Mahabharat

Kolkata: West Bengal Governor Jagdeep Dhankhar gestures as he speaks to the media persons after his motorcade was stopped by protesters at a gate of Jadavpur University, as he arrived to attend its annual convocation, in Kolkata, Tuesday, Dec. 24, 2019. (PTI Photo)(PTI12_24_2019_000079B)

रामायण के समय था उड़न खटोला, अर्जुन के तीरों में थी परमाणु शक्ति: पश्चिम बंगाल राज्यपाल

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कोलकाता में विज्ञान मेले के उद्घाटन के मौके पर कहा कि महाभारत में संजय ने पूरा युद्ध धृतराष्ट्र को सुनाया, लेकिन टीवी देखकर नहीं क्योंकि उनके पास दिव्यदृष्टि जैसी कोई शक्ति थी.

जालंधर में आयोजित साइंस कांग्रेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: पीटीआई)

क्यों भारतीय विज्ञान कांग्रेस को भारतीय पुराण कांग्रेस में तब्दील कर दिया गया है?

इससे पहले कि ये छद्म आयोजन इतने बड़े हो जाएं कि देश के तौर पर हमारी भविष्य यात्राओं के मुंह भूत की ओर घुमा दिए जाएं और हमें वहां ले जाकर खड़ा कर दिया जाए, जब हमारे पुरखों ने लज्जा ढकने के लिए आगे-पीछे पत्ते लपेटना भी नहीं सीखा था, हमें होश संभालकर सचेत हो जाने की ज़रूरत है.

जालंधर में आयोजित साइंस कांग्रेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: पीटीआई)

साइंस कांग्रेस में आंध्र यूनिवर्सिटी के वीसी: कौरव थे टेस्ट ट्यूब बेबी, रावण के थे हवाई अड्डे

जालंधर में आयोजित भारतीय विज्ञान कांग्रेस में आंध्र यूनिवर्सिटी के कुलपति जी. नागेश्वर राव ने कहा कि विज्ञान और तकनीक भारत के लिए कोई नई बात नहीं हैं, यह बहुत पहले से देश में मौजूद थीं. भगवान राम ने ऐसे अस्त्रों का इस्तेमाल किया था जो लक्ष्य का पीछा कर उसे भेदने के बाद वापस आ जाते थे, जैसा गाइडेड मिसाइल में होता है.

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मालूम नहीं क्यों अगस्त के ढलते पखवाड़े में धृतराष्ट्र आलिंगन की याद आ गई

धृतराष्ट्र आलिंगन लोकबुद्धि के सबसे दिलचस्प शब्दों में से एक है. शक्तिशाली जब सम्मुख हो तो उसके प्रत्येक प्रस्ताव की ठीक से जांच किए बिना उसे ग्रहण करना ख़ुद को जोख़िम में डालना है.

देवबंद से भाजपा विधायक बृजेश सिंह (बृजेश सिंह की फेसबुक वाल से)

‘देवबंद को सिर्फ इस्लामिक स्कूल के नाम से क्यों पहचाना जाना चाहिए?’

भाजपा विधायक बृजेश सिंह का दावा है कि महाभारत काल में देवबंद का नाम देववृंद था और यह देवों की भूमि है. उनके अनुसार महाभारत काल में पांडव देश-निकाला के समय यहीं रुके थे.