नोएडा के सेक्टर-93 के गेझा गांव में मंगलवार रात सीवर की सफाई के लिए उतरे एक सफाईकर्मी की मौत हो गई, जिसके बाद सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और लापरवाही के आरोप सामने आए हैं. सीवर में सफाई के दौरान होने वाली मौतों को लेकर हाल ही में सफाई कर्मचारी आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक बेजवाड़ा विल्सन ने बताया था कि इस साल सीवर में मरने वालों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है.
पटना हाईकोर्ट ने 9 जुलाई को एक व्यक्ति की बलात्कार के प्रयास के अपराध में हुई सज़ा रद्द करते हुए कहा था कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश और उसकी छाती दबाना बलात्कार की कोशिश नहीं माना जा सकता. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले की आलोचना की और यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान न्यायिक संवेदनशीलता बनाए रखने का निर्देश दिया.
दिल्ली के नागरिकों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 'हीट रजिस्ट्रियां' सौंपकर अत्यधिक गर्मी को मानवाधिकार का मुद्दा घोषित करने की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि भीषण गर्मी स्वास्थ्य, आजीविका और गरिमा पर असर डाल रही है.
बिहार में रेलवे से चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है. हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली ऐसी कई चोरियों ने ट्रेन सेवाओं में रुकावट डाली है. बताया गया है कि ताज़ा घटनाक्रम में पुलिस ने चोरी हुआ सामान बरामद कर लिया है और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने साल 2021 में नांदेड़ ज़िले में एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जान गंवाने वाले दो श्रमिकों के परिवारों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाथ से मैला ढोने की प्रथा के जारी रहने पर कड़ा रुख़ अपनाया और इसे सभ्य समाज पर एक गंभीर कलंक करार दिया. साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह दोनों पीड़ित परिवारों को 30-30 लाख रुपये का मुआवज़ा प्रदान करे.
अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने शुक्रवार को इस संबंध में जांच के आदेश दिए हैं.
यह घटना सागर के बंडा सिविल अस्पताल में हुई, जहां इलाज के लिए लाए गए सर्दी, खांसी से पीड़ित 19 महीने के एक बच्चे को कथित रूप से ग़लत दवा दिए जाने के चलते उसकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है. शिशु के परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान बच्चे की आंखों में कफ साफ करने वाला ड्रॉप डाल दिया गया, जिस कारण हालात बिगड़ गए.
परिजनों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की निगरानी में जेसीबी मशीनों से कब्रों को क्षतिग्रस्त किया गया. उनका यह भी कहना है कि सुनियोजित रणनीति के तहत देर रात कब्रिस्तान में प्रवेश कर यह कार्रवाई की गई.
आंध्र प्रदेश में अनकापल्ले ज़िले के परवाड़ा में दक्षिण एनर्जी की फैक्ट्री में मंगलवार सुबह भीषण आग लगी, जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई और अन्य दो घायल हो गए. दक्षिण एनर्जी प्लास्टिक पायरोलिसिस ऑयल और कार्बन ब्लैक बनाती है. सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स के नेता जी. सत्यनारायण ने औद्योगिक क्षेत्र में बार-बार हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताई है.
दो महीने पहले ओडिशा में एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा अपनी बहन की मृत्यु का प्रमाण देने के लिए उनका कंकाल बैंक ले जाने की घटना सामने आई थी. अब उस मामले में बैंक शाखा प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही, देश के सभी ग्रामीण बैंकों को आदिवासी और अन्य कमज़ोर वर्गों के ग्राहकों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं.
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को जुलाई 2023 से मई 2026 के बीच वन भूमि डायवर्जन के 288 अलग-अलग प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से उसने 242 को मंज़ूरी दी है. एक रिपोर्ट के अनुसार, खनन परियोजनाओं के तहत सबसे ज़्यादा पेड़ काटने की मंज़ूरी दी गई या पेड़ काटे गए.
शामली में आयुष मलिक नाम के एक व्यक्ति द्वारा इस्लाम धर्म कबूलने को लेकर विवाद पसरा है. मलिक ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है. इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय से आने वाली उनकी पत्नी और ससुर की गिरफ़्तारी ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को लेकर मौजूद गहरे अंतर्विरोधों और दोहरे मानकों की बहस को फिर से सामने ला दिया है.
बिहार के बेगूसराय में एक महिला ने पांच लोगों पर सामूहिक बलात्कार और बर्बर हमले का आरोप लगाया है. अस्पताल में इलाज के दौरान महिला के प्राइवेट पार्ट्स से एक ज़िंदा कारतूस, पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा निकाला गया. अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और व्यापक जांच जारी है.
नोएडा श्रमिक आंदोलन मामले में गिरफ्तार 16 वर्षीय किशोर को छह दिन जुवेनाइल होम में रखने के बाद 18 जून को जमानत पर रिहा कर दिया गया. इसके पहले उन्हें करीब दो महीने तक वयस्क आरोपियों के साथ जेल में रखा गया था. परिवार ने मारपीट और कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं.
अदालतें उसके विधायकों को बचा सकती हैं, चुनाव आयोग उसका चुनाव-चिह्न बचा सकता है और लोकसभा अध्यक्ष उसके सांसदों की सीटें तय कर सकते हैं. लेकिन तृणमूल को उसका खोया हुआ नैतिक भूगोल केवल बंगाल की जनता लौटा सकती है.