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सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

अदालत ने पहचान के सबूत के बिना ही यौनकर्मियों को राशन उपलब्ध कराने का राज्यों को निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को चार हफ़्ते के भीतर इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट दाख़िल करने का भी निर्देश दिया है कि कितनी यौनकर्मियों को राशन दिया गया. एक याचिका में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की वजह से यौनकर्मियों की स्थिति बहुत ही ख़राब है. उन्हें राशन कार्ड और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है.

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कोरोना पर केंद्र की ग़लत नीति के चलते अब तबाही के आसार नज़र आ रहे हैं

वीडियो: कोरोना महामारी के संक्रमण के मामले रोज़ाना बढ़ रहे हैं. इस मुद्दे पर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

यह संस्था सरकार की बंधक नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि न्यायालय सरकार के कथन का सत्यापान किए बगैर ही उस पर विचार कर रही है जबकि लोगों, विशेषकर पलायन करने वाले कामगारों, के मौलिक अधिकार लागू नहीं किए जा रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन: सरकार का यू-टर्न, गैर-आवश्यक वस्तुओं की बिक्री नहीं कर पाएंगी ई-कॉमर्स कंपनियां

बीते 15 अप्रैल को जारी नोटिफिकेशन में गृह मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों को मोबाइल फोन, रेफ्रिजरेटर और सिलेसिलाए परिधानों आदि की बिक्री की अनुमति दी थी, लेकिन अब इस ‘छूट’ को वापस ले लिया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: देश के 170 जिले बने हॉटस्पॉट, 207 अन्य जिले संभावित श्रेणी में

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बुधवार को 392 हो गई जबकि इससे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 11,933 है. पिछले 24 घंटों में 1118 नए संक्रमितों की पहचान हुई है, जिसमें 39 लोगों की जान जा चुकी है.

(फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: देशभर में सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर मुंह ढकना अनिवार्य, थूकने पर जुर्माना

गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ये दिशानिर्देश देशभर में जिलाधिकारियों द्वारा लागू किए जाएंगे, जिसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जुर्माना लगाने के साथ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

(फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: जानिए 20 अप्रैल से किन आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी छूट

जनता की परेशानियों को देखते हुए कुछ चुनिंदा गतिविधियों को 20 अप्रैल से चालू करने की मंजूरी दी गई है. ये राहतें राज्य/केंद्र शासित सरकारों या जिला प्रशासन द्वारा मौजूदा दिशानिर्देशों का सख्त अनुपालन करते हुए दी जाएंगी.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after presenting the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_5_2019_000138B)

कोरोना: निर्मला सीतारमण ने 1.75 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित राहत पैकेज में उन योजनाओं की भी राशि शामिल है जो पहले से ही चली आ रही हैं और तय समय पर उन्हें जारी किया जाना था.

(फोटो साभार: ट्विटर)

कोरोना लॉकडाउन: रामायण और महाभारत का दोबारा प्रसारण कर सकता है दूरदर्शन

प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशि शेखर ने बीते 25 मार्च को ट्वीट कर कहा कि उनका विभाग धारावाहिक के निर्माताओं से महाभारत और रामायण का प्रसारण अधिकार मांग रहा है.

Mumbai: People maintain social distance as they wait outside a chemist shop during a 21-day nationwide lockdown in the wake of coronavirus pandemic, at Girgaon in Mumbai, Wednesday, March 25, 2020. (PTI Photo/Kunal Patil)(PTI25-03-2020 000142B)

कोरोना लॉकडाउन: रियायतों पर नए दिशा-निर्देश जारी, कई सेवाओं को मिली बंद से छूट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश भर में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के बाद जारी नए दिशा-निर्देशों में वन कार्यालयों के कर्मचारियों, चिड़ियाघरों, नर्सरी, वन्यजीव और पौधों को पानी देने की सेवा से जुड़े लोगों को छूट दी गई है. साथ ही विधवाओं, बच्चों, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और निराश्रित महिलाओं के आश्रय गृहों के संचालन से जुड़े कर्मियों को भी इस बंद से छूट मिलेगी.

Guwahati: Protestor’s burn hoardings and other materials during their march against the Citizenship (Amendment) Bill, 2019, in Guwahati, Wednesday, Dec. 11, 2019. (PTI Photo)

सीएबी, एनआरसी की खींचतान के बीच व्यवस्था से प्रताड़ित लोगों की चिंता किसे है?

राज्य सरकारों से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि लोगों को बाहर जाकर रोजी क्यों तलाशनी पड़ती है? लोग अपने परिवार के साथ अपने इलाके में गरिमामय जीवन और शांति का माहौल चाहते हैं. राज्य सरकारें उनके राज्यों में रहने-जीने की सही व्यवस्था और अपराधमुक्त माहौल क्यों नहीं मुहैया करा पातीं?

(फोटो: रॉयटर्स)

अस्पतालों को संवेदनशील बनाया जाए ताकि कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल एक याचिका में आरोप लगाया है कि हर साल देश में लगभग सवा लाख लोग कुष्ठ रोग से प्रभावित होते हैं. 1981 से ही देश में इसका मेडिकल इलाज उपलब्ध होने के बावजूद सरकारें अब तक इसे जड़ से ख़त्म करने में असफल रही हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

कार्यपालिका हमें ‘बेवक़ूफ़’ बना रही है: उच्चतम न्यायालय

पर्यावरण और जनता के लाभ लिए जमा क़रीब एक लाख करोड़ रुपये की राशि किसी और मद में ख़र्च होने ने नाराज़ न्यायालय ने कहा कि यह धन जनता की भलाई के लिए है, सरकार की भलाई के लिए नहीं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

विपक्ष शासित राज्यों में भाजपा राज्यपाल के माध्यम से सरकार चलाने की कोशिश कर रही है: केजरीवाल

चिदंबरम ने तमिलनाडु के राज्यपाल पर बोला हमला, कहा- वे राज्य कार्यपालिका के वास्तविक प्रमुख नहीं हैं, मुख्यमंत्री को आदेश देना चाहिए कि प्रशासन राज्यपाल द्वारा बुलाई बैठक का हिस्सा बनने से इनकार कर दे.