साल 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से एक भी बार ऐसा नहीं हुआ है कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति में देरी न हुई हो. कई बार आरटीआई कार्यकर्ताओं को अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहारः आरटीआई कार्यकर्ता के नाबालिग बेटे को ज़मानत, पुलिस ने बालिग बताकर गिरफ़्तार किया था

बिहार के बक्सर ज़िले का मामला. एक आरटीआई कार्यकर्ता के 14 वर्षीय बेटे को बीते फरवरी में आर्म्स एक्ट के तहत पुलिस ने बालिग बताकर गिरफ़्तार किया था. अब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने उसे नाबालिग घोषित किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहारः धान खरीद का ब्योरा मांगा, तो नाबालिग बेटे को बालिग बताकर जेल में डाला-आरटीआई कार्यकर्ता

आरटीआई कार्यकर्ता के बेटे को फरवरी में गिरफ़्तार किया गया था. उनका कहना है कि उनकी आवाज़ दबाने के लिए ऐसा किया गया है. वहीं पुलिस का कहना है कि उसके पास से एक देसी पिस्तौल मिली थी, जिसके बाद उसे दो अन्य लोगों के साथ बक्सर जेल भेज दिया गया.

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत. (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: कांग्रेस ने राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए

महाराष्ट्र कांग्रेस का कहना है कि राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी बलदेव सिंह के ख़िलाफ़ पद के दुरुपयोग के आरोपों पर केंद्रीय सतर्कता आयोग की जांच लंबित होने के बावजूद बीते साल विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले उनकी नियुक्ति की गई.