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अन्न योजना का विस्तार, 80 करोड़ से अधिक लोगों को नवंबर तक मिलेगा मुफ़्त राशन: नरेंद्र मोदी

कोविड-19 के मद्देनज़र लगे लॉकडाउन के बाद अप्रैल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत की गई थी. मंगलवार को इसके विस्तार की घोषणा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि अब देश में ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ व्यवस्था भी लागू होने वाली है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

नयी दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ऐलान किया कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ का विस्तार नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को और पांच महीनों तक मुफ्त राशन मिलेगा.

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस योजना के विस्तार में 90,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे. अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दिया जाए तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये हो जाता है.’

उन्होंने देशवासियों से अनलॉक-2 में लापरवाही न बरतने की अपील करते हुए कहा कि सभी एहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा और हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन-रात एक कर दिया जाएगा.

कोविड-19 के फैलाव को रोकने के मकसद से देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद अप्रैल महीने में इस अन्न योजना की शुरूआत की गई थी.

मोदी ने कहा कि जुलाई महीने से त्योहारों की शुरुआत का माहौल बनने लगता है और इसके साथ ही लोगों की जरूरतें और खर्चे दोनों ही बढ़ जाते हैं.

उन्होंने कहा, ‘इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक यानी नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए.’

उन्होंने कहा कि देश के 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त अनाज देने वाली यह योजना अब नवंबर तक लागू रहेगी.

इस दौरान सरकार 80 करोड़ से ज्यादा गरीब भाई-बहनों को परिवार के हर सदस्य को हर महीने पांच किलो गेहूं या पांच किलो चावल मुफ्त मुहैया करायेगी.

उन्होंने कहा कि साथ ही प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा.

मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने 16 मिनट के संबोधन में कहा कि अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है यानी एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड.

उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोजगार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गांव छोड़कर कहीं और जाते हैं, किसी और राज्य में जाते हैं.

कोरोना महामारी के संकट की शुरुआत के बाद यह छठा मौका था, जब प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया.

निशुल्क राशन योजना की महत्ता का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘यदि एक तरह से देखा जाए तो भारत सरकार ने अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को और यूरोपीय संघ की आबादी से लगभग दोगुने से ज्यादा लोगों को मुफ्त अनाज दिया है.’

मोदी ने लॉकडाउन के दौरान सरकार की ओर से गरीबों के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की कोशिश यही रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले.

उन्होंने कहा, ‘देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से संवेदनशीलता से फैसले लेने से, किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है. इसलिए लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई. इस योजना के तहत गरीबों के लिए पौने दो लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया.’

उन्होंने कहा कि इसके अलावा पिछले तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31,000 करोड़ रुपये जमा करवाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि इस दौरान नौ करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये जमा हुए. गांवों में श्रमिकों को रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान तेज गति से शुरू कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि इस पर सरकार 50,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है.

मोदी ने कहा, ‘आज सरकार गरीब और जरूरतमंद को मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय देश के मेहनती किसानों और देश के ईमानदार करदाताओं को जाता है. आपका परिश्रम, आपका समर्पण ही है, जिसकी वजह से देश ये मदद कर पा रहा है. मैं आज हर गरीब के साथ ही, देश के हर किसान, हर करदाता का ह्रदय से बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में अपने प्रयासों को और तेज करना होगा ताकि गरीब, पीड़ित, शोषित-वंचित हर किसी को सशक्त किया जा सके.

उन्होंने कहा, ‘हम सारी एहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाएंगे. हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन रात एक करेंगे. हम सब लोकल के लिए वोकल होंगे. इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को मिल-जुलकर के, संकल्प के साथ काम भी करना है, आगे भी बढ़ना है.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि समय रहते लॉकडाउन लागू होने व अन्य फैसलों के चलते भारत कई लोगों की जान बचा सका लेकिन अनलॉक-1 शुरू होने के बाद लोगों में लापरवाही बढ़ी है.

प्रधानमंत्री ने हर किसी को स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा. उन्होंने कहा कि गांव के प्रधान हों या प्रधानमंत्री, कोई भी कानून से ऊपर नहीं हैं.

उन्होंने कहा, ‘आपसे आग्रह भी करता हूं, आप सभी स्वस्थ रहिए. दो गज की दूरी का पालन करते रहिए. गमछा , फेस कवर, मास्क ये हमेशा उपयोग कीजिये, कोई लापरवाही मत बरतिए.’

यह संभावना जताई जा रही है कि इस घोषणा से बिहार के सत्ताधारी भाजपा-जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) गठबंधन सरकार को लाभ मिलेगा. बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं.