Freedom of Digital Media

prakash-javadekar PTI

डिजिटल मीडिया पर लगाम लगाने की तैयारी, केंद्र सरकार ला रही है नया विधेयक

प्रेस एवं पत्रिका पंजीकरण विधेयक, 2019 के मसौदे में डिजिटल मीडिया को आरएनआई के तहत लाने की तैयारी की जा रही है. वर्तमान में डिजिटल मीडिया देश की किसी भी संस्था के अंतर्गत पंजीकृत नहीं है.

press-freedpress-freedom_pixabay-960x600

यह अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए निराशाजनक दौर है

यह एक कठोर हक़ीक़त है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी को बचाए रखने वाले हर क़ानून के अपनी जगह पर होने के बावजूद समाचारपत्रों और टेलीविज़न चैनलों ने बिना प्रतिरोध के आत्मसमर्पण कर दिया है और ऊपर से आदेश लेना शुरू कर दिया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

क्या सरकार ने सोशल मीडिया पर नज़र रखने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं?

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उपक्रम बेसिल ने 25 अप्रैल 2018 को एक टेंडर सोशल मीडिया कम्युनिकेशन हब नाम से जारी किया है. इसके माध्यम से सरकार फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नज़र रखेगी.

Modi Newspaper Ad Twitter

प्रेस की आज़ादी के असली दुश्मन बाहर नहीं, बल्कि अंदर ही हैं

मोदी के चुनाव जीतने के बाद या फिर उससे कुछ पहले ही मीडिया ने अपनी निष्पक्षता ताक पर रखनी शुरू कर दी थी. ऐसा तब है जब सरकार और प्रधानमंत्री ने मीडिया को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया है. मीडियाकर्मियों की जितनी ज़्यादा अवहेलना की गई है, वे उतना ही ज़्यादा अपनी वफ़ादारी दिखाने के लिए आतुर नज़र आ रहे हैं.

typing-recognition-laser-keyboard-800x450

आॅनलाइन मीडिया पर मोदी सरकार के हमले से उठते सवाल

आम चुनाव नज़दीक हैं और यह साफ़ है कि केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार आॅनलाइन मीडिया पर लगाम लगाना चाह रही है जिसने पिछले कुछ सालों में सरकार को आईना दिखाने का काम किया है.

Episode 44 Featured

मीडिया बोल, एपिसोड 44: ऑनलाइन मीडिया पर अंकुश की तैयारी

मीडिया बोल की 44वीं कड़ी में उर्मिलेश सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा न्यूज पोर्टल और मीडिया वेबसाइट्स को रेग्युलेट करने के लिए कमेटी बनाए जाने पर चर्चा कर रहे हैं.

सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी. (फोटो: पीटीआई)

अब आॅनलाइन मीडिया की निगरानी के लिए नियम-क़ानून बनाएगी सरकार

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने न्यूज़ पोर्टल और वेबसाइटों को रेग्युलेट करने के लिए नियम बनाने को लेकर दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया है.