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ईवीएम विवाद: एलन मस्क ने पूर्व आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर से कहा, ‘कुछ भी हैक किया जा सकता है’

एलन मस्क और पूर्व आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर के बीच सोशल मीडिया पर बहस तब शुरू हुई जब मस्क ने ईवीएम को ख़त्म किए जाने की बात कही, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर ने भारतीय ईवीएम को सुरक्षित बताया, लेकिन मस्क ने उनके दावे को ख़ारिज कर दिया.

मध्य प्रदेश: फ्रिज में कथित गोमांस मिलने पर 11 लोगों के घरों पर चला बुलडोजर

घटना मंडला ज़िले की है. पुलिस के मुताबिक, स्थानीय सरकारी पशु चिकित्सक ने पुष्टि की है कि ज़ब्त किया गया मांस गोमांस ही है. डीएनए की जांच के लिए मांस के नमूने हैदराबाद भेजे गए हैं.

गुजरात: राजकोट गेम ज़ोन के दस्तावेजों से छेड़छाड़ के आरोप में नगर निगम के दो अधिकारी गिरफ़्तार

पुलिस के मुताबिक, बीते माह राजकोट के टीआरपी गेम ज़ोन में आग लगने की घटना के बाद राजकोट नगर निगम के दो अधिकारियों ने गेम ज़ोन से संबंधित सरकारी दस्तावेजों में कुछ बदलाव किए थे और फर्ज़ी दस्तावेज भी बनाए थे.

एनसीईआरटी की 12वीं की नई किताब से मिटा दिया गया बाबरी मस्जिद का नाम

एनसीईआरटी की कक्षा 12वीं की राजनीतिक विज्ञान की किताब में बाबरी मस्जिद को 'तीन गुंबद वाली संरचना' बताया गया है. पहले इस किताब में अयोध्या खंड चार पृष्ठ में था, जिसे घटाकर अब दो पृष्ठ में समेट दिया गया है. नए संस्करण से कई अन्य महत्वपूर्ण विवरण भी हटाए गए हैं.

फ़िलिस्तीन के प्रधानमंत्री ने भारत से गाज़ा पर ‘दृढ़ रुख़’ अपनाने को कहा

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके तीसरे कार्यकाल के लिए भेजे गए बधाई संदेश में फ़िलिस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफ़ा ने लिखा है कि एक वैश्विक नेता और मानवाधिकारों तथा शांति को महत्व देने वाले राष्ट्र के रूप में भारत, गाज़ा में हो रहे नरसंहार को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

क्या केदारनाथ हादसे के दौरान नरेंद्र मोदी ने वाकई 15,000 गुजरातियों को सुरक्षित निकाल लिया था?

पुस्तक अंश: जून 2013 में जब देश केदारनाथ की आपदा से जूझ रहा था, टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक रिपोर्ट, ‘मोदी इन रैम्बो एक्ट', प्रकाशित की थी कि किस तरह गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूस्खलन और बाढ़ की तबाही के बीच फंसे लोगों में से 15,000 गुजरातियों को सुरक्षित वापस निकाल लिया था. इस रिपोर्ट के पीछे का सच क्या था?

लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा

कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: इस चुनाव ने निश्चय ही लोकतंत्र को सशक्त-सक्रिय किया है पर उसकी परवाह न करने वालों को फिर सत्ता में बने रहने का अवसर देकर अपने लिए ख़तरा भी बरक़रार रखा है.

विपक्ष की भूमिका हथियाने का प्रयोग क्यों दोहरा रहा है आरएसएस?

अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्वकाल में ताकतवर विपक्ष द्वारा उनके और उनकी सरकार के विरुद्ध किए जाने वाले विकट हमलों की धार कुंद करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वाजपेयी पर अपनी ओर से हमले प्रायोजित किए थे. आज नरेंद्र मोदी के सामने भी मजबूत विपक्ष है, और संघ प्रमुख मोहन भागवत फिर से वही प्रयोग करने का प्रयास कर रहे हैं.

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