फरवरी 2016 में जेएनयू के छात्रों की राजद्रोह मामले में गिरफ़्तारी के दस साल बाद शिक्षकों और छात्रों का कहना है कि आज सार्वजनिक विश्वविद्यालय अपनी पुरानी पहचान की सिर्फ़ परछाई भर रह गए हैं. भाजपा की विचारधारा से मेल न खाने वाले कार्यक्रमों को नियमित रूप से रद्द किया जा रहा है और नियुक्तियां विशेषज्ञता के बजाय राजनीतिक निष्ठा के आधार पर की जा रही हैं.
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फरवरी 2016 में जेएनयू के छात्रों की राजद्रोह मामले में गिरफ़्तारी के दस साल बाद शिक्षकों और छात्रों का कहना है कि आज सार्वजनिक विश्वविद्यालय अपनी पुरानी पहचान की सिर्फ़ परछाई भर रह गए हैं. भाजपा की विचारधारा से मेल न खाने वाले कार्यक्रमों को नियमित रूप से रद्द किया जा रहा है और नियुक्तियां विशेषज्ञता के बजाय राजनीतिक निष्ठा के आधार पर की जा रही हैं.
जबलपुर ज़िले के सिहोरा में एक ही समय पर आरती और नमाज़ को लेकर उपजे विवाद ने गुरुवार को सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया. अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कोई जनहानि नहीं हुई है और अब तक 49 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. फिलहाल इलाके में शांति बहाल करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है.
गुजरात हाईकोर्ट ने एक महिला की ख़ुदकुशी के बाद आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी ठहराए गए उनके पति को बरी करते हुए कहा कि अदालत को मृत महिला के साथ लगातार मारपीट या असहनीय उत्पीड़न के पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिले हैं. कोर्ट ने कहा कि पति द्वारा सिर्फ एक बार मारा गया एक थप्पड़ क्रूरता की श्रेणी में नहीं आता.
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में बीते महीने अलग-अलग विश्वविद्यालयों के छात्र, युवा गांधीवादी कार्यकर्ताओं समेत नागरिक समाज के लोग साइकिल से 'मनरेगा बचाओ यात्रा' पर निकले थे. इनका कहना है कि नई योजना में सरकार ने सिर्फ नाम नहीं बदला है, बल्कि इसके स्वरूप और बजट की रूपरेखा भी बदल दी गई है.
हुगली ज़िले के निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अमित नंदी को 14 फरवरी को गिरफ़्तार किया गया. एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर उनके ख़िलाफ़ दर्ज एफआईआर में एक फेसबुक पोस्ट का ज़िक्र है, जिसमें कहा जा रहा है कि नंदी ने एक ट्रैफिक पोस्ट पर प्रदर्शित सड़क-सुरक्षा संदेश का मज़ाक उड़ाया था.
योगी आदित्यनाथ के शासन काल में उत्तर प्रदेश में बुलडोज़र निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले औज़ार से बदलकर मुसलमानों को सामूहिक रूप से दंडित करने वाला हथियार और राजनीतिक नाटक का हिस्सा बन गया. यह तरीका एक राष्ट्रीय मॉडल बन गया, जिसे भाजपा ने सराहा और दूसरे भाजपा शासित राज्यों तथा कांग्रेस शासित कर्नाटक में भी अपनाया गया.
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