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2019 के एनएसओ मालवेयर अटैक के 1,400 प्रभावितों में सरकारी अधिकारी शामिल थे: वॉट्सऐप सीईओ

वॉट्सऐप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विल कैथकार्ट ने कहा है कि उन्हें 2019 में वॉट्सऐप यूज़र्स पर हुए हमले और लीक डेटा के आधार पर पेगासस प्रोजेक्ट की रिपोर्टिंग में समानता दिखती है. 2019 में वॉट्सऐप यूज़र्स पर हुए पेगासस हमले को लेकर फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने एनएसओ ग्रुप पर मुक़दमा किया है.

नए आईटी नियम: वॉट्सऐप ने एक महीने में 20 लाख भारतीय खातों पर रोक लगाई

मैसेजिंग सेवा कंपनी वॉट्सऐप ने नए आईटी नियमों के तहत अपनी पहली मासिक अनुपालन रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा है कि इस साल 15 मई से 15 जून के बीच उसे शिकायत की 345 रिपोर्ट मिली. नए नियमों के तहत 50 लाख से ज़्यादा उपयोगकर्ताओं वाले प्रमुख डिजिटल मंचों के लिए हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना आवश्यक है. इसमें इन मंचों के लिए उन्हें मिलने वाली शिकायतों और उन पर की जाने वाली कार्रवाई का उल्लेख करना ज़रूरी है.

डेटा संरक्षण विधेयक जब तक क़ानून का रूप नहीं लेता, नई निजता नीति लागू नहीं करेंगे: वॉट्सऐप

निजी डेटा संरक्षण विधेयक सरकार और निजी कंपनियों द्वारा किसी भी व्यक्ति के डेटा के इस्तेमाल के नियमन से जुड़ा है. इस विधेयक की जांच करने वाली संसद की संयुक्त समिति को रिपोर्ट देने के लिए मानसून सत्र तक का वक़्त​ दिया गया है. वॉट्सऐप ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि निजता नीति (प्राइवेसी पॉलिसी) पर अभी रोक लगा दी गई है तथा संसद के अनुमति देने पर ही इसे लागू किया जाएगा.

स्कूलों में डिजिटल शिक्षा का हाल-बेहाल, 2019-20 में महज़ 22 फीसदी स्कूलों में इंटरनेटः रिपोर्ट

एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली प्लस द्वारा देशभर के 15 लाख स्कूलों पर अकादमिक वर्ष 2019-20 के लिए किए गए सर्वे से पता चला कि 12 फीसदी से भी कम सरकारी स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा थी और 30 फीसदी से भी कम स्कूलों में संचालित कंप्यूटर थे.

संसदीय समिति ने कहा, नए आईटी क़ानून और अदालती आदेशों का पालन करें फेसबुक और गूगल

संसदीय समिति की बैठक का एजेंडा नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और सोशल मीडिया/ऑनलाइन समाचार मीडिया मंचों के दुरुपयोग को रोकना था. फेसबुक और गूगल के प्रतिनिधियों से कहा गया है कि उनकी मौजूदा डेटा सुरक्षा एवं निजता संबंधी नीति में खामियां हैं और उन्हें अपने उपयोक्ताओं के डेटा की निजता और सुरक्षा के लिए कड़े मानक तय करने होंगे.

ट्विटर ने कहा, भारत के लिए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है

सरकार ने कुछ दिन पूर्व ट्विटर को दिए एक नोटिस में कहा था कि उसे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून संबंधी नए नियमों के अनुपालन का आख़िरी मौका दिया जाता है. उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है. अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आईटी क़ानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा.

सरकार ने ट्विटर को नए आईटी नियमों के अनुपालन के लिए ‘आख़िरी मौका’ दिया

सरकार की ओर से आगाह किया गया है कि यदि ट्विटर आईटी नियमों का अनुपालन करने में विफल रहती है तो आईटी एक्ट और अन्य दंडात्मक कानूनों के अनुसार उसे परिणाम का सामना करना पड़ेगा. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि ट्विटर द्वारा इन नियमों के अनुपालन से इनकार से पता चलता है कि उसमें प्रतिबद्धता की कमी है.

कोविड-19: ये बताने की कोशिश जारी है कि लोगों ने जो त्रासदी झेली उसमें सरकार का कोई दोष नहीं

वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी के माध्यम से ये बताया जा रहा है कि ये वैश्विक महामारी है और हर देश प्रभावित है, इसलिए मोदी जी बेचारे क्या कर सकते हैं. इस नरेटिव से सरकार की नाकामी पर पर्दा डालने का प्रयास जारी है, जबकि सच्चाई यह है कि दुनिया में कोविड के दूसरे लहर का सबसे ज़्यादा असर भारत पर ही पड़ा है. जिस देश का जन स्वास्थ्य तंत्र सुदृढ़ है, वहां इसका असर अपेक्षाकृत कम हुआ.

डिजिटल मीडिया पर सरकार का हमला नरेंद्र मोदी के डर को दिखाता है

दिग्गज सोशल मीडिया मंचों और ऑनलाइन न्यूज़ मीडिया के साथ नये नियमों को लेकर विवादास्पद बहस ऐसे मौके पर हो रही है जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर सामने आई अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं. ऐसे में आलोचनाओं के दमन में लगी सरकार ने टेक कंपनियों से दो-दो हाथ कर खु़ुद को अपने ही बुने चक्रव्यूह में फंसा लिया है.

नए डिजिटल नियमों के तहत ट्विटर को छोड़ गूगल, फेसबुक, वॉट्सऐप ने सरकार से ब्योरा साझा किया

टि्वटर ने अब तक आईटी मंत्रालय को उसके मुख्य अनुपालन अधिकारी का ब्योरा नहीं दिया है. हालांकि उसने नोडल संपर्क और शिकायत अधिकारी के तौर पर एक विधि कंपनी के वकील का नाम दिया है. नए नियमों के तहत यह व्यक्ति सोशल मीडिया कंपनी का कर्मचारी होना चाहिए, जो भारत में कार्यरत हो.

वॉट्सऐप ने मोदी सरकार पर मुक़दमा किया, कहा- नए मीडिया नियम ख़त्म कर देंगे प्राइवेसी

वॉट्सऐप का कहना है कि नए सोशल मीडिया नियम भारत के संविधान में दिए गोपनीयता के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं. कंपनी के इस मुक़दमे ने मोदी सरकार और फेसबुक, गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट और ट्विटर जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनियों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है.

यूपी-बिहार की क़ानून-व्यवस्था पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले क्लर्क को निलंबित किया गया

मामला गाज़ियाबाद का है, जहां राजस्व विभाग के एक लिपिक ने वॉट्सऐप स्टेटस पर उत्तर प्रदेश और बिहार में ‘जंगल राज’ होने का आरोप लगाते हुए लिखा था कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने पूर्ववर्ती केआर नारायणन की तरह ठोस फैसले क्यों नहीं ले रहे हैं. ज़िला प्रशासन ने उनके ख़िलाफ़ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं.

सरकार ने वॉट्सऐप को नई निजता नीति वापस लेने का निर्देश दिया

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 18 मई को कंपनी को एक पत्र लिखकर कहा कि सात दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर क़ानून के अनुरूप ज़रूरी क़दम उठाए जाएंगे. पत्र में वॉट्सऐप का इस बात की तरफ ध्यान दिलाया कि किस तरह उसकी निजता नीति मौजूदा भारतीय क़ानूनों और नियमों के कई प्रावधानों का उल्लंघन करती है.

वॉट्सऐप ने निजता नीति शर्तों से जुड़ा अपना फैसला वापस लिया

फेसबुक के स्वामित्व वाले सोशल नेटवर्किंग मंच वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने हालांकि ये साफ़ नहीं किया कि कंपनी ने किन कारणों से अपने रुख़ में बदलाव किया है. वॉट्सऐप ने जनवरी में अपनी नई निजता नीति को 8 फरवरी से लागू करने की घोषणा की थी, जिसे दुनियाभर में कड़ी आलोचना के बाद 15 मई तक टाल दिया गया था.

वॉट्सऐप ग्रुप में भेजे गए आपत्तिजनक मैसेज के लिए एडमिन ज़िम्मेदार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

कोर्ट ने वॉट्सऐप ग्रुप के एक एडमिन के ख़िलाफ़ दर्ज एफआईआर ख़ारिज की, जिसमें आरोप था कि एक मेंबर द्वारा महिला पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. अदालत ने कहा कि महज़ एडमिन होने मात्र से ये साबित नहीं होता है कि मैसेज में उनकी सहमति शामिल थी.