केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि 2019 और 2023 के बीच पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स के 46,930 कर्मियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) का विकल्प चुना. इनमें सबसे अधिक संख्या (21,860) बीएसएफ कर्मियों की थी.
भारतीय रेलवे की ओर से कहा गया है कि अधिकारी को अधिकारियों को बर्ख़ास्त करने के अलावा अलावा 139 अधिकारियों पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए दबाव डाला जा रहा है, जबकि 38 को हटा दिया गया है.
बीते पांच जुलाई को जारी शासनादेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी विभागों को 31 जुलाई तक ऐसे कर्मचारियों की स्क्रीनिंग का काम पूरा कर 15 अगस्त तक इसकी सूचना कार्मिक विभाग को देने को कहा गया है.
वीआरएस योजना उन स्थायी कर्मचारियों के लिए है, जो बैंक में 25 साल काम कर चुके हैं या जिनकी उम्र 55 साल है. स्टेट बैंक के अनुसार, अनुमानित पात्र लोगों में से यदि 30 प्रतिशत ने भी वीआरएस लिया, तो जुलाई के वेतनमान के हिसाब से बैंक को 16 हज़ार करोड़ रुपये की बचत होगी. बैंक यूनियन योजना के ख़िलाफ़ है.