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केरल में संघ कार्यकर्ता की हत्या, भाजपा की ओर से राज्यव्यापी हड़ताल

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने केरल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर होने वाले हमलों पर चिंता जताई और कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा अस्वीकार्य है.

Kerala BJP Strike

संघ कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में भाजपा की हड़ताल के चल बाज़ार बंद रहे. बसें भी नहीं चली. (फोटो साभार: एएनआई)

तिरुवनंतपुरम: केरल में एक हिस्ट्रीशीटर के नेतृत्व वाले गिरोह द्वारा आरएसएस कार्यकर्ता की कथित रूप से हत्या किए जाने के विरोध में भाजपा ने रविवार को राज्यव्यापी हड़ताल की. इस दौरान दुकानें और बाज़ार बंद रहे.

पुलिस ने बताया कि तिरुवनंतपुरम के श्रीकार्यम इलाके में बीती रात करीब नौ बजे हुए की घटना में 34 वर्षीय संघ कार्यवाह राजेश पर हमला कर उनकी हत्या कर दी गई. उनका बायां हाथ काट दिया गया था. उनके शरीर पर घाव के कई निशान मिले हैं.

पुलिस ने बताया कि मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है.

पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों में मामले का मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर बदमाश भी शामिल है. सभी को रविवार सुबह ग्रामीण कट्टाक्कड़ा से हिरासत में लिया गया.

शहर पुलिस आयुक्त जीएस कुमार ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ चल रही है. उन्होंने कहा, एक और व्यक्ति की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है. विस्तृत पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि कितने लोग वारदात में शामिल थे.

राज्य पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहेरा ने लोगों से अपील किया है कि वह अफवाहें फैलाने और भड़काऊ संदेश, बयान, फोटो और वीडियो साझा करने से बचें.

उन्होंने कहा, इस पर कानूनी कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि पुलिस वॉट्सऐप और फेसबुक ग्रुप्स पर नज़र रख रही है. अधिकारी ने कहा कि एहतियात के तौर पर शहर के सभी संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

बहरहाल पुलिस सख़्त निगरानी रख रही है और यहां केरल भाजपा के कार्यालय में तोड़फोड़ तथा माकपा प्रांतीय सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन के पुत्र बिनीश कोडियेरी के घर पर हमले की घटना के बाद 28 जुलाई से तीन दिनों के लिए निषेधाज्ञा लगाई गई है.

इसे तीन दिन के लिए बढ़ाते हुए दो अगस्त तक के लिए लागू कर दिया है. प्रांतीय राजधानी में प्रदर्शनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इससे पहले शहर में हिंसा से मामलों में माकपा के छात्र एवं युवा शाखा के चार लोगों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

इस घटना के विरोध में भाजपा की ओर से आहूत राज्यव्यापी हड़ताल लगभग पूरी तरह सफल रही. सरकारी और निजी बसें सड़कों से नदारद रहीं, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. राज्य के कुछ हिस्सों से वाहनों पर पथराव की छिटपुट घटनाओं की सूचना है.

हड़ताल से अनजान लोग जब रेलवे स्टेशन पर उतरे तो उनके लिए अपने घर पहुंचना मुश्किल हो गया.

भाजपा के प्रांतीय अध्यक्ष कुमनम राजशेखरन ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे माकपा का हाथ है. बहरहाल वाम दल के ज़िला नेतृत्व ने इस आरोप से इनकार किया है.

हत्या को बर्बर करार देते हुए राजशेखरन ने कहा कि यह आरएसएस और भाजपा को ख़त्म करने के लिए की जा रही विनाश की राजनीति है.

उन्होंने कहा कि भाजपा मामले को प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष उठाएगी.

उधर, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला और केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष एमएम हसन हिंसा की राजनीति के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने केरल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर होने वाले हमलों पर चिंता जताई और कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा अस्वीकार्य है.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कार्यालय का कहना है कि राजनाथ सिंह ने रविवार सुबह उनसे बात की है.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा है, मुख्यमंत्री ने उन्हें सूचित किया कि राज्य सरकार आरोपी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी, फिर चाहे वह कोई भी हों. राजनाथ सिंह ने इस रुख पर संतोष जताया है.