ईडी ने अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की 3,034 करोड़ से अधिक की संपत्ति बैंक धोखाधड़ी मामले में कुर्क की है. इस कार्रवाई में मुंबई में एक फ्लैट, खंडाला का एक फार्महाउस और अहमदाबाद की ज़मीन शामिल है, जिससे कुल कुर्क संपत्ति 19,344 करोड़ रुपये से अधिक हो गई हैं. हालांकि आधी राशि अभी भी वसूल की जानी बाक़ी है.
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ईडी ने अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की 3,034 करोड़ से अधिक की संपत्ति बैंक धोखाधड़ी मामले में कुर्क की है. इस कार्रवाई में मुंबई में एक फ्लैट, खंडाला का एक फार्महाउस और अहमदाबाद की ज़मीन शामिल है, जिससे कुल कुर्क संपत्ति 19,344 करोड़ रुपये से अधिक हो गई हैं. हालांकि आधी राशि अभी भी वसूल की जानी बाक़ी है.
सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ-सदस्यीय संविधान पीठ ने सबरीमाला मामले की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक समुदाय को पूजा-पाठ करने के तरीके में स्वायत्तता है और अदालत उसके धार्मिक मामलों में फैसला नहीं सुना सकती है, लेकिन अगर किसी धर्मनिरपेक्ष गतिविधि पर असर पड़ रहा है, तो सरकार अपने अधिकारों से हस्तक्षेप कर सकती है.
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी उन याचिकाओं के समूह पर फैसला सुनाते समय की, जिनमें बढ़ते हेट स्पीच की समस्या से निपटने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई थी. अदालत ने कहा कि यह तर्क कि हेट स्पीच का क्षेत्र विधायी रूप से खाली है, भ्रामक है. मौजूदा आपराधिक क़ानून का ढांचा, जिसमें भारतीय दंड संहिता और अन्य संबंधित क़ानूनों के प्रावधान शामिल हैं, इन कृत्यों से पर्याप्त रूप से निपटता है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमलों के 61 दिन पूरे हो चुके हैं. युद्ध विराम के बावजूद लेबनान और ग़ज़ा में इज़रायली हमले जारी हैं. इस बीच संयुक्त राष्ट्र में ईरान को वर्ष 2026 के परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) समीक्षा सम्मेलन का उपाध्यक्ष चुना गया है. इस फैसले को वैश्विक मंच पर वॉशिंगटन की अलग-थलग पड़ती स्थिति के रूप में देखा जा रहा है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप का दौरा किया और वहां के लोगों से मुलाकत बाद कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना विकास नहीं है, बल्कि विकास की भाषा में छिपा हुआ विनाश है. यह इस देश की प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ़ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक है.
देश में आज कल लगभग हर सेवा में आधार कार्ड मांगा जाता है, लेकिन सरकार और यूआईडीएआई बार-बार स्पष्ट करते रहे हैं कि यह जन्मतिथि, नागरिकता या कई मामलों में पते का अंतिम प्रमाण नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि आख़िर आधार की क़ानूनी और व्यावहारिक हैसियत क्या है?
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