ई-20 ईंधन पर मोदी सरकार की प्रेस वार्ता के बावजूद कई अहम सवालों का जवाब अब भी मौजूद नहीं है. पुराने वाहनों की सुरक्षा, कम माइलेज के बावजूद समान क़ीमत, कृषि सब्सिडी और भूजल की लागत, भंडारण से जुड़े जोखिम, नीति आयोग की हटाई गई रिपोर्ट और उपभोक्ताओं को मुआवज़े जैसे मुद्दों पर सरकार ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया है.