Narendra Modi

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कोरोना की दूसरी लहर: शवों का अंबार, मोदी के मंत्रियों का अहंकार

वीडियो: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि हमें यह देखने में दिलचस्पी नहीं रखनी चाहिए कि कितने लोगों को कोविड-19 टीका लग चुका है, बल्कि आबादी के कितने प्रतिशत का टीकाकरण हो चुका है, यह महत्वपूर्ण है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने मनमोहन सिंह की आलोचना की है.

ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

विधानसभा चुनाव: टीएमसी का चुनावी अभियान बंगाल के लोगों की उम्मीदों के ठीक उलट है

दस सालों से पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज़ तृणमूल कांग्रेस का चुनावी अभियान राज्य के सबसे ज्वलंत मुद्दों से बेख़बर है. इसके बजाय पार्टी का प्रयास भाजपा की ही तरह विभाजन पैदा करना नज़र आता है.

दिल्ली सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के बाद आनंद विहार में जुटी प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़. (फोटो: पीटीआई)

कोविड संकट: कोर्ट ने कहा, दिल्ली सरकार प्रवासी मज़दूरों के लिए पर्याप्त करने में विफ़ल रही

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद दिल्ली सरकार ने 26 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है. इसके बाद से दिल्ली से पिछले साल की तरह प्रवासी मज़दूर दोबारा अपने घरों को लौटने लगे हैं.

Ranchi: Jharkhand Mukti Morcha (JMM) executive president Hemant Soren addresses a press conference ahead of Jharkhand Assembly Elections, in Ranchi, Sunday, Sept. 15, 2019. (PTI Photo) (PTI9_15_2019_000038B)

चुनावी बांड के ज़रिये चंदा देने वालों का नाम घोषित करने वाली पहली पार्टी बनी झामुमो

झारखंड में सत्तारूढ़ पार्टी झामुमो ने बताया है कि उसे एल्युमिनियम एवं तांबा विनिर्माता कंपनी हिंडाल्को से एक करोड़ रुपये का चंदा चुनावी बांड के ज़रिये मिला है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने कहा है कि इससे यह सवाल उठता है कि क्या राजनीतिक दलों को दान देने वालों की पहचान की जानकारी है, जिन्होंने उसे चुनावी बॉन्ड के ज़रिये योगदान दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

18 साल से अधिक उम्र के सभी लोग एक मई से कोविड-19 का टीका लगवा सकते हैं: केंद्र

केंद्र ने राज्यों, निजी अस्पतालों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सीधे टीका निर्माताओं से खुराक खरीदने की अनुमति भी दी है. सरकार ने कहा कि टीका उत्पादकों को राज्य सरकारों को और खुले बाज़ार में उपलब्ध होने वाली 50 प्रतिशत आपूर्ति की कीमत एक मई, 2021 से पहले घोषित करनी होगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति गंभीर, 19 अप्रैल की रात से 26 अप्रैल की सुबह तक लॉकडाउन

लॉकडाउन की घोषणा करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवासी लोगों से अपील की कि वे दिल्ली छोड़कर न जाएं. केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे केंद्र सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाने का आग्रह किया. साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित न हो.

मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

मनमोहन सिंह ने कहा, कितने लोगों को टीका लगा, इसके बजाय टीकाकरण बढ़ाने का प्रयास अहम होना चाहिए

कोविड-19 पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि हमें यह देखने में दिलचस्पी नहीं रखनी चाहिए कि कितने लोगों को टीका लग चुका है, बल्कि आबादी के कितने प्रतिशत का टीकाकरण हो चुका है, यह महत्वपूर्ण है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने मनमोहन सिंह की आलोचना की है.

17 अप्रैल 2021 को पश्चिम बंगाल के गंगारामपुर में एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: भाजपा/यूट्यूब)

लानत है, लानत, विराग को राग सुहाए, साधू होकर मांस मनुज का भर मुंह खाए…

प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करने से पहले याद कर लें कि जिस समय वे कुंभ में जमावड़े से बचने की अपील कर रहे थे, उसी समय बंगाल में अपनी सभाओं में जनता को आमंत्रित कर रहे थे. क्या वह भीड़ संक्रमण से सुरक्षित है? क्या यह अधिकार प्रधानमंत्री, उनके गृह मंत्री को है कि वे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका के बीच उस संक्रमण का पूरा इंतज़ाम करें? क्या यह राष्ट्रीय आपदा क़ानून के तहत अपराध नहीं है?

उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले के दौरान नगा साधु. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: भाजपा ने देरी से लिया यू-टर्न, मोदी ने कुंभ को ‘प्रतीकात्मक’ रखने की अपील की

कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता तीरथ सिंह रावत ने कहा था कि कुंभ को मरकज़ से जोड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि मरकज एक कोठी की तरह की बंद जगह में हुआ था, जबकि कुंभ का क्षेत्र बहुत बड़ा, खुला हुआ और विशाल है. उन्होंने कहा था कि सबसे महत्वपूर्ण है कि कुंभ गंगा नदी के किनारे है. मां गंगा का आशीर्वाद यहां बह रहा है, इसलिए यहां कोरोना नहीं होना चाहिए.

(फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों में कोविड के क़रीब 80 प्रतिशत मामले: स्वास्थ्य मंत्रालय

कोविड-19 के रोजाना सामने आ रहे 79.10 प्रतिशत मामले 10 राज्यों में हैं, जिनमें महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. 16 राज्यों में रोज़ाना के नए मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi took his first dose of the COVID-19 vaccine, at AIIMS, in New Delhi on March 01, 2021.

कोविड-19: आंकड़े बताते हैं कि आम दिनों की अपेक्षा टीका उत्सव के दौरान कम टीके लगाए गए

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र ने 11 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच टीका उत्सव के आयोजन की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को टीका लगाना था. हालांकि आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान आम दिनों की तुलना में लोगों को कम ​टीके लगाए गए.

New Delhi: Congress spokesperson Randeep Singh Surjewala addresses a press conference over the alleged vandalization of Ishwar Chandra Vidyasagar’s statue during clashes between BJP and TMC workers, in New Delhi, Thursday, May 16, 2019. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI5_16_2019_000023B)

कोरोना महामारी की स्थिति से निपटने के लिए ‘राजधर्म’ का पालन करें प्रधानमंत्री: कांग्रेस

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम जानते हैं कि कोरोना संकट से निपटने की बजाय प्रधानमंत्री चुनाव में व्यस्त हैं. महाराष्ट्र कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों की जान के बजाय बंगाल चुनाव को महत्व दे रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

ओवरसीज़ सिटिजंस ऑफ़ इंडिया का आरोप, सरकार द्वारा बोलने की आज़ादी का दमन किया जा रहा

कई ओसीआई कार्डधारकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि नागरिकता क़ानून के तहत सरकार को मनमानी शक्तियां मिल गई हैं, जिसके कारण वे अपना प्रतिरोध नहीं जता पाते हैं, उन्हें डर लगा रहता है कि कहीं इसके चलते उनका रजिस्ट्रेशन रद्द न कर दिया जाए.

ज़किया जाफ़री और नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

गुजरात दंगा: नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट के ख़िलाफ़ ज़किया जाफ़री की याचिका पर सुनवाई फ़िर टली

गुजरात के गोधरा में साबरमती ट्रेन में आग लगाए जाने के एक दिन बाद 28 फरवरी, 2002 को अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसाइटी में 68 लोग मारे गए थे. दंगों में मारे गए इन लोगों में ज़किया जाफ़री के पति एहसान जाफ़री भी शामिल थे. घटना के क़रीब 10 साल बाद आठ फरवरी, 2012 को एसआईटी ने मोदी तथा 63 अन्य को क्लीनचिट देते हुए ‘क्लोज़र रिपोर्ट’ दाख़िल की थी.

(फोटो: पीटीआई)

जब वोट धर्म के नाम पर पड़ना है तो अस्पतालों को ठीक करने की मेहनत कोई क्यों करे

पिछले साल कोरोना वायरस के कारण गुजरात के अस्पतालों के बाहर जो हाहाकर मचा था, उसकी ख़बरें देश को कम पता चलीं. इस साल भी हाहाकार मचा है. जिस राज्य की जनता ने नरेंद्र मोदी को इतना प्यार किया वह बिलख रही है और प्रधानमंत्री बंगाल में गुजरात मॉडल बेच रहे हैं.