केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के बाद भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधानों के तहत राज्य विधानसभा की राय लेने के लिए केरल विधानसभा को भेजेंगे. यह क़दम अप्रैल-मई में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले उठाया गया है.