एक औरत अपने परिवार और समाज की महज़ एक जायदाद है, उससे ज़्यादा कुछ नहीं है- एक ऐसी 'ट्रॉफ़ी' जो उनकी इज़्ज़त की निशानी है. इस 'इज़्ज़त' की हिफ़ाज़त के नाम पर उसकी अपनी इच्छाओं, उसकी अपनी पसंद और उसकी अपनी ख़ुशियों की बलि चढ़ाई जा सकती है. और, कभी-कभी तो उसकी जान की भी.
दिल्ली में आयोजित पीपुल्स ट्रिब्यूनल में देश भर में ईसाइयों पर हो रहे हमले- पूजा स्थलों, पादरियों पर हमलों, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार, दफनाने के अधिकार से वंचित किए जाने, गांवों से निष्कासन पर चिंता ज़ाहिर की. वक्ताओं का यह भी मानना था कि हाल के दशकों में हुए न्यायिक और विधायी घटनाक्रम कई मामलों में कमज़ोर अल्पसंख्यकों को पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल विवाह हो जाने के आधार पर किसी बेटी को अनुकंपा नियुक्ति या उससे जुड़े लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता. शीर्ष अदालत ने अनुकंपा आवंटन के लिए 'परिवार' की परिभाषा से विवाहित बेटियों को बाहर रखने को असंवैधानिक बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को निरस्त कर दिया, जिसमें विवाहित बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने से इनकार किया गया था.
ट्रांस संशोधन क़ानून ट्रांस अधिकारों की सुरक्षा के नाम पर ‘वास्तविक पीड़ित’ ट्रांस लोगों की एक नई श्रेणी बनाता है. हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह क़ानून ट्रांस पहचान को संकीर्ण जैविक और सामाजिक-सांस्कृतिक दायरों में बांधते हुए निगरानी, अपराधीकरण और राज्य नियंत्रण को वैधता देता है.
पंजाब के लुधियाना की एक फैक्ट्री में सीवेज टैंक की सफाई के दौरान कथित तौर पर ज़हरीली गैस के संपर्क में आने से पिता-पुत्र समेत तीन मज़दूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस हादसे के बाद परिवार ने फैक्ट्री मैनेजमेंट पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. बताया गया है कि पुलिस को भी हादसे की सूचना फैक्ट्री द्वारा नहीं मिली बल्कि काफी देर से किसी समाजसेवी द्वारा दी गई.
उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में शुक्रवार रात को आए तेज़ आंधी-तूफान और बारिश में 21 लोगों की मौत की ख़बर सामने आई है. कई जगह बिजली और रेल की सुविधाओं में भी व्यवधान देखा गया. इससे पहले मई महीने में उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बिजली कड़कने और भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि के चलते कम से कम 111 लोगों की मौत हो गई थी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोहत्या मामले में शामली के रहने वाले आरोपी दो व्यक्तियों की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनते हुए कहा कि कथित घटना के संबंध में राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका), 1980 के तहत जारी हिरासत आदेश अवैध है, क्योंकि इस घटना से किसी तरह की क़ानून व्यवस्था या सार्वजनिक शांति भंग नहीं हुई; न ही इसका असर सांप्रदायिक सौहार्द पर पड़ा. ऐसे में रासुका के तहत हिरासत का आदेश सही नहीं है.
आरएसएस से जुड़े जनजातीय सुरक्षा मंच के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर कहा कि जो आदिवासी धर्मांतरण के बाद अपनी पारंपरिक जनजातीय आस्था, रीति-रिवाज और जीवन-पद्धति छोड़ चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजातियों के लिए निर्धारित आरक्षण और अन्य लाभ नहीं मिलने चाहिए.
मुंबई के मीरा रोड स्थित रिहायशी इलाके में बकरीद की तैयारियों को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश के तहत ईद की कुर्बानी से पहले सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी द्वारा निर्धारित जगह पर बकरे रखने के विरोध में हिंदुत्ववादी समूह सुअर लेकर पहुंचे. इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें अफ़रातफ़री के बीच पुलिस, पत्रकारों और लोगों की भीड़ को देखा जा सकता है.
पिछले बारह वर्षों से देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा-शासित कई राज्य सरकारों ने न केवल धर्म परिवर्तन विरोधी क़ानूनों को अधिक कठोर बनाया है, बल्कि इन क़ानूनों को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया है, ताकि मुस्लिम पुरुषों और हिंदू महिलाओं के बीच होने वाली शादियों- और यहां तक कि लिव-इन संबंधों-को प्रभावी ढंग से हतोत्साहित कर उन्हें अपराध की श्रेणी में रखा जा सके.
उत्तराखंड में एक मुस्लिम वृद्ध को प्रताड़ित कर रही हिंदुत्ववादी भीड़ के सामने खड़े हुए कोटद्वार के दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक ने एक अख़बार को बताया कि उनका जिम बंद होने के हाल में है. विवाद के बाद जिम की सदस्यता कम होने के चलते आर्थिक संकट पेश आया और वे किराया नहीं सके. दीपक का आरोप है कि उनके मकान मालिक ने उनसे कहा कि वह मुसलमानों के लिए खड़े होने वाले को अपनी जगह किराए पर नहीं
रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम को फिर से 30 दिन की पैरोल पर रिहा कर दिया है. इस साल में यह दूसरी बार है जब राज्य सरकार ने डेरा प्रमुख को पैरोल पर रिहा किया है. इससे पहले जनवरी में सरकार ने उन्हें 40 दिन की पैरोल दी थी. मालूम हो कि यह 2020 के बाद से जेल से उनकी 16वीं अस्थायी रिहाई है.
पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को ‘संदिग्ध अवैध विदेशियों’ के लिए होल्डिंग सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया है. आदेश में विशेष रूप से बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या लोगों का उल्लेख किया गया है. बताया गया है कि यह कदम गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत उठाया जा रहा है.
आकृति, सृष्टि, आदित्य, रूपेश, सत्यम ख़ुद मज़दूर नहीं, वे भारतीय संविधान की प्रस्तावना वाले भारत के लोग हैं. भारत में अगर किसी तबके को आज़ादी, बराबरी और इंसाफ़ में कमी का अहसास हो और अगर वे आवाज़ उठाएं तो बाक़ी लोगों के कान ऐसे हों कि उनकी आवाज़ सुन सकें. सिर्फ़ सुनें नहीं, उनकी आवाज़ में अपनी आवाज़ भी मिलाएं. इसी संवैधानिक संवेदना और सहानुभूति के ज़रिए भारतीयता का निर्माण होता है.
दिल्ली की भाजपा सरकार ने बकरीद के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. दिल्ली में पशु कल्याण और सार्वजनिक स्वच्छता सुनिश्चित करने का हवाला देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध की अनुमति नहीं है. कुर्बानी केवल वैध जगहों पर ही की जा सकती है. इसके अलावा बकरीद पर गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी करने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है.