Sucharita Sen

(फोटो: द वायर)

जेएनयू हिंसा: एक महीने बाद भी कार्रवाई न होने पर शिक्षकों का पुलिस हेडक्वार्टर पर प्रदर्शन

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखकर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है. शिक्षक संघ के अध्यक्ष डीके लोबियाल ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषी पकड़े नहीं जाएंगे तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

New Delhi: JNU students gather at the entrance gate of the Jawahar Lal University before leaving for their protest march from Mandi House to HRD Ministry, demanding removal of the university vice-chancellor, in New Delhi, Thursday, Jan. 9, 2020. (PTI Photo) (PTI1_9_2020_000199B)

जेएनयू में हिंसा से पहले सर्वर रूम में सीसीटीवी कैमरे नहीं तोड़े गए थेः आरटीआई

आरटीआई में हुआ ये खुलासा जेएनयू प्रशासन के उन दावों के विपरीत है, जिनमें कहा गया था कि छात्रों ने तीन जनवरी को बायोमीट्रिक प्रणाली और सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया था. पांच जनवरी को हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने छात्रसंघ अध्यक्ष ओइशी घोष और अन्य छात्रों के ख़िलाफ़ सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने के आरोप में केस दर्ज कराया था.

प्रोफेसर सुचारिता सेन. (फोटो: द वायर)

‘जेएनयू में हम असहमत होते हैं, बहस-विरोध करते हैं लेकिन हिंसा नहीं करते’

साक्षात्कार: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पांच जनवरी को नकाबपोश हमलावरों द्वारा की गई हिंसा में 30 से अधिक छात्र घायल हुए थे, साथ ही कई शिक्षक भी चोटिल हुए थे. इनमें से एक प्रोफेसर सुचारिता सेन थीं. जेएनयू के इस घटनाक्रम पर सुचारिता सेन से रीतू तोमर की बातचीत.

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जेएनयू वीसी के विरोध में अर्थशास्त्री अमित भादुड़ी ने एमेरिटस प्रोफेसर के पद से इस्तीफा दिया

प्रोफेसर भादुड़ी ने वीसी को पत्र लिखकर कहा, ‘मौजूदा माहौल को देखकर मुझे काफी पीड़ा होती है. लेकिन मुझे लगता है कि बिना विरोध दर्ज कराए इस पूरे घटनाक्रम का मूक दर्शक बने रहना मेरे लिए अनैतिक होगा. विश्वविद्यालय में विरोध और विमर्श का गला घोटा जा रहा है.’

New Delhi: Students stage a protest at main Gate of JNU over Sunday's violence,  in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus of the University in New Delhi, Sunday evening.(PTI Photo/Atul Yadav)(PTI1_6_2020_000147B)

जेएनयू हिंसा फुटेज सुरक्षित रखने की याचिका पर हाईकोर्ट का वॉट्सऐप, गूगल, एप्पल, पुलिस को नोटिस

पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि हिंसा का सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने के उसके अनुरोध पर जेएनयू प्रशासन की ओर से अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है. वहीं, उसने व्हाट्सऐप को भी लिखित अनुरोध भेजकर उन दो ग्रुप का डेटा सुरक्षित रखने को कहा है जिन पर जेएनयू में हिंसा की साज़िश रची गई थी.

जेनएयू और कुलपति जगदीश कुमार (फोटो: ट्विटर)

पांच जनवरी के हमले के ‘साजिशकर्ता’ हैं जेएनयू कुलपति: कांग्रेस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट

फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने पांच जनवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में की गई हिंसा की पहचान निशाना बनाकर किए गए हमले के रूप में की है, जिसका उद्देश्य छात्रों और फैकल्टी के सदस्यों डराना और धमकाना था. इसके साथ ही यह संस्थान के कुलपति के समर्थन और प्रोत्साहन के साथ किया गया था.

New Delhi: DCP (Crime) Joy Tirkey releases photographs of suspects in JNU violence as Delhi Police PRO MS Randhawa (R) looks on, during a press conference in New Delhi, Friday, Jan. 10, 2020. (PTI Photo)(PTI1_10_2020_000130B)

एबीवीपी के वीडियो और फोटो पर आधारित थे जेएनयू हिंसा से जुड़े पुलिस के अधिकतर सबूत: रिपोर्ट

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली पुलिस की एसआईटी के प्रमुख पुलिस उपायुक्त जॉय टिर्की ने कहा कि नौ में सात छात्र लेफ्ट संगठनों एसएफआई, एआईएसएफ, आईसा और डीएसएफ से जुड़े हुए हैं. हालांकि, इस दौरान दो अन्य छात्रों के एबीवीपी से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने एबीवीपी का जिक्र नहीं किया.

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स्टिंग ऑपरेशन में एबीवीपी से जुड़े दो छात्रों ने जेएनयू हिंसा में शामिल होने की बात स्वीकार की

दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक घंटे बाद ही उसके दावों पर सवाल उठाते हुए एक निजी समाचार चैनल इंडिया टुडे ने शुक्रवार शाम एक स्टिंग ऑपरेशन का प्रसारण किया. इसमें दो छात्र एबीवीपी का सदस्य होने का दावा करते हैं और पांच जनवरी की हिंसा में अपनी भूमिका के बारे में बताते हैं.

भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी और जेएनयू के कुलपति एम. जगदीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

जेएनयू हिंसा: वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने जेएनयू के कुलपति को हटाने की मांग की

पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि यह हैरान करने वाला है कि विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के मुद्दे के समाधान के लिए सरकार की ओर से दो बार सुझाव दिए गए, लेकिन कुलपति सरकार के प्रस्ताव को लागू नहीं करने पर आमादा हैं. वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि कुलपति को हटाना समाधान नहीं.

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मैं हमलावरों को पहचान सकती हूं: जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष

वीडियो: बीते पांच जनवरी की रात कुछ नकाबपोश लोग जेएनयू कैंपस में घुस आए और विभिन्न हॉस्टलों में तोड़फोड़ की था. हमलावरों ने छात्रों को बर्बर तरीके से पीटा. इस हमले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष भी घायल हो गई थीं. उनसे द वायर के अविचल दुबे से बातचीत.

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इतना डराया कि अब डर नहीं लगता: अभिनेता मोहम्मद ज़ीशान

वीडियो: वर्तमान में देश के हालात और जेएनयू में हिंसा, सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों पर फिल्म अभिनेता मोहम्मद ज़ीशान अयूब से द वायर की आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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जेएनयू हमले के ख़िलाफ़ जामा मस्जिद पर प्रदर्शन

वीडियो: जेएनयू में बीते पांच जनवरी को नकाबपोश लोगों द्वारा की गई हिंसा और छात्रों व प्रोफेसरों से मारपीट के ख़िलाफ़ दिल्ली की जामा मस्जिद पर लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और छात्रों के ख़िलाफ़ हो रहे हमलों पर अपनी राय रखी. द वायर की रिपोर्ट.

अमर्त्य सेन. (फोटो: रॉयटर्स)

जेएनयू हिंसा मामले के चार दिन बाद भी कोई गिरफ़्तारी नहीं, अमर्त्य सेन ने पुलिस की आलोचना की

बीते पांच जनवरी को नई दिल्ली जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में नकाबपोश लोगों की भीड़ ने घुसकर तीन छात्रावासों में छात्रों और प्रोफेसरों पर हमला किया था. नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि कुछ बाहरी लोग आए और विश्वविद्यालय के छात्रों को प्रताड़ित किया. विश्वविद्यालय के अधिकारी इसे रोक नहीं सके. यहां तक कि पुलिस भी वक्त पर नहीं आई.

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जेएनयू हिंसा: ‘जहां बिना आईकार्ड कोई आ नहीं सकता, वहां लाठी-रॉड लिए भीड़ कैसे घुस गई’

वीडियो: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में पांच जनवरी की देर शाम नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया, जिसमें 30 से अधिक लोग घायल हुए. इस घटना में घायल जेएनयू की प्रोफेसर सुचारिता सेन से रीतू तोमर की बातचीत.