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एमपीः ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने पर विवाद, छात्र-शिक्षक से मारपीट का आरोप

मध्य प्रदेश के आगर मालवा ज़िले के एक निजी स्कूल का मामला. आरोप है कि कुछ मुस्लिम बच्चे ‘भारत माता की जय’ का नारा नहीं लगा रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद हुआ. इसके बाद विरोध करने वाले एक छात्र और शिक्षक से मारपीट किए जाने का आरोप है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

भोपालः मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के एक स्कूल में भारत माता की जय का नारा लगाने को लेकर हुए विवाद में कुछ लोगों ने एक शिक्षक और एक छात्र की कथित तौर पर पिटाई कर दी.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 175 किलोमीटर दूर बड़ौद कस्बे में मंगलवार को हुई इस घटना के बाद करीब 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मामले में नौ लोगों के खिलाफ नामजद और 8-10 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

आगर-मालवा के पुलिस अधीक्षक राकेश सागर (एसपी) ने बुधवार को बताया कि बड़ौद कस्बे के एक निजी स्कूल में हिंदू-मुसलमान सहित विभिन्न समुदायों के विद्यार्थी पढ़ते हैं.

उन्होंने बताया, ‘स्कूल में भारत माता की जय का नारा लगाने को लेकर छात्रों के बीच कुछ विवाद हुआ था, मामला वहीं शांत हो गया, लेकिन इसके बाद कुछ छात्रों ने स्कूल के बाहर दूसरे पक्ष के लड़कों की कथित तौर पर पिटाई कर दी.’

पुलिस के एक अन्य अधिकारी के अनुसार, ‘स्कूल में प्रार्थना के बाद विद्यार्थी राष्ट्रगान गाते हैं और इसके अंत में ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘कुछ मुस्लिम बच्चे भारत माता की जय नहीं बोल रहे थे और कक्षा 12वीं के छात्र भरत सिंह राजपूत (19 वर्ष) ने इसका विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप विवाद हुआ.’

अधिकारी ने बताया कि राजपूत ने पुलिस में शिकायत की कि जब वह अन्य छात्रों के साथ मंगलवार को स्कूल से घर लौट रहा था तो उन्हें और एक शिक्षक को रोककर पीटा गया.

एफआईआर के अनुसार, राजपूत ने दावा किया कि बड़ौद के कसाई मोहल्ला इलाके में कुछ मुस्लिम लड़कों और उनके दोस्तों ने उन्हें और एक दलित शिक्षक को रोका. आरोपियों ने उसे और अन्य लोगों को अपशब्द कहे और लाठियों से पीटा.

शिकायतकर्ता छात्र ने आरोप लगाया कि जब शिक्षक ने अपने मोबाइल फोन पर घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोपियों ने उन्हें भी लाठियों से मारा और उनका फोन तोड़ दिया.

हालांकि एसपी राकेश सागर ने कहा, ‘यह घटना कानूनी अपराध की तुलना में उचित परामर्श और मार्गदर्शन का मामला अधिक है, क्योंकि घटना में शामिल सभी छात्र हैं. स्कूली शिक्षकों और प्रधानाचार्य को छात्रों को नैतिक शिक्षा देनी चाहिए.’

एसपी ने कहा, ‘विवाद की शिकायत के बाद मारपीट और दंगा करने के लिए आईपीसी की संबंधित धाराओं और एससी-एसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है.’

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि राजपूत की शिकायत के बाद मामले में नौ लोगों के खिलाफ नामजद और 8-10 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच के बाद आगे कानूनी कदम उठाए जाएंगे.