सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आने के बाद इस हफ़्ते सैकड़ों स्कूल प्रधानाध्यापकों को एक सोशल मीडिया प्लेबुक यानी टूलकिट भेजी गई है. इसमें उनसे आग्रह किया गया है कि वे सीबीएसई के बचाव में सोशल मीडिया पर वीडियो और रील पोस्ट करें.
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सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आने के बाद इस हफ़्ते सैकड़ों स्कूल प्रधानाध्यापकों को एक सोशल मीडिया प्लेबुक यानी टूलकिट भेजी गई है. इसमें उनसे आग्रह किया गया है कि वे सीबीएसई के बचाव में सोशल मीडिया पर वीडियो और रील पोस्ट करें.
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को तीन बार की ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट को एशियाई गेम्स 2026 के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी. अदालत ने कहा कि विनेश एक शानदार एथलीट हैं और उन्होंने देश को गौरवान्वित किया है. शीर्ष कोर्ट ने इस मामले की जांच करने के तरीके और पद्धति पर गहरी चिंता व्यक्त की.
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ के फुगेवाड़ी इलाके में कथित ज़हरीली शराब पीने से 24 घंटे के भीतर आठ लोगों की मौत हुई. वहीं, पुणे से पांच लोगों की मौत की ख़बर है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग इस घटना के पीछे के 'पूरे नेटवर्क' की जांच कर रहे हैं. इस मामले में इस्तेमाल हुआ पदार्थ 'मेथेनॉल जैसा कुछ' लग रहा है.
नीट-यूजी प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए वायुसेना की मदद लेने पर विचार से लेकर एसएससी परीक्षा रद्द होने और यूजीसी-नेट आवेदन में तकनीकी खामियों तक, हालिया घटनाएं बताती हैं कि देश की परीक्षा प्रणाली गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है. इसका सबसे बड़ा खामियाजा लाखों अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है.
21 जून को होने वाले नीट-यूजी री-एग्ज़ाम को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद इस परीक्षा की निगरानी करेंगे. इसके अलावा इस परीक्षा में पहली बार भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना और वायुसेना) की मदद लेने की बात भी सामने आ रही है, जिसे लेकर कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं.
डिजिटल दुनिया में हमारी यादें अब सिर्फ तस्वीरों और संदेशों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि एक विशाल ‘डेटा विरासत’ बन चुकी हैं. यह लेख बताता है कि मृत्यु के बाद हमारा डिजिटल डेटा, एआई क्लोन्स और ऑनलाइन अकाउंट्स कैसे कानूनी, नैतिक और पर्यावरणीय संकट पैदा कर रहे हैं, और ‘डिजिटल अमरता’ का सच क्या है.
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