Sarguja

छत्तीसगढ़: हसदेव अरण्य में ‘ग़ैर-क़ानूनी’ खनन के ख़िलाफ़ आदिवासी कर रहे हैं 300 किमी पदयात्रा

सरगुजा ज़िले के अंबिकापुर में फतेहपुर से बीते तीन अक्टूबर को यह पैदल मार्च शुरू हुआ था. इसमें 30 गांवों के आदिवासी समुदायों के लगभग 350 लोग शामिल हैं, जो अपनी मांगों के साथ रायपुर में राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिलेंगे. ये ग्रामीण हसदेव अरण्य क्षेत्र में चल रही और प्रस्तावित कोयला खनन परियोजनाओं का यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि इससे राज्य के वन इकोसिस्टम को ख़तरा है.

विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री ने 41 कोयला खदानों में खनन की नीलामी प्रक्रिया शुरू की

मोदी सरकार के इस क़दम से देश का कोयला क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खुल जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत होना देश के कोयला क्षेत्र को ‘दशकों के लॉकडाउन’ से बाहर निकालने जैसा है. हालांकि इन कोयला खदानों के समीप रहने वाले लोगों ने कहा है कि इससे उनका अस्तित्व ख़तरे में पड़ जाएगा.

छत्तीसगढ़: हसदेव अरण्य में खनन शुरू करने के ख़िलाफ़ नौ सरपंचों ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी

हसदेव अरण्य क्षेत्र के सरपंचों ने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने के भाषण को याद दिलाते हुए कहा कि यहां का समुदाय पूर्णतया जंगल पर आश्रित है, जिसके विनाश से यहां के लोगों का पूरा अस्तित्व ख़तरे में पड़ जाएगा.

छत्तीसगढ़: कॉरपोरेट से जंगल और ज़मीन बचाने के लिए आदिवासियों की जद्दोजहद

बीते 14 अक्टूबर से राज्य के सरगुजा, सूरजपुर और कोरबा ज़िले के बीस से ज़्यादा गांवों के आदिवासी हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खदान खोले जाने के ख़िलाफ़ धरना दे रहे हैं. उनका आरोप है कि कोल ब्लॉक के लिए पेसा क़ानून और पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों की अनदेखी की गई है.

छत्तीसगढ़: चिटफंड धोखाधड़ी में रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह समेत 20 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है. शिकायत के अनुसार, रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और कांग्रेस नेता रमेश डाकलिया के साथ अनेकों बार जनता के सामने एक चिटफंड कंपनी का प्रचार-प्रसार किया था और लोगों को यकीन दिलाया कि यह कंपनी अभिषेक सिंह की है और सुरक्षित है.

छत्तीसगढ़: भाजपा सांसद के बेटे का पत्रकार और उसके परिवार पर हमला, ख़बर छापने से था नाराज़

सरगुजा ज़िले के जमगला गांव निवासी पत्रकार राजेश गुप्ता ने गांव में नल-जल योजना के तहत हो रहे काम पर ख़बर की थी जिससे नाराज़ भाजपा सांसद कमलभान सिंह के बेटे देवेंद्र सिंह ने उनके घर पर हमला कर दिया.