Sanjay Raut

आदित्य ठाकरे बोले- बाग़ियों के लिए दरवाजे बंद, केंद्रीय मंत्री ने कहा- एमवीए सरकार 2-3 दिन चलेगी

महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन सरकार के घटक दल शिवसेना में मची अंदरूनी खींचतान के बीच केंद्र की भाजपा सरकार ने शिवसेना के 15 बाग़ी विधायकों को ‘वाय प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है, तो वहीं असम सरकार के भाजपाई मंत्रियों ने गुवाहाटी के होटल में बाग़ी विधायकों से मुलाक़ात की. 

महाराष्ट्रीय अस्मिता से अधिक बलशाली अब हिंदुत्व की पुकार है

भाजपा की फूहड़, हिंसक, बेहिस विभाजनकारी शासन नीति से अलग सभ्य, शालीन, ज़िम्मेदार शासन नीति और आचरण के लिए उद्धव ठाकरे की सरकार को याद किया जाएगा. कम से कम इस प्रयास के लिए कि एक अतीत के बावजूद सभ्यता का प्रयास किया जा सकता है.

महाराष्ट्र संकट: उद्धव ने कहा- सत्ता का लालच नहीं, शिंदे बोले- किसी राष्ट्रीय दल से संपर्क नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी पदाधिकारियों से बातचीत में कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास खाली किया है, लेकिन उनका दृढ़ संकल्प बरकरार है. उधर, पार्टी के बाग़ी विधायक एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को दिए बयान से पटलते हुए कहा कि कोई भी राष्ट्रीय दल उनके संपर्क में नहीं है.

महाराष्ट्र संकट: शिंदे का 46 विधायकों के समर्थन का दावा, ठाकरे मुख्यमंत्री पद छोड़ने तैयार

महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे असम के गुवाहाटी में समर्थक विधायकों के साथ एक होटल में ठहरे हैं. उनका दावा है कि उन्हें 46 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि खबरों के मुताबिक 34 विधायकों ने प्रस्ताव पारित करके उन्हें शिवसेना विधानसभा दल का नेता नियुक्त किया है. इस बीच, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि अगर बाग़ी विधायक मेरे सामने आकर कह दें कि मैं मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष के पदों को संभालने में सक्षम नहीं हूं तो तत्काल इस्तीफा दे दूंगा.

महाराष्ट्र में सियासी संकट, विधायकों के साथ गुजरात पहुंचे शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे

गुजरात के सूरत में एक होटल में कुछ विधायकों के साथ रह रहे मंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना ने विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है. वहीं, शिंदे ने बयान जारी करके कहा है कि वह कभी भी सत्ता के लिए धोखा नहीं देंगे और बाल ठाकरे से मिली सीख को नहीं छोड़ेंगे. इस बीच, महाराष्ट्र की एमवीए सरकार में सहयोगी एनसीपी के शरद पवार ने इसे भाजपा द्वारा सरकार गिराने की कोशिश क़रार दिया है.

राज्यसभा चुनाव परिणाम: चार राज्यों की 16 में से 8 सीटें भाजपा को मिलीं, कांग्रेस को पांच

संसद के उच्च सदन में 15 राज्यों की कुल 57 ख़ाली सीटों में से 41 पर बीते दिनों निर्विरोध उम्मीदवार चुन लिए गए थे. शेष चार राज्यों की 16 सीटों पर हुए मतदान में भाजपा को 8, कांग्रेस को 5, शिवसेना और एनसीपी को एक-एक सीट पर जीत मिली. हरियाणा में भाजपा के सहयोग से एक निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की.

महाराष्ट्रः जांच में ख़ुलासा- संजय राउत और एकनाथ खड़से के फोन 60 दिनों तक टैप किए गए

यह टैपिंग कथित तौर पर नवंबर 2019 में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनने से पहले उस समय हुई, जब भाजपा राज्य में सत्ता में थी. मामले की जांच एमवीए सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति के निष्कर्षों के परिणामस्वरूप हुई है. बताया गया है कि फोन टैपिंग का अनुरोध राज्य के इंटेलिजेंस विभाग द्वारा किया गया था.

Mumbai: NCP President Sharad Pawar gestures as he speaks during an exclusive interview with PTI, at his residence in Mumbai, Saturday, March 16, 2019. (PTI Photo) (Story No. BMM1) (PTI3_16_2019_000097B)

कश्मीरी पंडितों के पलायन के समय कांग्रेस की नहीं, वीपी सिंह की सरकार थी: शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ में दिखाया गया है कि उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, जबकि ऐसा नहीं है. यह बाद दोहराते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि उस समय कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और हत्याओं की भाजपा ने निंदा तक नहीं की थी.

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ राज्य के मंत्रियों का धरना

ईडी ने महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक कार्य मंत्री नवाब मलिक को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच के सिलसिले में बुधवार को गिरफ़्तार किया है. राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने दावा किया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को खामोश करने के लिए किया जा रहा है.

महाराष्ट्र: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने मंत्री नवाब मलिक को गिरफ़्तार किया

महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक को भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ़्तार किया गया है. एनसीपी और शिवसेना ने इसे केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा की गई ‘प्रतिशोध की कार्रवाई’ बताया है.

महाराष्ट्र: त्रिपुरा हिंसा के विरोध में हुई रैलियों पर पथराव के बाद हिंसा, अमरावती में कर्फ्यू

अमरावती में शुक्रवार को मुस्लिम संगठनों द्वारा त्रिपुरा हिंसा के ख़िलाफ़ आयोजित रैलियों के दौरान पथराव की घटनाएं हुईं. इसके विरोध में शनिवार को भाजपा द्वारा बंद बुलाया गया था, जिसमें जगह-जगह भीड़ ने पथराव किया. पुलिस ने बताया कि अमरावती में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेगी ताकि अफ़वाहों को फैलने से रोका जा सके.

शिवसेना ने मोहन डेलकर की पत्नी को दादरा एवं नागर हवेली लोकसभा उपचुनाव में उतारा

बीते 22 फरवरी को दादरा एवं नागर हवेली से 58 वर्षीय सांसद मोहन डेलकर का शव मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित एक होटल के कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला था. 15 पन्नों के एक सुसाइड नोट में उन्होंने कथित तौर पर केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक और कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के नाम लिखे थे.

महाराष्ट्र: भाजपा नेता राणे की गिरफ़्तारी का आदेश देने वाले मंत्री अनिल परब को ईडी का समन

शिवसेना ने कहा कि पार्टी इस मामले को क़ानूनी रूप से सुलझाएगी और संकेत दिया कि यह समन रत्नागिरी में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे की गिरफ़्तारी से संबंधित है. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं शिवसेना नेता अनिल परब इसी ज़िले के अभिभावक मंत्री हैं. उद्धव ठाकरे के क़रीबी माने जाने वाले परब पिछले हफ़्ते कैमरे पर राणे की गिरफ़्तारी का आदेश देते हुए क़ैद हो गए थे.

यह कहना बिल्कुल ग़लत कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुईः दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री

राज्यसभा में केंद्र की मोदी सरकार की ओर से बताया गया है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में क्सीजन की कमी के कारण लोगों की मौत की कोई ख़बर नहीं है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि केंद्र सरकार ने इस तरह की मौतों को लेकर कोई आंकड़ा नहीं मांगा था. दिल्ली सरकार ने इस तरह की मौतों का पता लगाने के लिए एक समिति का गठन किया था, लेकिन केंद्र ने उपराज्यपाल के ज़रिये इस समिति को भंग कर दिया.

महाराष्ट्र: शिवसेना विधायक ने उद्धव को पत्र लिखकर कहा- देर होने से पहले भाजपा से हाथ मिला लें

पिछले साल नवंबर में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक के महाराष्ट्र स्थित परिसरों पर छापेमारी भी की थी. उनका कहना है कि केंद्रीय एजेंसियां उन्हें बेवजह परेशान कर रही हैं. उन्होंने कहा कि वह बीते सात महीने से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि उन्हें राज्य सरकार से कोई समर्थन नहीं मिला है.