Freedom of speech of public functionaries

(फोटो: पीटीआई)

अगर मौलिक अधिकारों की रक्षा नहीं की गई तो संविधान का महत्व खत्म हो जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ इस समय सरकारी पदों पर बैठे लोगों/अधिकारियों के बोलने की आजादी पर प्रतिबंधों को लेकर सुनवाई कर रही है.