भारत जैसे आर्थिक असमान समाज में जब त्याग की भाषा आती है तो सबसे पहले पूछा जाना चाहिए कि त्याग कौन करेगा? वह जो पहले से ही राशन, किराया, फीस, ईएमआई के बीच फंसा है या वह जो संपत्ति को वस्त्र की तरह पहन सकता है? यह प्रश्न ईर्ष्या का नहीं, नैतिक अनुपात का है. यह द्वेष नहीं, सार्वजनिक न्याय का प्रश्न है.
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भारत जैसे आर्थिक असमान समाज में जब त्याग की भाषा आती है तो सबसे पहले पूछा जाना चाहिए कि त्याग कौन करेगा? वह जो पहले से ही राशन, किराया, फीस, ईएमआई के बीच फंसा है या वह जो संपत्ति को वस्त्र की तरह पहन सकता है? यह प्रश्न ईर्ष्या का नहीं, नैतिक अनुपात का है. यह द्वेष नहीं, सार्वजनिक न्याय का प्रश्न है.
सुप्रीम कोर्ट ने चंबल नदी क्षेत्र के घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन को रोकने में नाकाम रहने के लिए राजस्थान सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि लगता है कि सब कुछ केवल कागज़ों पर है. राज्यों के पास पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन उनका शायद ही इस्तेमाल हो रहा है.
पश्चिम बंगाल सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रहे मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया है. इससे पहले एसआईआर अभियान के लिए आयोग के विशेष पर्यवेक्षक रहे सुब्रत गुप्ता को भी नवनियुक्त सीएम शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया था. विपक्ष ने इन नियुक्तियों की आलोचना की है.
पीडीपी की नेता इल्तिजा मुफ़्ती के ख़िलाफ़ राजद्रोह का केस दर्ज करने के कुछ दिन बाद उनके एक्स अकाउंट को 11 मई को भारत में रोक दिया गया. मुफ़्ती ने कहा कि यह रोक ऐसे वक़्त पर लगाई गई है जब उन्होंने सीएम की उन ग़ैर-ज़िम्मेदाराना टिप्पणियों की आलोचना की, जिनमें उन्होंने (अब्दुल्ला ने) जम्मू-कश्मीर में नशे और शराब के इस्तेमाल को एक तरह से सही ठहराया था.
भारतीय लोकतंत्र में शायद अब एक नया मौसम जोड़ देना चाहिए; गर्मी, बारिश, सर्दी और 'चुनाव-उपरांत त्याग काल'. चुनाव के दौरान नागरिक 'विकास' सुनेंगे और चुनाव के बाद 'संयम' का पाठ पढ़ेंगे.
बिहार के कई ग़रीब परिवारों के लिए मिड-डे मील एक ज़रूरी सहारा है, लेकिन सहरसा में इसके कथित सेवन से 150 से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने के बाद अभिभावकों का कहना है कि उनका इससे भरोसा उठ गया है. एक अभिभावक ने बच्चों को स्कूल न भेजने की बात कहते हुए जोड़ा कि ‘वे अनपढ़ रह जाएं तो भी चलेगा, लेकिन कम से कम ज़िंदा तो रहेंगे.’
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