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जस्टिस डीवी चंद्रचूड़. (फोटो साभार: यूट्यूब ग्रैब/Increasing Diversity by Increasing Access)

जमैका के सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस चंद्रचूड़ के फैसले के ज़रिये आधार जैसी योजना को ख़ारिज किया

जमैका की सरकार ने 2017 में राष्ट्रीय पहचान प्रणाली विकसित की थी. इसका उद्देश्य जमैका के नागरिकों की बायोमेट्रिक जानकारी इकट्ठा करनी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है.

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‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार की अनिवार्यता निराशाजनक’

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संतोषजनक बताते हुए भोजन के अधिकार पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि आधार लिंक नहीं करा पाने की वजह से कई लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से वंचित कर दिया गया, जिसकी वजह से लगभग 20 लोगों की मौत हो चुकी है.

(फोटो: पीटीआई/विकिपीडिया)

आधार संवैधानिक रूप से वैध, मोबाइल और बैंक अकाउंट से लिंक कराना अनिवार्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान और बच्चों के एडमिशन जैसी चीजों के लिए आधार ज़रूरी नहीं है. कोर्ट ने कहा कि कोई भी प्राइवेट कंपनी आधार की मांग नहीं कर सकती है.

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जानिए, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आधार को किसके साथ लिंक करना अनिवार्य और किसके साथ नहीं

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया.

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आधार एक्ट असंवैधानिक, मनी बिल के रूप में इसे पास करना संविधान के साथ धोखेबाज़ी: जस्टिस चंद्रचूड़

शीर्ष अदालत में पांच जजों की पीठ में से चार ने आधार को संवैधानिक ठहराया, वहीं जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आधार अधिनियम पूर्ण रूप से असंवैधानिक है और इससे लोगों की निजता का उल्लंघन होता है.

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आधार क़ानून को धन विधेयक बताने से सुप्रीम कोर्ट सहमत नहीं

शीर्ष अदालत ने कहा कि वह सरकार की इस दलील से सहमत नहीं है कि आधार क़ानून को लोकसभा अध्यक्ष ने धन विधेयक (मनी बिल) बताने का सही निर्णय किया.

बीते सितंबर महीने में झारखंड के सिमडेगा ज़िले में रहने वाली कोयली देवी की बेटी संतोषी का मौत हो गई. कोयली देवी का दावा था कि सरकारी राशन न मिलने की वजह से उनकी बेटी की मौत हो गई. (फोटो साभार: एएनआई)

झारखंड में भोजन के अधिकार के हनन के लिए जवाबदेह कौन?

झारखंड में कथित तौर पर भुखमरी से हो रही मौतों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन की गंभीर त्रुटियों के चलते लोगों के जीने के अधिकार के हनन को उजागर किया है.

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झारखंड: मनरेगा मज़दूरों की ज़रूरतें राजनीतिक नारे से कहीं ज़्यादा हैं

भाजपा की रघुबर दास सरकार के बड़े बोलों के बावजूद राज्य में मनरेगा मज़दूरों को नियत समय पर भुगतान मिलने जैसे कई अधिकारों का व्यापक स्तर पर उल्लंघन हो रहा है.

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निजता के अधिकार के लिए गंभीर खतरा है आधार

निजता को मौलिक अधिकार मानने के सिद्धांत पर आधारित होने की बजाय आधार वास्तव में इसके विरोध में खड़ा है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले की रौशनी में आधार पर फिर से विचार किए जाने की ज़रूरत है.