Author Archives

पुण्य प्रसून बाजपेयी

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 72nd Independence Day, in Delhi on August 15, 2018.

देश में संविधान लागू है और क़ानून अपना काम कर रहा है

रोजगार नहीं है. उत्पादन घट गया है. किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नसीब नहीं हो रहा है. हेल्थ सर्विस चौपट हो चली है. शिक्षा-व्यवस्था डांवाडोल है. मुस्लिम ख़ामोश हो गया है. दलित चुपचाप है लेकिन आवाज़ नहीं उठनी चाहिए क्योंकि देश में क़ानून अपना काम कर रहा है.

Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath talks on a phone during an event, in Lucknow on Monday, Aug 6, 2018. (PTI Photo) (PTI8_6_2018_000127B)

अपराधीयुक्त लोकतंत्र में अपराधीमुक्त होने का एनकाउंटर

एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट माने तो जिस संसद को देश का क़ानून बनाने का अधिकार है, उसी के भीतर लोकसभा में 185 और राज्यसभा में 40 सांसद दागी हैं. तो ये सवाल हो सकता है कि आखिर कैसे वे नेता देश में भ्रष्टाचार या राजनीति में अपराध को लेकर चिंतन-मनन भी कर सकते हैं जो ख़ुद दाग़दार हैं.

फोटो: पीटीआई

न चौरासी के दंगों में कांग्रेस का हाथ था, न 2002 में भाजपा का!

राहुल गांधी की कांग्रेस को सिख दंगों से अलग करने की कोशिश वैसी ही है, जैसी मोदी ने विकास के नारे में गुजरात के दाग़ छुपाकर की थी.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addresses the media ahead of Parliament's monsoon session, in New Delhi on Wednesday, July 18, 2018. Parliamentary Affairs Minister Ananth Kumar, Union Minister for Development of North Eastern Region (DoNER) Jitendra Singh and Union MoS for Parliamentary Affairs Vijay Goel are also seen. (PTI Photo/ Kamal Singh)(PTI7_18_2018_000019B)

क्या सत्ता के सामने भारतीय मीडिया रेंगने लगा है?

संपादकों का काम सत्ता के प्रचार के अनुकूल कंटेट को बनाए रखने का है और हालात ऐसे हैं कि सत्तानुकूल प्रचार की एक होड़ मची हुई है. धीरे-धीरे हालात ये भी हो चले हैं कि विज्ञापन से ज़्यादा तारीफ़ न्यूज़ रिपोर्ट में दिखाई दे जाती है.

Atal Bihari Vajpayee

वाजपेयी को किसी एक फ्रेम में माला पहनाकर भुलाया नहीं जा सकता है

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय समाज के उस मर्म को बखूबी समझते रहे कि अति की सोच भारत जैसे लोकतांत्रिक-सेक्युलर देश में संभव नहीं है. इसलिए पीएम की कुर्सी पर बैठे भी तो उन विवादास्पद मुद्दों को दरकिनार कर जिस पर देश में सहमति नहीं है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addressing the nation from the ramparts of the historic Red Fort on the occasion of the 71st Independence Day, in New Delhi on Tuesday. PTI Photo / PIB (PTI8_15_2017_000059B) *** Local Caption ***

15 अगस्त 1975 ​के लाल क़िले और 15 अगस्त 2018 के लाल क़िले का फ़र्क़

इमरजेंसी लगाकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ‘नए भारत’ का उद्घोष किया था. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘न्यू इंडिया’ का ऐलान करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

अब मीडिया सरकार की नहीं बल्कि सरकार मीडिया की निगरानी करती है: पुण्य प्रसून बाजपेयी

विशेष: वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी बता रहे हैं कि न्यूज़ चैनलों पर नकेल कसने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के भीतर बनाई गई 200 लोगों की ‘गुप्त फ़ौज’ क्या और कैसे काम करती है.

Punya Prasun Bajpai Masterstroke

मुझे कहा गया कि न मोदी का नाम लूं, न ही उनकी तस्वीर दिखाऊं: पुण्य प्रसून बाजपेयी

अपने इस लेख में मास्टरस्ट्रोक कार्यक्रम के एंकर रहे पुण्य प्रसून बायपेयी उन घटनाक्रमों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं जिनके चलते एबीपी न्यूज़ चैनल के प्रबंधन ने मोदी सरकार के आगे घुटने टेक दिए और उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा.