यह घटना सागर के बंडा सिविल अस्पताल में हुई, जहां इलाज के लिए लाए गए सर्दी, खांसी से पीड़ित 19 महीने के एक बच्चे को कथित रूप से ग़लत दवा दिए जाने के चलते उसकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है. शिशु के परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान बच्चे की आंखों में कफ साफ करने वाला ड्रॉप डाल दिया गया, जिस कारण हालात बिगड़ गए.