Septic Tank

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दिल्ली: नरेला में सीवर सफ़ाई के दौरान कर्मचारी की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

वीडियो: दिल्ली के नरेला में सीवर की सफ़ाई के दौरान बिजेंद्र की मौत हो जाती है. उस वक़्त बिजेंद्र डीडीए के सीवर की सफ़ाई कर रहे थे. बिजेंद्र के परिवार में अब बस उनकी तीन बेटियां ही रह गई हैं. अभी तक किसी प्रकार की सरकारी मदद उनकी बेटियों तक नहीं पहुंची है.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

गुजरात: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान ज़हरीली गैस से दम घुटने से दो की मौत

गुजरात के भरूच ज़िले का मामला है. तीन श्रमिक टैंक के अंदर द्रव से ठोस अपशिष्ट अलग कर रहे थे, तब यह घटना घटी. वे ज़हरीली गैस के कारण अचानक बेहोश हो गए.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगाल: मैनहोल की सफाई के दौरान चार मज़दूरों की मौत, तीन घायल

कोलकाता के कूधघाट इलाके में एक क्लब के पास ड्रेनेज सिस्टम के मरम्मत के दौरान यह घटना हुई. सात मज़दूर मेनहोल की सफाई के लिए उतरे थे. तीन घायल श्रमिकों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

Ghaziabad: Phoolu (45), a full-time worker shows his hands after cleaning a manhole, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Ghaziabad, Friday, May 01, 2020. Phoolu has a daughter and has been working since he was 10 years of age. He continues choicelessly to work inside sewer lines to earn a living amid this pandemic, exposing his body to added risk. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI01-05-2020_000090B)

मैला ढोने की प्रथा रोकने के लिए क़ानून बदलेगा, मशीन से सफाई कराना होगा अनिवार्य

विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर केंद्र ने सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सीवरों और सेप्टिक टैंकों की सफाई को लोगों द्वारा कराने से रोकना और मशीन से उनकी सफाई को बढ़ावा देना है.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान ज़हरीली गैस की चपेट में आने से दो मज़दूरों की मौत

यह घटना उत्तर पश्चिम दिल्ली के आज़ादपुर इलाके में हुई. पुलिस ने बताया कि मज़दूर सुरक्षा उपकरण नहीं पहने अंदर गए थे. फैक्टरी मालिक और ठेकेदार के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली में सफाई करने के दौरान सेप्टिक टैंक में गिरने पर दो लोगों की मौत

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में बदरपुर के मोलारबंद इलाके में हुआ हादसा. हादसे में बीमार हुए एक अन्य व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

हिमाचल प्रदेश: सेप्टिक टैंक में उतरे दो श्रमिकों की ज़हरीली गैस से मौत

घटना हमीरपुर ज़िले की है. दो श्रमिक कई दिनों से बंद शटरिंग खोलने के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे थे. कुछ देर बाद एक अन्य मज़दूर के अंदर झांककर देखने पर वे दोनों अचेत मिले. अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

झारखंडः सेप्टिक टैंक में ज़हरीली गैस के रिसाव से छह लोगों की मौत

झारखंड के देवघर का मामला. सेप्टिक टैंक की सफ़ाई के लिए दो मज़दूर टैंक में उतरे थे. उनके बाहर नहीं निकलने पर चार और लोग अंदर गए और बेहोश हो गए. बाद में उनकी भी मौत हो गई.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

झारखंड के गढ़वा में सेप्टिक टैंक की ज़हरीली गैस से तीन मज़दूरों की मौत

घटना गढ़वा शहर के पिपराकला इलाके का है. घटना से आक्रोशित लोगों ने मुआवज़े की मांग को लेकर सदर अस्पताल के सामने तीनों मज़दूरों के शव के साथ एनएच-75 को लगभग एक घंटे तक जाम कर दिया था.

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गुजरातः दो दिनों में छह मज़दूरों की मौत के बाद दो कारखानों को बंद करने के आदेश

बीते दो दिनों में अहमदाबाद के विशाल फैब्रिक्स में चार और श्री शक्ति केमिकल फैक्ट्री में दो मज़दूरों की ज़हरीली गैस के संपर्क में आने से मौत हो गई थी, जिसके बाद श्रम एवं रोजगार विभाग ने इन दोनों को बंद करने के आदेश दिए हैं.

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गुजरातः कपड़ा कारखाने में टैंक की सफाई के दौरान चार मज़दूरों की मौत

मामला अहमदाबाद का है, जहां एक फैब्रिक यूनिट में रासायनिक कचरे के टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से मज़दूरों की मौत हो गई. बताया गया है कि उन्हें बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में भेजा गया था.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

तमिलनाडु: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार युवकों की मौत, मकान मालिक के ख़िलाफ़ केस दर्ज

तमिलनाडु के तुथुकुडी ज़िले के एक गांव का मामला. मृतकों में से तीन पहले भी मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में काम किया था, लेकिन चौथे मृतक इसलिए काम पर गए थे, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी कारण उन्हें दिहाड़ी मज़दूरी का काम नहीं मिल पा रहा था.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे तीन मजदूरों की मौत

मामला महाराष्ट्र के पालघर का है. तीनों मृतकों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है. पुलिस ने बताया कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे.

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सीवर सफाई के दौरान तीन वर्षों में हुई 271 सफाईकर्मियों की मौत: केंद्र सरकार

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की ओर से सूचना के अधिकार के तहत प्रदान किए गए आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है.