उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इसे ग़लत और असंवैधानिक बताते हुए इस अनुष्ठान को करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है. इससे पहले चिराग पासवान भी इस शुद्धीकरण को अनुष्ठान को 'चिंता का विषय' बता चुके हैं.
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मुरादाबाद के सर्किट हाउस परिसर में सपा के बुज़ुर्ग नेता हाजी मोहम्मद उस्मान एक कार के क़रीब नमाज़ पढ़ते नज़र आ रहे हैं, जिसके आधार पर एफआईआर बीएनएस की धारा 285 (सार्वजनिक मार्ग में ख़तरा या बाधा उत्पन्न करना) और धारा 292 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत दर्ज की गई है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इससे सार्वजनिक रास्ते में किस तरह बाधा उत्पन्न हुई या उपद्रव हुआ.
महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली और आंध्र प्रदेश, जहां 2023 से 2025 के बीच विधानसभा चुनाव हुए थे, वहां एसआईआर के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से सबसे ज़्यादा नाम हटाए गए हैं. इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से एक बार फिर एसआईआर से पहले मौजूद वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं. अगर इतनी बड़ी संख्या में अपात्र मतदाता मतदाता सूची में मौजूद थे, फिर उन्हें हाल के चुनावों में मतदान करने की अनुमति कैसे मिली?
राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता राघव चड्ढा का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा किए गए एसआईआर के तहत पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है. चड्ढा ने इसे लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का आरोप लगाया है. वहीं, पंजाब सरकार ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया चुनाव आयोग करता है और राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं होती.
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राज्य सरकार के मंत्री विजय शाह के पिछले साल कर्नल सोफिया कुरैशी के ख़िलाफ़ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर उनके विरुद्ध मुक़दमा न चलाने के फैसले को मंज़ूरी दी है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी अपनी जांच पहले ही पूरी कर अंतिम रिपोर्ट भी दाखिल कर चुकी है. वह शाह के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए राज्य सरकार की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रही थी.
भाकपा नेता डी. राजा ने आरोप लगाया है कि मंगलवार को दिल्ली में पार्टी की ‘बदलाव जरूरी है’ रैली से पहले उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को कथित तौर पर नज़रबंद किया गया. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग की है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान की किए जाने की निंदा करने के एक दिन बाद पुलिस ने गांधी के ख़िलाफ़ बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है.
राम माधव की भाजपा में वापसी ऐसे समय हुई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान को लेकर बहस तेज़ है. माधव कह रहे हैं कि पीएम की इस टिप्पणी ने संभवतः सरकार से असहमति रखने वालों को परेशान कर दिया है. हालांकि, उनका आकलन ग़लत है. क्योंकि देश का युवा ‘दिमागी नक्सल’ कहलाए जाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
हेस्टिंग्स थाने में दर्ज इस मामले में कोई शिकायतकर्ता नहीं है. इसे थाने के एक इंस्पेक्टर ने दर्ज किया है. कोलकाता पुलिस राज्य सरकार को रिपोर्ट करती है, जिसका नेतृत्व सुवेंदु अधिकारी कर रहे हैं.
भाजपा के तीन सांसदों- रामवीर बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सहरावत ने हाल ही में 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार के देहांत के बाद उनके घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी. भाजपा नेता एचएस फुल्का ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए तीनों सांसदों के बहिष्कार का आह्वान किया है. इससे पहले, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा कुमार के निधन पर शोक संवेदना जताने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था.
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि दूसरे दलों से भाजपा में शामिल हुए कुछ लोग उनके ख़िलाफ़ साज़िश रच रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो उनकी छवि ख़राब करने की कोशिश करने वालों के ‘हाथ काट देंगे.’ उनकी हिंसा की धमकी को लेकर विपक्ष ने केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधा है.
नवी मुंबई के खारघर में एक निजी फोटोकॉपी दुकान से एसआईआर के 3,404 फॉर्म मिलने के बाद पांच बीएलओ को निलंबित कर दिया गया है. ये फॉर्म पनवेल विधानसभा क्षेत्र के 11 मतदान केंद्रों से संबंधित थे और इनमें मतदाताओं की तस्वीरें, निजी जानकारी और बीएलओ के आधिकारिक हस्ताक्षर मौजूद थे. इस मामले को लेकर भाजपा और शिवसेना (यूबीटी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं.
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की आत्मकथा के भारत में प्रकाशन को लेकर पेंगुइन इंडिया के बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि पेंगुइन पर सोनिया गांधी के संस्मरण से ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस और मोदी के शासन के दौरान चीन द्वारा भारतीय भूभाग पर किए गए क़ब्ज़े’ से जुड़े हिस्सों को हटाने का दबाव डाला गया था.’
यह ख़बर सामने आने के बाद कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया सोनिया गांधी के संस्मरण ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ को भारत में प्रकाशित करने से पीछे हट गया है, अब प्रकाशन ने कहा है कि वह भारत में 'बिलॉन्गिंग' का प्रकाशक नहीं है. इससे पहले दावा किया गया था कि पेंगुइन इंडिया ने पांडुलिपि में कुछ संपादकीय बदलाव और अंश हटाने का सुझाव दिया था, जिसे सोनिया गांधी ने अस्वीकार कर दिया था.
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक को फिर से जबरन थोपने की कोशिश न करें. उन्होंने यह पत्र संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान के बाद लिखा है, जिसमें उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में इस संभावना से इनकार नहीं किया था कि संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है.