बताया जा रहा है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में तनाव में आए चार छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. पेपर लीक के आरोपों के बीच नीट यूजी 2026 की परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘सिस्टम द्वारा की गई हत्या’ क़रार दिया है.
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बताया जा रहा है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में तनाव में आए चार छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. पेपर लीक के आरोपों के बीच नीट यूजी 2026 की परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘सिस्टम द्वारा की गई हत्या’ क़रार दिया है.
सीजेआई सूर्यकांत द्वारा बेरोज़गार युवाओं को ‘कॉकरोच’, ‘परजीवी’ बताए जाने पर चौतरफ़ा आलोचना के बीच शनिवार (16 मई) को उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान उनके द्वारा दिए गए मौखिक बयान को ग़लत तरीके से प्रस्तुत किया है. सीजेआई ने आगे कहा कि भारत का हर युवा उन्हें प्रेरित करता है.
संयुक्त कृषि एवं ग्रामीण श्रमिक यूनियन मंच और नरेगा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले श्रमिकों ने देश के कई हिस्सों में वीबी-जी राम जी क़ानून के ख़िलाफ़ गांवों में रैलियां निकालीं और जनसभाएं आयोजित कीं. संगठनों ने इस क़ानून को वापस लेने और मज़बूत मनरेगा व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग की.
यूपी पुलिस ने नोएडा मज़दूर आंदोलन मामले में छात्र कार्यकर्ता आकृति चौधरी और वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा पर रासुका लगाया है. आकृति के वकील का कहना है कि पुलिस कोर्ट में ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी है, जिससे हिंसा में उनकी भूमिका साबित हो. वहीं, वर्मा के वकील का कहना है कि पुलिस गुमराह करने के लिए आर्थिक लेनदेन के निराधार आरोप लगा रही है क्योंकि उनके पास हिरासत में लिए लोगों के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएनबीसी-टीवी-18 की उस रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि भारत सरकार विदेश यात्रा पर टैक्स/सरचार्ज लगाने के बारे में विचार कर रही है, जिसके लिए उच्चस्तरीय पर चर्चा हो रही है.
पुस्तक समीक्षा: यतीन्द्र मिश्र की 'नैनन में आन-बान' को जो बात रोचक और पठनीय बनाती है वह है, विषयवस्तु की कसावट; हर कलावंत पर नपी-तुली और विस्तार से ज़्यादा गहराई. वैसे तो शास्त्रीय संगीत ही पुस्तक का केंद्रीय विषय है पर कुछ बातें ऐसी भी हैं जो कला-साहित्य जगत से जुड़े हर व्यक्ति को समझनी चाहिए जैसे- नवाचार के लिए परंपरा की ओर देखना ही पड़ता है या कलात्मक ऊंचाई विचार और विवेक के बिना संभव नहीं.
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