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नागरिकता क़ानून: ‘अगर मुझे पता होता कि 14 दिन जेल में रखा जाएगा तो प्रदर्शन में नहीं जाती’

वीडियो: बीते 19 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के बनारस शहर में हुए प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता एकता और उनके पति रवि शेखर को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था. 14 दिन बाद दोनों को रिहा किया गया.

जमानत पर रिहा होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता एकता शेखर अपनी 14 महीने की बच्ची के साथ. (फोटो: एएनआई)

नागरिकता कानून: 14 महीने की बच्ची के मां-बाप के साथ बनारस के 56 प्रदर्शनकारियों को मिली जमानत

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 19 दिसंबर को वाराणसी के बेनिया क्षेत्र से निकाले मार्च में शामिल 14 महीने की बच्ची के सामाजिक कार्यकर्ता मां-बाप के साथ 73 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ वामदल के सदस्य और छात्र भी शामिल थे.

वाराणसी में जॉइंट एक्शन कमेटी के नेतृत्व में नागरिकता संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन निकालते लोग. (फोटो: ट्विटर/@safdar_sp)

नागरिकता क़ानून: बनारस में छात्रों, कार्यकर्ताओं, वाम सदस्यों समेत 73 लोगों को नहीं मिली ज़मानत

जॉइंट एक्शन कमेटी के तहत नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध करने वाले बीएचयू के छात्रों ने कहा कि उनके दर्जनों साथियों को 19 दिसंबर से ही गिरफ्तार किया गया है. कमेटी के सदस्य और एमए फर्स्ट ईयर के छात्र प्रियेश पांडे ने कहा कि गिरफ्तार किए गए 12 लोगों में से तीन पीएचडी छात्र, आठ एमए छात्र और एक बीए का छात्र है.

Bhopal: Social activist Medha Patkar addresses a press conference to draw attention towards conservation of river Narmada and farmers’ issue during a Jan Adalat, in Bhopal on Monday, June 04, 2018. (PTI Photo) (PTI6_4_2018_000060B)

सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर का पासपोर्ट ज़ब्त

अक्टूबर में मुंबई क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने मेधा पाटकर को नोटिस जारी कर कहा था कि उन्होंने पासपोर्ट रिन्यू करवाते समय अपने ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की जानकारी छिपाई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

जुलाई से सितंबर के बीच गूगल ने भारतीयों को दी थी सरकार समर्थित साइबर हमले की चेतावनी

यह मामला वॉट्सऐप के उस खुलासे के बाद सामने आया है, जिसमें एक इज़राइली स्पाइवेयर पेगासस से कम से कम 121 भारतीय पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की बात सामने आई थी. खास बात यह थी कि इज़राइली कंपनी अपना स्पाइवेयर सिर्फ सरकारी एजेंसियों को बेचती है.

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पासपोर्ट कार्यालय ने मेधा पाटकर को नोटिस भेज उन पर दर्ज मामलों की जानकारी मांगी

मुंबई के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने सामाजिक कार्यकर्ता और नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर को उन पर लंबित मामलों के बारे में जानकारी कथित रूप से छुपाने को लेकर नोटिस भेजा है. कार्यालय ने उनसे यह भी पूछा है कि उनका पासपोर्ट क्यों ज़ब्त नहीं किया जाना चाहिए.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

वॉट्सऐप जासूसी मामला: केंद्र सरकार ने कहा, फोन टैप करने के लिए केवल 10 एजेंसियां अधिकृत

केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को सूचित किया कि सीबीआई, ईडी और आईबी समेत 10 केंद्रीय एजेंसियों को टेलीफोन बातचीत टैप करने का अधिकार है और उन्हें फोन कॉल पर किसी की निगरानी करने से पहले केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी लेनी होती है.

भूपेश बघेल. (फोटो: पीटीआई)

छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री ने वॉट्सऐप जासूसी मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की

इजरायली स्पाइवेयर से भारतीयों की जासूसी किए जाने के वॉट्सऐप के खुलासे के बाद छत्तीसगढ़ के पांच पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दावा किया था कि उनकी फोन कॉल अवैध रूप से टैप करने की कोशिश की गई है. इसके साथ ही जानकारी मिली थी कि राज्य के कुछ व्यक्तियों के स्मार्टफोन अवैध रूप से टैप किए गए हैं.

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कोलकाता प्रोफेसर को याहू ने किया अलर्ट, कहा- हो सकता है सरकार समर्थित लोगों ने जासूसी की हो

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भीमा कोरेगांव हिंसा के संबंध में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद साल 2018 में गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि वह राज्य के 10 संगठनों पर नज़र रखे. इन संगठनों से जुड़े लोगों में कोलकाता के एसोसिएट प्रोफेसर पार्थसारथी रे भी शामिल थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

सूचना प्रौद्योगिकी और गृह मामलों की संसदीय समितियां करेंगी वॉट्सऐप जासूसी मामले की सुनवाई

फेसबुक के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप ने अमेरिका की अदालत में एक इज़राइली निगरानी कंपनी के ख़िलाफ़ आरोप लगाया है कि उसने भारतीयों सहित दुनियाभर के क़रीब 1,400 वॉट्सऐप उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाया था. भारत में आम चुनाव के दौरान पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की बात सामने आई थी.

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मीडिया बोल: वॉट्सऐप जासूसी, किसकी साज़िश, किसका हाथ

वीडियो: वॉट्सऐप ने हाल ही में बताया कि आम चुनाव के दौरान करीब दो दर्जन भारतीयों के फोन की जासूसी की गई थी. मीडिया बोल की इस कड़ी में उर्मिलेश इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अपार गुप्ता और वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा से चर्चा कर रहे हैं.

New Delhi: All India Congress Committee (AICC) General Secretary of Uttar Pradesh East Priyanka Gandhi Vadra during the Congress General Secretaries meet, in New Delhi, Thursday, Feb. 07, 2019. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI2_7_2019_000133B)

कांग्रेस का दावा, वॉट्सऐप ने फोन हैकिंग की संभावना के बारे में प्रियंका को सतर्क किया था

वॉट्सऐप ने मई के अलावा सितंबर में भी 121 भारतीयों पर स्पाइवेयर हमले के बारे में भारत सरकार को जानकारी दी थी. हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि उसे वॉट्सऐप से जो सूचना मिली थी वह अपर्याप्त और अधूरी थी.

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वॉट्सऐप जासूसी: क्या है मामला, किसके फोन पर रखी गई थी नज़र

वीडियो: वॉट्सऐप ने हाल ही में बताया कि आम चुनाव के दौरान भारत के कम से कम दो दर्जन शिक्षाविदों, वकीलों, दलित कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के फोन एक अत्याधुनिक इजरायली सॉफ्टवेयर की निगरानी में थे. इस बारे में बता रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन.

(फोटो: रॉयटर्स)

वॉट्सऐप ने सरकार को 121 भारतीयों की जासूसी होने की दी थी जानकारी

वॉट्सऐप ने कहा है कि उसने मई 2019 में भी सरकार को भारतीयों की सुरक्षा में सेंध लगाने की जानकारी दी थी. वहीं, सरकार का कहना है कि वॉट्सऐप ने जो सूचनाएं दी थीं वे बहुत ही तकनीकी थीं. उनमें डेटा चोरी करने या पेगासस का उल्लेख नहीं था.

निहालसिंह राठौड़. (फोटो: द वायर)

वॉट्सऐप जासूसी मामला: कौन हैं वे सामाजिक कार्यकर्ता और वकील, जिनके फोन पर रखी गई थी नज़र

भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं के वकील निहालसिंह राठौड़ ने बताया कि पेगासस सॉफ्टवेयर पर काम करने वाली सिटिजन लैब के शोधकर्ता ने उनसे संपर्क कर डिजिटल ख़तरे को लेकर चेताया था. मानवाधिकार कार्यकर्ता बेला भाटिया और डीपी चौहान ने भी दावा किया है कि उनकी भी जासूसी की गई थी.