Pahlaj Nihlani

लिपस्टिक अंडर माय बुरक़ा बोल्ड है, मगर स्त्रीवादी नहीं

सिगरेट-शराब पीने और सेक्स को आज़ादी का प्रतीक मानने के पुराने, बार-बार आजमाए जा चुके नुस्खे के साथ यह फिल्म इस पितृसत्तात्मक समझ का ही प्रसार करती हैं कि औरतें झूठी और बेवफा होती हैं.

‘ये तो पैंट-शर्ट पहने हैं, ये महिला थोड़ी न हैं!’ सेंसर बोर्ड सदस्य ने निर्माता पर की टिप्पणी

बाबूमोशाय बंदूकबाज़ की फिल्म निर्माता किरन श्रॉफ ने बताया कि सेंसर बोर्ड अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने उनसे कहा कि ख़ुशनसीब हो जो कि तुम्हारी फिल्म बैन नहीं हुई.

‘वॉचमैन’ से तुलना किए जाने पर भड़के पहलाज, आइफा को भेजा क़ानूनी नोटिस

आइफा समारोह में एक एक्ट के दौरान अभिनेता रितेश देशमुख और मनीष पॉल ने सेंसर बोर्ड प्रमुख पहलाज निहलानी का मज़ाक उड़ाया था.

नोटबंदी पर बनी बंगाली फिल्म ‘शून्योता’ पर सेंसर बोर्ड ने लगाई रोक

नोटबंदी पर बनी एक बंगाली फिल्म की रिलीज़ पर सीबीएफसी के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने रोक लगा दी है. इस फिल्म को मंज़ूरी देने के लिए सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष को भेजा गया है.

फिल्म से ‘मन की बात’ हटा दो, ये प्रधानमंत्री का शो है

साल 2008 में हुए अहमदाबाद बम विस्फोट पर बनी फिल्म ‘समीर’ के एक डायलॉग को लेकर सेंसर बोर्ड को आपत्ति है. फिल्म से प्रताड़ना और बम विस्फोट से जुड़े दृश्यों को भी हटाने को कहा गया है.

फिल्मकारों के प्रति सरकार का रवैया विनाशकारी है: अदूर गोपालकृष्णन

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता ने कहा, मैंने उन सरकारी अधिकारियों के चेहरे पर आनंद देखा है जो जानते हैं कि वे हमारे रचनात्मक कार्यों को बर्बाद कर रहे हैं.

फिल्म इंडस्ट्री ने धमकी और ब्लैकमेलिंग के आगे झुकने की आदत बना ली है

आज ये फिल्मों और किताबों के बारे में है, कल ये पत्रकारिता या किसी और बारे में होगा. आज़ादी में हो रही इस दख़लअंदाज़ी के ख़िलाफ़ खड़ा होना अब ज़रूरी हो गया है.