बदरू के शव को देखकर विलाप करती हुई उनकी पत्नी. (सभी फोटो: सुकन्या शांता)

छत्तीसगढ़: बस्तर के एक सुदूर गांव में इंसाफ की आस में रखा है एक शव

दंतेवाड़ा और बीजापुर ज़िले के पहाड़ी सिरे पर बसे गामपुर के नौजवान बदरू माडवी को बीते साल जन मिलिशिया कमांडर बताते हुए एनकाउंटर करने का दावा किया गया था. बदरू के परिजनों और ग्रामीणों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए न्याय की लड़ाई के प्रतीक के तौर पर उनका शव संरक्षित करके रखा हुआ है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी. (फोटो: द वायर)

कोविड संकट के लिए ‘सिस्टम’ नहीं, मोदी का इसे व्यवस्थित रूप से बर्बाद करना दोषी है: अरुण शौरी

साक्षात्कार: पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने द वायर से बात करते हुए देश के कोविड संकट के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार लोगों को उनके हाल पर छोड़ चुकी है, ऐसे में अपनी सुरक्षा करें और एक दूसरे का ख़याल रखें.

सदानंद गौड़ा. (फोटो साभार: फेसबुक)

टीके की अनुपलब्धता पर क्या हमें ख़ुद को फांसी पर लटका लेना चाहिए: केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा

केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा का यह बयान कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा राज्य में टीकाकरण की धीमी गति को लेकर राज्य और केंद्र सरकार की खिंचाई के बाद उनका यह बयान आया है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि कर्नाटक 18-44 आयु वर्ग के टीकाकरण को रोक रहा है, ताकि 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर को दूसरी खुराक दी जा सके.

Family members of Vijay Raju, who died due to the coronavirus disease (COVID-19), mourn before his cremation at a crematorium ground in Giddenahalli village on the outskirts of Bengaluru, India, May 13, 2021. REUTERS/Samuel Rajkumar

कोविड-19: एक दिन में संक्रमण के 343,144 नए मामले दर्ज और 4,000 लोगों की मौत

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की आंकड़ा बढ़कर 24,046,809 हो गया हैं, जबकि मृतक संख्या बढ़कर 262,317 हो गई है. ये लगातार 22वां दिन है, जब देश में बीते एक दिन में तीन लाख से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं. विश्व में संक्रमण के 16.11 करोड़ से ज़्यादा मामले सामने आए हैं, जबकि 33.44 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

कोविशील्ड. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविशील्ड टीके की दो डोज़ के बीच का समय 6-8 सप्ताह बढ़ाकर 12-16 हफ़्ता किया गया: सरकार

पिछले कुछ महीनों में दूसरी बार ऐसा हुआ है, जब कोविशील्ड टीके की दो डोज के बीच का समयांतर बढ़ाया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मार्च में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा था कि वह दो डोज के बीच समयांतर को 28 दिनों से बढ़ाकर 6 से 8 सप्ताह तक कर दें. कोवैक्सीन के दो डोज के बीच के समय में बदलाव नहीं किया गया है.

Kamrup: People to check their names on the final list of the Nation Register of Citizens (NRC), in Kamrup, Saturday, Aug 31, 2009. (PTI Photo)

असम एनआरसी के पुनर्सत्यापन के लिए कोऑर्डिनेटर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया

असम एनआरसी के समन्वयक हितेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर कर दावा किया है कि एनआरसी अपडेट करने की प्रक्रिया में कई गंभीर, मौलिक और महत्वपूर्ण त्रुटियां सामने आई हैं, इसलिए इसके पुन: सत्यापन की आवश्यकता है. सत्यापन का कार्य संबंधित ज़िलों में निगरानी समिति की देखरेख में किया जाना चाहिए.

(फोटो: पीटीआई)

गोवा: शीर्ष सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन का दबाव कम होने से पंद्रह और लोगों की जान गई

बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा अधिकारियों को ऑक्सीजन की कमी से मरीज़ों की मौत न होने की बात सुनिश्चित करने के निर्देश के एक दिन बाद गोवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन का दबाव कम होने के चलते पंद्रह मरीज़ों की जान चली गई. इससे पहले यहां कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी या ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा के चलते 48 घंटे में 47 कोरोना मरीज़ों की मौत हुई थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

पर्याप्त टीका नहीं और आप लोगों को परेशान करने वाले कॉलर ट्यून में टीका लगवाने को कह रहे: कोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि सरकार को नया सोचने की ज़रूरत है. एक ही संदेश बजाने की जगह अलग-अलग संदेश तैयार करने चाहिए. अदालत ने कहा कि टीवी प्रस्तोता और निर्माताओं से लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम बनाने और अमिताभ बच्चन जैसे लोकप्रिय लोगों से इसमें मदद करने को कहा जा सकता है.

Vaccination The Wire

दिल्ली के एक वैक्सीनेशन सेंटर पर एक दिन का अनुभव

वीडियो: देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर जारी है. इस बीच केंद्र सरकार ने एक मई से 18 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए कोविड ​टीकाकरण शुरू क​र दिया है. हालाकि तमाम राज्यों ने वैक्सीन की कमी होने की बात की है. द वायर ने दिल्ली के वैक्सीनेशन सेंटर जाकर वहां का हाल जाना और लोगों से बात की.

(फोटो: पीटीआई)

प्रवासी कामगारों के लिए सामुदायिक रसोई, खाद्यान्न और परिवहन की व्यवस्था करें सरकारें: अदालत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खाद्यान्न देते हुए प्रशासन उन प्रवासी कामगारों को पहचान पत्र दिखाने पर ज़ोर न दे, जिनके पास फ़िलहाल दस्तावेज़ नहीं हैं. पीठ ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारों को यह निर्देश भी दिया कि वे कोविड-19 के कारण फंसे प्रवासी कामगारों में से जो घर जाना चाहते हैं, उनके लिए परिवहन की समुचित व्यवस्था करें.

राहुल गांधी और सोनिया गांधी. (फोटो: पीटीआई)

क्या गांधी परिवार कांग्रेस अध्यक्ष पद से दूर रह सकता है…

गांधी परिवार मौजूदा स्थिति में कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ना नहीं चाहता क्योंकि राजनीतिक रूप से यह परिवार बहुत कमज़ोर स्थिति में हैं और अगर इस वक़्त पार्टी हाथ से निकल गई, तो इसके परिणाम दूरगामी होंगे.

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हमारा संविधान: अनुच्छेद 15 (5) और 15 (6); मराठा आरक्षण, ईडब्ल्यूएस और संस्थानों में आरक्षण

वीडियो: संविधान में संशोधन के द्वारा अनुच्छेद 15(5) और 15(6) को जोड़ा गया है, जिनमें सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े वर्गों के लिए ग़ैर सहायता प्राप्त स्कूल और कॉलेजों में और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए वर्ग के लिए आरक्षण की बात कही गई है.

Mumbai: A medic administers the first dose of Covishield vaccine to 87-year-old Dr. Asha Singhal, after the virtual launch of COVID-19 vaccination drive by Prime Minister Narendra Modi, at South Mumbai Nair Hospital in Mumbai, Saturday, Jan. 16, 2021. (PTI Photo)(PTI01 16 2021 000138B)(PTI01 16 2021 000224B)

घर-घर जाकर टीकाकरण से बचाई जा सकती थी अनेक लोगों की जान: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि जब टीकाकरण केंद्रों पर जाने में असमर्थ वरिष्ठ नागरिकों के जीवन का सवाल है, तो घर-घर जाकर टीकाकरण का कार्यक्रम क्यों शुरू नहीं किया जाता? इसके अलावा अदालत ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका से यह जानना चाहा कि बेघर लोगों, भिखारियों और सड़कों पर रह रहे लोगों के टीकाकरण के लिए उसकी क्या योजना है?

अमेरिका के न्यूजर्सी में निर्माणाधीन हिंदू मंदिर. (फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका: मंदिर निर्माण के लिए दलितों से बंधुआ मज़दूरी कराने और मानव तस्करी का आरोप

अमेरिका के न्यूजर्सी में स्थित स्वामी नारायण मंदिर का मामला. भारतीय श्रमिकों के एक समूह ने आरोप लगाया कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया और मंदिर निर्माण के लिए प्रति घंटा क़रीब एक डॉलर पर काम करने के लिए मजबूर किया गया. हालांकि मंदिर प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है.

सेंट्रल विस्टा निर्माण स्थल पर लगा फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग निषेध का बोर्ड. (फोटो: पीटीआई)

आलोचना के बीच सेंट्रल विस्टा निर्माण स्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध

कोविड-19 महामारी से जूझ रहे दिल्ली में पांबदियों के बीच सेंट्रल विस्टा परियोजना का निर्माण कार्य जारी रखने की वजह से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार विपक्ष की आलोचनाओं के केंद्र में है. इतना ही नहीं सरकार ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इस परियोजना को ‘आवश्यक सेवाओं’ की श्रेणी में सूचीबद्ध कर दिया है.