पोलैंड के वारसॉ में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर दोहराया कि भारत द्वारा रूसी तेल की ख़रीद रोकने से यूक्रेन युद्ध ख़त्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि संघर्ष का समाधान व्यापार नहीं, बल्कि कूटनीति, बातचीत और वार्ता के ज़रिये ही संभव है.
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन दौरे के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को ख़त्म करने के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया, जबकि यूक्रेन रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर लगातार दबाव बना रहा है. जयशंकर ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदने को लेकर यूक्रेन की स्थिति को समझता है, लेकिन वह चाहता है कि भारत की अपनी चिंताओं का भी सम्मान किया जाए.
मृतक भारतीय नागरिक की पहचान 42 वर्षीय वाविलाला सुदर्शन गौड़ के रूप में हुई. वह तेलंगाना के हसनाबाद से नौकरी की तलाश में यूक्रेन गए थे. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि भारतीय नागरिक के शव को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए यूक्रेनी अधिकारी, भारतीय दूतावास और उस कंपनी के साथ मिलकर मदद कर रहे हैं, जिसमें वह भारतीय नागरिक काम करते थे.
नेपाल-चीन सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर चीन ने उन भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स को ख़ारिज किया है, जिनमें आपदा के लिए चीन की जलविद्युत परियोजनाओं को ज़िम्मेदार ठहराया गया था. बीजिंग ने कहा कि बाढ़ ग्लेशियर ढहने से आई और चीन 'बिना तथ्य की दुर्भावनापूर्ण अटकलों' को ख़ारिज करता है.
भारत ने हेग स्थित मध्यस्थता न्यायालय के उस फैसले को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें सिंधु जल संधि को भारत द्वारा स्थगित रखे जाने के बावजूद प्रभावी बताया गया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत इस न्यायाधिकरण के अधिकारक्षेत्र को स्वीकार नहीं करता और उसके फैसलों का भारत की परियोजनाओं या संधि को स्थगित रखने के निर्णय पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ और फिर भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 616 हो गई है, जबकि क़रीब 2,000 लोग अब भी लापता हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में 320 भारतीय नागरिक लापता हैं और अब तक 84 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. इस बीच बाढ़ के बाद तिब्बत में एक झील बन गई है. चीन को आशंका है कि अगर यह झील अचानक टूटती है तो दोबारा बड़ी बाढ़
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई अचानक भीषण बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 359 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 288 भारतीयों समेत सैकड़ों लोग लापता हैं. नेपाल ने बचाव और राहत कार्यों के लिए भारत और चीन से मदद मांगी है.
संयुक्त राष्ट्र की नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समिति ने भारत में वंचित जातीय समूहों, स्वदेशी और आदिवासी समुदायों, हाशिए पर रहने वाले जाति समूहों, मुस्लिम प्रवासियों और शरण मांगने वालों के ख़िलाफ़ नस्लीय आधार पर भेदभाव, जातिगत भेदभाव और अल्पसंख्यक शरणार्थियों के साथ दुर्व्यवहार पर चिंता जताई है.
अमेरिका ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल व्यापार में कथित संलिप्तता को लेकर चार भारतीय कंपनियों और तीन भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए हैं. प्रतिबंधित कंपनियों में सदाशिव ओवरसीज़, पीपी सॉफ्टटेक, प्रकृतीज इंफ्रा इंपेक्स और पोर्टईज़ पार्टनर्स शामिल हैं. यह कार्रवाई अमेरिका के नए अभियान ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गई है, जिसके ज़रिये वह ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने खुलासा किया है कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दो महीने पहले हुई मुलाकात से पहले अनुरोध किया था कि प्रेस को दोनों नेताओं से सवाल पूछने का मौका न दिया जाए. गोर ने कहा कि ट्रंप ने विदेश मंत्रालय की इस मांग पर सहमति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद मोदी के बगल में बैठकर उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए.
अमेरिका स्थित तीन सिख संगठनों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को अमेरिका में प्रवेश न देने की मांग की है. संगठनों ने आरएसएस पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. इससे पहले यूएससीआईआरएफ ने भी आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग की थी.
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान खान को शुक्रवार आधी रात के बाद अदियाला जेल से इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच के बाद वापस जेल भेज दिया गया.
बांग्लादेशी पीएम के सलाहकार ने कहा: ‘अनुकूल माहौल’ बनने तक तारिक की भारत यात्रा की संभावना ‘बेहद कम’
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा है कि अगर दोनों देशों के बीच ‘अनुकूल माहौल’ नहीं बनता है, तब अगले महीने होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले द्विपक्षीय यात्रा की संभावना ‘बहुत कम’ रहेगी. यह बयान ऐसे समय आया है जब नई दिल्ली लगातार बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की जल्द भारत यात्रा के लिए प्रयास कर रही है.
ईरान की आवाज़: तेहरान टाइम्स की पत्रकार सहर दादजू का यह लेख युद्ध की खबरों के पीछे छिपे मानवीय दर्द को सामने लाता है. वह बताता हैं कि लगातार हमलों के बीच पत्रकार होना कैसा अनुभव है और कैसे मौत के आंकड़ों के पीछे हर व्यक्ति किसी परिवार की पूरी दुनिया होता है. लेख में एक परिवार की कहानी के ज़रिये युद्ध की भयावहता को समझने की कोशिश की गई है.
अफ़ग़ान दूतावास इस साल 17 अगस्त को तालिबान के पांचवें ‘विक्ट्री डे’ समारोह की मेज़बानी करने जा रहा है. ख़बरों के अनुसार इस कार्यक्रम को न सिर्फ़ भारत सरकार का समर्थन हासिल है, बल्कि इसमें सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की भी संभावना है. मालूम हो कि यह दिन 2021 में अमेरिका और नाटो की सेनाओं की अफ़ग़ानिस्तान से वापसी के बाद तालिबान के काबुल पर दोबारा क़ब्ज़े की याद में मनाया जाता है.