Author Archives

अवधेश आकोदिया

सड़क हादसे में जान गंवाने वाली वैकुंठी जाटव. (फोटो: राहुल शर्मा)

मोदी के कार्यक्रम की भेंट चढ़ी अलवर की दलित महिला, वसुंधरा सरकार ने दबाया मामला

विशेष रिपोर्ट: प्रधानमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम से लौटते समय सड़क दुर्घटना में हुई वैकुंठी जाटव की मौत. किसी योजना में लाभार्थी नहीं थीं मृतक. छत बनवाने का लालच देकर बुलाया था जयपुर.

Jaipur: Prime Minister Narendra Modi waves to the beneficiaries of various welfare schemes of the BJP government, at a meeting in Jaipur on Saturday, July 7, 2018. Rajasthan Chief Minister Vasundhara Raje and Union minister Rajyavardhan Singh Rathore are also seen. (PTI Photo) (PTI7_7_2018_000092B)

जयपुर में विरोध के ख़ौफ़ से भाषण में बदला मोदी का जनसंवाद, लोगों को नहीं मिला बोलने का मौका

विशेष रिपोर्ट: भाजपा में आस्था रखने वालों की छंटनी और मन-मुताबिक बोलने के प्रशिक्षण के बावजूद 12 फ्लैगशिप योजनाओं के लाभार्थियों के मन की बात सुनने की हिम्मत नहीं जुटा पाई राजस्थान सरकार. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चुनिंदा लोगों के वीडियो दिखाकर निभाई रस्म.

vasundhara-raje-narendra-modi credit vasundhra

प्रधानमंत्री मोदी का जयपुर में यह कैसा जनसंवाद? हाड़ौती के किसानों का प्रवेश निषेध

शनिवार को होने वाले ‘प्रधानमंत्री लाभार्थी जनसंवाद’ में उपज का सही दाम नहीं मिलने की वजह से आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हाड़ौती संभाग के किसानों को अपनी मन की बात कहने का मौका नहीं मिलेगा.

642654-modi-raje-pti

वसुंधरा सरकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में हंगामा होने का डर क्यों सता रहा है?

आगामी 7 जुलाई को जयपुर में होने वाली प्रधानमंत्री की सभा में हंगामे की आशंका के चलते सरकार इसके लिए भाजपा की विचारधारा से जुड़े लोगों को ही बुलावा भेज रही है.

Modi NCERT collage

सीबीएसई की किताब में भाजपा सांप्रदायिक पार्टी, गोधरा कांड के समय मोदी ने नहीं निभाया राजधर्म

शायद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को सीबीएसई के पाठ्यक्रम की सही जानकारी नहीं है तभी वो आपातकाल के पाठ को पाठ्यक्रम में शामिल करवाने की बात कर रहे हैं. दरअसल, सीबीएसई की 12वीं कक्षा की किताब ‘स्वतंत्र भारत में राजनीति’ में आपातकाल, 1984 के दंगों, बाबरी ध्वंस, गोधरा कांड और हिंदुत्व की विस्तार से व्याख्या की गई है.

राजस्थान के नए भाजपा अध्यक्ष मदनलाल सैनी. (फोटो साभार: फेसबुक)

वसुंधरा की ज़िद के सामने मोदी-शाह झुके, मदन लाल सैनी बने राजस्थान भाजपा अध्यक्ष

नरेंद्र मोदी और अमित शाह केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रदेशाध्यक्ष बनाना चाहते थे, लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस नाम पर सहमत नहीं थीं. अशोक परनामी के इस्तीफ़ा देने के बाद ढाई महीने से ख़ाली था पद.

करौली में प्रोजेक्ट स्थल के शिलान्यास के अवसर पर यज्ञ करते हुए वसुंधरा राजे और स्वामी रामदेव. (फोटो साभार: फेसबुक/वसुंधरा राजे)

क्या राजस्थान में बाबा रामदेव का प्रोजेक्ट किसानों की ज़मीन ​​हथियाने का पैंतरा है?

विशेष रिपोर्ट: जिस ज़मीन को मंदिर ट्रस्ट अपनी बता रहा है उस पर पीढ़ियों से किसान खेती कर रहे हैं. जागीर एक्ट लागू होने के बाद उनका इस पर क़ानूनी हक़ हो गया, लेकिन ट्रस्ट इसे बाबा रामदेव को सौंपना चाहता है.

Jaipur: BJP MLA Ghanshyam Tiwari addresses a press conference, in Jaipur on Monday, June 25, 2018. (PTI Photo) (PTI6_25_2018_000148B)

राजस्थान में भाजपा को बड़ा झटका, छह बार विधायक रहे घनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी छोड़ी

आपातकाल लागू होने के दिन इस्तीफ़ा देने पर घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि पिछले चार साल से देश अघोषित आपातकाल के दौर से गुज़र रहा है.

मंदिर की ज़मीन पर प्रोजेक्ट का शिलान्यास करते हुए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और बाबा रामदेव. (फोटो साभार: फेसबुक/वसुंधरा राजे)

बाबा रामदेव को मिली 401 बीघा ज़मीन का नियमन नहीं करेगी वसुंधरा सरकार, रद्द होगी लीज़

द वायर हिंदी ने 20 जून को प्रकाशित रिपोर्ट में खुलासा किया था कि राजस्थान के करौली में रामदेव के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने यह ज़मीन अवैध तरीके से लीज़ पर ली है और राज्य सरकार नियमों को ताक पर रखकर इसका नियमन करना चाहती है.

मंदिर की ज़मीन पर प्रोजेक्ट का शिलान्यास करते हुए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और बाबा रामदेव. (फोटो साभार: फेसबुक/वसुंधरा राजे)

राजस्थान में बाबा रामदेव को दी गई 401 बीघा ज़मीन नियमों की क़ब्रगाह बन गई है

विशेष रिपोर्ट: बाबा रामदेव को न सिर्फ़ मंदिर की इस ज़मीन को अवैध तरीके से लीज़ पर दिया गया, बल्कि राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार नियमों का उल्लंघन कर इसका नियमन करने की तैयारी में है.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (फोटो: फेसबुक)

राजस्थान में कांग्रेस पर ज़मीनों की बंदरबांट का आरोप लगाने वाली भाजपा अब ख़ुद ऐसा क्यों कर रही है?

भाजपा सरकार सामाजिक संगठनों को ज़मीन आवंटित करने के लिए इतनी उतावली है कि स्वायत्त शासन व नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी कह रहे हैं कि चाहे मुझे जेल ही क्यों न जाना पड़े, लेकिन सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर ज़मीनें आवंटित की जाएंगी.

राजस्थान के छीपाबड़ौद की लहसुन मंडी का सरकारी ख़रीद केंद्र. (फोटो: अवधेश आकोदिया/द वायर)

वसुंधरा सरकार की बेरुख़ी के बीच दो और लहसुन उत्पादक किसानों ने आत्महत्या की

कृषि मंत्री का कहना है कि राजस्थान के किसानों में आत्महत्या की प्रवृत्ति नहीं है. जब तक जांच पूरी न हो जाए तब तक उसे आत्महत्या कहना ग़लत है.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. (फोटो: रॉयटर्स)

किसानों का क़र्ज़ माफ़ करने के लिए राजस्थान सरकार ख़ुद क़र्ज़ मांग रही है

किसान आंदोलन के दबाव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा तो कर दी, लेकिन इस पर अमल करने के लिए ज़रूरी 8 हज़ार करोड़ रुपये की रकम जुटाने में सरकार चकरघिन्नी हो रही है.

छीपाबड़ौद की लहसुन मंडी का सरकारी खरीद केंद्र  (फोटो: अवधेश आकोदिया)

हमारे खाने का स्वाद बढ़ाने वाला लहसुन किसानों की सेहत क्यों बिगाड़ रहा है?

राजस्थान के हाड़ौती संभाग के किसानों ने पिछले साल लहसुन का अच्छा भाव मिलने की वजह से इस बार ज़्यादा लहसुन बोया, लेकिन कम भाव मिलने की वजह से अब तक तीन किसान आत्महत्या कर चुके हैं जबकि दो की सदमे से मौत हो गई है.

vasundhara-modi-pti

क्या भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने वसुंधरा से दो-दो हाथ करने का मन बना लिया है?

एक ओर जहां वसुंधरा राजे अपनी पसंद का प्रदेश अध्यक्ष बनवाने पर अड़ी हैं तो वहीं दूसरी ओर मुख्य सचिव को सेवा विस्तार न देकर केंद्र ने भी अपने इरादे ज़ाहिर कर दिए हैं.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. (फोटो: पीटीआई)

क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा के बाद भी राजस्थान के किसान ग़ुस्से में क्यों हैं?

स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशें लागू करने और कुछ अन्य मांगों को लेकर किसानों ने अपना आंदोलन वापस तो ले लिया है, लेकिन यह कभी भी राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार के गले की फांस बन सकता है.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. (फोटो: रॉयटर्स)

क्या राजस्थान में वसुंधरा का विकल्प तलाशना भाजपा की मजबूरी बन गया है?

लोकसभा की दो और विधानसभा की एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा ने फिर से ज़ोर पकड़ लिया है.