violence

Screen Shot 2017-06-05 at 7.22.08 PM

स्त्री योनि पर हिंसा को लालायित बीमार मर्दवादी बाज़ार

एक ऐशट्रे है, जिस पर एक निर्वस्त्र स्त्री की आकृति बनी हुई है, इस पर जलती हुई सिगरेट बुझाई जाएगी. क्या यह मानसिकता किसी भी तरीक़े से उस मानसिकता से कम है, जब बलात्कार करके, बलात्कारी उस लड़की की योनि में कांच, पत्थर डाल देते हैं?

The Union Home Minister, Shri Rajnath Singh paying tributes to the martyred CRPF personnel, in Raipur, Chhattisgarh on April 25, 2017.
The Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh and the Minister of State for Home Affairs, Shri Hansraj Gangaram Ahir are also seen.

माओवादियों की 50 साल की हिंसक राजनीति से क्या हासिल हुआ?

बस्तर में चलने वाले नक्सल राज की खूनी कहानी हर गांव में आपको सुनने को मिलेगी. बंदूक और हिंसा की राजनीति का नतीजा यह हुआ है कि शांतिपूर्ण जीवन के आदी आदिवासियों का जीवन बिखर चुका है.

Yogi Adityanath PTI

क्या भय और पक्षपात के बिना न्याय कर पाएंगे आदित्यनाथ?

सहारनपुर और फतेहपुर की हिंसा अगर पिछली सरकार के दौर में हुई होती, तो भाजपा समाजवादी पार्टी के खिलाफ ‘गुंडाराज’ का आरोप लगाते हुए आसमान सिर पर उठा चुकी होती.

बवाल के बाद उपद्रियों को नियंत्रित करने की कोशिश करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

सहारनपुर हिंसा: भाजपा सांसद, विधायकों व पदाधिकारियों समेत 400 पर केस दर्ज

सहारनपुर के सड़क दूधली गांव में गुरुवार को प्रतिबंध के बावजूद निकाली गई आंबेडकर शोभायात्रा के दौरान जमकर हुई थी हिंसा.

बवाल के बाद उपद्रियों को नियंत्रित करने की कोशिश करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

सहारनपुर में आंबेडकर यात्रा के दौरान उपद्रव, सांसद और एसएसपी समेत कई घायल

सहारनपुर के सड़क दूधली गांव में इजाज़त नहीं होने के बावजूद निकाली शोभायात्रा, एक समुदाय की ओर से पथराव के बाद जमकर उपद्रव हुआ.

(फाइल फोटो: शोम बसु/द वायर)

पैलेट गन की जगह अन्य विकल्पोंं पर विचार करे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह जम्मू कश्मीर में पथराव करने वाली भीड़ से निपटने के लिए पैलेट गनों की बजाय अन्य प्रभावी तरीकों का प्रयोग करे क्योंंकि यह ज़िंदगी और मौत का मामला है.

hansal mehta

‘भंसाली के साथ वही हुआ जो सत्रह साल पहले मेरे साथ हुआ था’

मैं इस सिस्टम से नाराज हूं. मुझे इस पर गुस्सा है क्योंकि ये सिर्फ दिखावा करता है कि इसे हमारी फिक्र है पर असलियत इसके उलट है.