UP Assembly Elections

यूपी: भाजपा की जीत का जश्न मनाने पर मुस्लिम युवक की हत्या का आरोप, पुलिस का इनकार

मामला कुशीनगर ज़िले का है, जहां 28 साल के बाबर अली को 20 मार्च को कथित तौर पर उनके पड़ोसियों ने बेरहमी से पीटा और छत से नीचे फेंक दिया था, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई. उनके परिजनों का कहना है कि बाबर को भाजपा का प्रचार करने और जीत का जश्न मनाने के चलते पीटा गया, वहीं पुलिस का कहना है कि मामला नाली को लेकर विवाद का था.

योगी आदित्यनाथ को ‘80-20’ की उम्मीद के उलट मिले ‘45-55’ के आंकड़े के क्या अर्थ हैं

भाजपा को यूपी में बहुमत तो ज़रूर मिला है लेकिन इसकी सहयोगी पार्टियों के वोट प्रतिशत जोड़ लेने पर भी यह केवल 45 प्रतिशत के करीब ही वोट पा सकी है. यह ध्यान में रखते हुए कि किस तरह से चुनाव में सांप्रदायिकता पर ज़ोर दिया गया, ऐसा कहना ग़लत नहीं होगा कि बचे हुए 55 प्रतिशत वोट भाजपा विरोधी थे.

उत्तर प्रदेश: जीत की ख़ुशी में क्या भाजपा मतदाताओं की नाराज़गी को नज़रअंदाज़ करेगी

क्या किसी सत्ता दल को मतदाताओं की नाराज़गी के आईने में अपनी शक्ल तभी देखनी चाहिए, जब वह उसे सत्तापक्ष से विपक्ष में ला पटके?

जीत जवाबदेही का नया संकेत, हमें जोश के साथ होश बनाए रखना है: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत पाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मतगणना के बारे में पिछले दो-तीन दिनों से जो भ्रामक प्रचार चलाए जा रहे थे उसे राज्य की जनता ने दरकिनार करते हुए भाजपा और सहयोगी दलों को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाया है.

‘ऐ महराज! राशन-पानी पर केहू वोट देला, हमार वोट फिक्स बा’

ग्राउंड रिपोर्ट: पूर्वांचल में मीडिया के एक तबके द्वारा बनाए गए ‘लाभार्थी नैरेटिव’ पर स्थानीय लोगों की बढ़ी हुई राजनीतिक चेतना हावी दिखती है. मीडिया में हो रही बहस के उलट ज़मीन पर तस्वीर कुछ अलग ही है.

यूपी: गोरखपुर क्षेत्र में क्या भाजपा अपना विजय रिकॉर्ड क़ायम रख पाएगी

गोरखपुर ज़िले में कुल नौ विधानसभा क्षेत्र- गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, कैंपियरगंज, सहजनवा, चौरीचौरा, बांसगांव, खजनी और चिल्लूपार आते हैं, जिनमें से आठ पर पिछले चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी. पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी सीट के साथ इन्हें भी बचाने की चुनौती है.

यूपी: चौरी चौरा में एक युवा और उनकी स्पेशल साइकिल बने सपा के ‘स्टार प्रचारक’

नवीं कक्षा में पढ़ने वाले मोहम्मद मेराज अहमद की स्पेशल साइकिल चुनावी मौसम में चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र में एक स्टार प्रचारक का दर्जा पा चुकी है. मेराज अपने गांव और आस-पास के क्षेत्रों में रोज़ इसे लेकर प्रचार को निकलते हैं.

क्या चुनावी संबोधनों में छुटभैये नेताओं और प्रधानमंत्री का स्तर समान हो गया है

बात सत्ता हासिल करने की हो, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी में बदल जाते हैं. हाल ही में किया गया उनका हमला समाजवादी पार्टी या साइकिलों पर नहीं, ख़ुद उनके पद की गरिमा पर है.

यूपी: भाजपा को वोट दे चुके कोरांव के इस यादव-बहुल गांव को अब सपा से उम्मीद है

ग्राउंड रिपोर्ट: इलाहाबाद की कोरांव विधानसभा में आने वाले सलैया कलां गांव में मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड का थर्मल प्लांट बनाने के लिए विस्थापित किए गए लोगों को बसाया गया था. बिजली, पानी और साफ़-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे इस गांव के रहवासियों का कहना है कि भाजपा ने उन्हें निराश किया है और अब वे सपा से उनकी समस्याएं दूर करने की आशा कर रहे हैं.

यूपी: इस चुनाव से क्या चाहते हैं इलाहाबाद के अल्पसंख्यक

इलाहाबाद के दक्षिणी और पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक आबादी अधिक है जो अमूमन निर्णायक भूमिका में रहती है. यहां युवाओं से लेकर महिलाओं तक का यही कहना है कि इस बार लड़ाई इज़्ज़त से ज़िंदा रहने और भय से मुक्ति की है.

उत्तर प्रदेश: भाजपा के साथ उतरी निषाद पार्टी कितनी कामयाब होगी

बीते कुछ चुनावों में अपनी जीत से सबको चौंका चुकी निषाद पार्टी को भाजपा ने पिछले चुनाव में हारी हुई नौ सीटों को जिताने की ज़िम्मेदारी दी है. गठबंधन में निषाद पार्टी को मिली 16 सीटों में से छह पर प्रत्याशी भाजपा के चुनाव चिह्न पर जबकि 10 प्रत्याशी निषाद पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं.

योगी सरकार में सबसे ज़्यादा ग़ुंडागर्दी हो रही है: शिवपाल यादव

वीडियो: उत्तर प्रदेश की राजनीति के एक प्रभावशाली नेता और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव सपा के टिकट पर क्यों चुनाव लड़ने जा रहे हैं? वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की नाराज़गी को कैसे दूर करेंगे और क्या हो सकते हैं चुनाव परिणाम? द वायर से उनकी बातचीत.

उत्तर प्रदेश चुनाव: क्या योगी आदित्यनाथ को उनके गढ़ में घेर सकेगा विपक्ष

गोरखपुर शहर सीट पर विपक्ष बेमन से चुनाव लड़ता रहा है. पिछले तीन दशक से सपा, कांग्रेस, बसपा के किसी भी नेता ने इस सीट को केंद्रित कर राजनीतिक कार्य नहीं किया, न ही इसे संघर्ष का क्षेत्र बनाया. हर चुनाव में इन दलों से नए प्रत्याशी आते रहे और चुनाव बाद गायब हो जाते रहे. इसी के चलते भाजपा यहां मज़बूत होती गई. 

उत्तर प्रदेश: योगी सरकार से नौकरियां मांगते युवा चुनावी तस्वीर में कहां हैं

चार जनवरी को इलाहाबाद में रहकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र अचानक सड़कों पर निकल आए और ताली-थाली पीटते हुए लंबित भर्तियों को भरने की मांग करने लगे. उनका कहना था कि वे रोज़गार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सोई हुई सरकार को नींद से जगाना चाहते हैं. 

उत्तर प्रदेश चुनाव: योगी आदित्यनाथ की अयोध्या से हिजरत के मायने क्या हैं

उत्तर प्रदेश भाजपा में विधानसभा चुनाव के सिलसिले में जो कुछ भी ‘अघटनीय’ घट रहा है, वह दरअसल उसके दो नायकों द्वारा प्रायोजित हिंदुत्व के दो अलग-अलग दिखने वाले रूपों का ही संघर्ष है. योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से दूर किए जाने से साफ है कि अभी तक प्रदेश में योगी की आक्रामकता से मात खाता आ रहा मोदी प्रायोजित हिंदुत्व अब खुलकर खेलने की तैयारी कर रहा है.