Justice J. Chelameswar

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

चीफ जस्टिस ही मास्टर ऑफ रोस्टर, इसमें कोई संदेह नहीं: सुप्रीम कोर्ट

चीफ जस्टिस द्वारा मामलों के आवंटन पर पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण की याचिका पर जवाब देते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि सीजेआई की भूमिका समकक्षों के बीच प्रमुख की होती है, उन्हें विभिन्न पीठों को मामले को आवंटित करने का विशेषाधिकार होता है.

**FILE PHOTO** New Delhi: In this file photo dated January 22, 2018, Supreme Court judge Justice Jasti Chelameswar attends a book launch in New Delhi. The process for a possible elevation of Uttarakhand High Court Chief Justice K M Joseph as a Supreme Court judge might only get delayed as the apex court collegium, which had agreed in principle to reiterate his name to the Centre, will undergo a change due to the superannuation of Justice Jasti Chelameswar. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI6_21_2018_000258B)

स्वतंत्र न्यायपालिका के बिना कोई भी लोकतंत्र जीवित नहीं रह सकता: जस्टिस चेलमेश्वर

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस जे. चेलमेश्वर सेवानिवृत्त. चार न्यायाधीशों की अपनी ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के संबंध में कहा कि मुझे बागी, काम बिगाड़ने वाला, वामपंथी और राष्ट्रद्रोही भी कहा गया लेकिन मैंने जनता के प्रति अपना दायित्व निभाया.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

न्यायमूर्ति जोसेफ की नियुक्ति की मांग लेकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

महाराष्ट्र के सेवानिवृत न्यायाधीश जीडी इनामदार ने अपनी याचिका में आग्रह किया गया है कि न्यायमूर्ति जोसेफ के नाम को पदोन्नति से अलग करने के केंद्र के अवैध और असंवैधानिक कदम को रद्द किया जाए.

**FILE PHOTO** New Delhi: A file photo of Chief Justice of Uttarakhand High Court K M Joseph during the inauguration of the Joint Conference of Chief Ministers and Chief Justices at Vigyan Bhavan in New Delhi on Sunday, April 24, 2016. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI4_26_2018_000058B)

कॉलेजियम की बैठक रही बेनतीजा, जस्टिस जोसेफ की पदोन्नति के मामले में फैसला टला

कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति केएम जोसेफ को पदोन्नति देकर शीर्ष अदालत में न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी. सरकार ने उनके नाम पर फिर से विचार करने का कहकर फाइल लौटा दी थी.

न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर. (फोटो: रॉयटर्स)

न्यायपालिका और सरकार के बीच भाईचारा लोकतंत्र के लिए मौत की घंटी: जस्टिस चेलमेश्वर

जस्टिस चेलमेश्वर ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को लिखे एक पत्र में कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा सरकार के इशारे पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के खिलाफ शुरू की गई जांच पर सवाल उठाए हैं.

Supreme Court Modi PTI

क्या न्यायपालिका की स्वतंत्रता छीन रही है मोदी सरकार?

केंद्र सरकार पर न्यायिक नियुक्तियों को प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं. बीते कुछ सालों में हुई नियुक्तियों पर गौर करें तो ऐसे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं जो भविष्य की एक ख़तरनाक तस्वीर बनाते हैं.

न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर. (फोटो: रॉयटर्स)

संविधान सबसे बड़ी लोक नीति, इसका आदर करना चाहिए: न्यायमूर्ति चेलमेश्वर

न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर सुप्रीम कोर्ट के उन चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों में से एक हैं जिन्होंने हाल ही में मामलों के आवंटन समेत कई समस्याओं को उठाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

(L-R) Justices Kurian Joseph, Jasti Chelameswar, Ranjan Gogoi and Madan Lokur address the media at a news conference in New Delhi, India January 12, 2018. PTI

बार काउंसिल ने कहा- सुप्रीम कोर्ट में संकट नहीं, जबकि अटॉर्नी जनरल को संकट जल्द सुलझने उम्मीद

सूत्रों ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश ने उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों से की भेंट. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी मामले के एक हफ़्ते में सुलझने की उम्मीद जताई.

सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई दीपक मिश्रा. ​​(फोटो: पीटीआई)

प्रमुख मुद्दों की सुनवाई के लिए संविधान पीठ का गठन, सीजेआई की आलोचना करने वाले जज शामिल नहीं

सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में हुआ पीठ का गठन. 17 जनवरी को पीठ महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई शुरू करेगी.

(फोटो: रॉयटर्स)​​​

न्यायपालिका में दख़लअंदाज़ी के लिए बार काउंसिल ने दलों और नेताओं को चेताया

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा कि इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत की पूर्ण पीठ को तत्काल विचार करना चाहिए.

(L-R) Justices Kurian Joseph, Jasti Chelameswar, Ranjan Gogoi and Madan Lokur address the media at a news conference in New Delhi, India January 12, 2018. PTI

‘विधिशास्त्र में स्थापित है कि प्रधान न्यायाधीश अन्य न्यायाधीशों के ही बराबर होते हैं’

प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले न्यायाधीशों में से एक जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि न्याय और न्यापालिका के हित में यह क़दम उठाया.

Episode 180_RAW

जन गण मन की बात, एपिसोड 180: जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस और न्यायपालिका की चुनौतियां

जन गण मन की बात की 180वीं कड़ी में विनोद दुआ सुप्रीम के चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस और न्यायपालिका की चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

न्यायाधीशों की ओर से उठाए गए मुद्दे, न्यायपालिका का आंतरिक मामला: सरकारी सूत्र

उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा शीर्ष न्यायालय में स्थिति ठीक नहीं बताए जाने के बयान पर कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र ख़तरे में है.

बीते 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम जजों ने इतिहास में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि उच्चतम न्यायालय में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. (फोटोः पीटीआई)

‘जजों का इस तरह मीडिया के सामने आना गंभीर है, इससे चीफ जस्टिस की छवि पर सवाल उठते हैं’

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों के मीडिया के सामने आकर सुप्रीम कोर्ट की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाने पर पूर्व न्यायाधीशों और न्यायपालिका से जुड़े विभिन्न लोगों ने अपनी राय साझा की है.

Supreme-Court-Letter-CJI-

पढ़ें: चार सुप्रीम कोर्ट जजों द्वारा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को भेजा गया पत्र

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने शुक्रवार सुबह मीडिया से बात करते हुए शीर्ष अदालत के काम पर सवाल उठाए हैं, साथ ही उन्होंने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को एक पत्र भेजा है. पढ़ें ये पत्र.

New Delhi: Supreme Court judge Jasti Chelameswar during a press conference at his residence in New Delhi on Friday. PTI Photo by Ravi Choudhary (PTI1_12_2018_000029B)

हम नहीं चाहते कि 20 साल बाद कोई कहे कि जजों ने अपनी आत्मा बेच दी थी: जस्टिस चेलामेश्वर

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों जस्टिस चेलामेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस रंजन गोगोई ने मीडिया से बात कर शीर्ष अदालत के प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

(L-R) Justices Kurian Joseph, Jasti Chelameswar, Ranjan Gogoi and Madan Lokur address the media at a news conference in New Delhi, India January 12, 2018. PTI

इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस, चीफ जस्टिस पर उठाए सवाल

जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को नहीं बचाया गया तो लोकतंत्र नाकाम हो जाएगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

भारतीय न्यायपालिका के इतिहास का एक दुखद क्षण

पूर्व क़ानून मंत्री शांति भूषण बता रहे हैं कि 10 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश की अदालत में जो हुआ, वह सर्वोच्च न्यायालय और भारत की न्यायपालिका के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है.