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केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की समयसीमा छह महीने बढ़ाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें जम्मू कश्मीर में केंद्र के शासन के विस्तार को मंजूरी दे दी गई. यह राज्य में 19 दिसंबर, 2018 से लगे राष्ट्रपति शासन का ही विस्तार है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi with Union Ministers Nitin Gadkari, Rajnath Singh, Amit Shah, Nirmala Sitharaman and others during the first cabinet meeting, at the Prime Minister’s Office, in South Block, New Delhi, May 31, 2019. (PTI Photo)(PTI5_31_2019_000249B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की समयसीमा छह महीने के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी. यह निर्णय तीन जुलाई से लागू होगा. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें जम्मू कश्मीर में केंद्र के शासन के विस्तार को मंजूरी दे दी गई जो राज्य में 19 दिसंबर, 2018 से लगे राष्ट्रपति शासन का ही विस्तार है.

जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की समयसीमा बढ़ाए जाने के बाबत किए गए सवाल पर जावड़ेकर ने कहा, ‘जी हां, यह फैसला किया गया है.’

सरकारी बयान में बताया गया है कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल की रिपोर्ट में बताए गए राज्य के हालात के आधार पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 (4) के तहत जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की समयसीमा छह महीने बढ़ाने को मंजूरी दे दी जो तीन जुलाई से प्रभावी होगी.

बता दें कि यह राज्य में केंद्र के शासन का अंतिम विस्तार हो सकता है क्योंकि चुनाव आयोग ने हाल में एक बयान जारी कर कहा था कि एक जुलाई से शुरू हो रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा के समापन के बाद जम्मू कश्मीर में चुनावों का ऐलान किया जाएगा.

बयान में बताया कि राज्य में दो जुलाई को राष्ट्रपति शासन की अवधि खत्म हो रही है और राज्यपाल ने सिफारिश की थी कि राष्ट्रपति शासन तीन जुलाई से छह महीने की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है.
जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन के विस्तार की मंजूरी लेने के लिए संसद के आगामी सत्र में दोनों सदनों में एक प्रस्ताव रखा जाएगा.

महबूबा मुफ्ती नेतृत्व पीडीपी-भाजपा सरकार के गिरने के बाद राज्य में 20 जून 2018 को राज्यपाल शासन लगाया गया था और विधानसभा को निलंबित कर दिया था. राज्यपाल ने बाद में विधानसभा को भंग कर दिया था.

जम्मू कश्मीर के संविधान की धारा 92 के तहत राज्य में छह महीने से ज्यादा वक्त तक राज्यपाल शासन जारी रखने का कोई प्रावधान नहीं है. इसलिए राज्यपाल की अनुशंसा और राज्य की स्थिति को देखते हुए 20 दिसंबर 2018 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.