पाकिस्तान की मलिर जेल में बंद 198 भारतीय मछुआरों के परिवारों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनकी रिहाई और स्वदेश वापसी की मांग की है. इनमें 178 मछुआरे सजा पूरी कर चुके हैं. परिवारों का कहना है कि कोविड के बाद से जेल में बंद उनके परिजनों से चिट्ठियों के जरिए संपर्क भी बंद हो गया है.
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पाकिस्तान की मलिर जेल में बंद 198 भारतीय मछुआरों के परिवारों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनकी रिहाई और स्वदेश वापसी की मांग की है. इनमें 178 मछुआरे सजा पूरी कर चुके हैं. परिवारों का कहना है कि कोविड के बाद से जेल में बंद उनके परिजनों से चिट्ठियों के जरिए संपर्क भी बंद हो गया है.
विश्व आदिवासी दिवस पर विशेष: देश के सबसे बड़े नेता के सामने हज़ारों आदिवासियों से उनका पारंपरिक नृत्य करवाने की मानसिकता ब्रिटिश काल से जुड़ती है, जब आदिवासी समुदायों को ‘मुख्यधारा’ से अलग देखा जाता था, और उनके पहनावे व कला को 'प्रदर्शनी' की तरह पेश किया जाता था. आज सरकारी आयोजनों में आदिवासियों को एक जैसी पोशाक पहनाकर नचवाना, उसी औपनिवेशिक मानसिकता का विस्तार है.
कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: कलाओं को लेकर व्यापक समझ और मानसिकता ख़ासी तंगदिल और कुंद ज़ेहन है. कला के बारे में जो व्यापक चर्चा होती रहती है उसमें उसकी शक्ति को इस पैमाने पर अक्सर मापा जाता है कि उसका क्या व्यापक प्रभाव पड़ा. जिन कलाओं का ऐसा प्रभाव नहीं पड़ता या जिनमें व्यापक समाज अधिक रुचि नहीं लेता, उनकी उपेक्षा भी होती रहती है.
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र महीनेभर से प्रवेश शुल्क बढ़ाने और विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या में भारी कटौती को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के इन छात्रों को समर्थन देने के बाद विश्वविद्यालय ने कहा है कि अन्य कई यूनिवर्सिटी के मुक़ाबले उनकी फीस अब भी कम है. सीटों की कटौती से इनकार करते हुए यूनिवर्सिटी ने जोड़ा कि बड़ी संख्या में नए निजी विश्वविद्यालय खुलने के कारण कई अभ्यर्थी वहां चले गए हैं, इसलिए
मेघालय के भाजपा विधायक एएल हेक ने कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 को लेकर ईसाई समुदाय को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि क़ानूनी स्पष्टता चाहता है. उन्होंने आगे कहा कि ईसाई संस्थाएं 'दूरदराज और आदिवासी इलाकों में सबसे बड़े स्तर पर धर्मार्थ सेवाएं देने वाली संस्थाएं' हैं और उनके काम पर अंकुश नहीं लगाया जाना चाहिए.
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अमित महाजन ने ऑल इंडिया दलित क्रिश्चियन राइट्स प्रोटेक्शन कमेटी की जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति संबंधी याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा, ‘आप इसे बंद क्यों नहीं कर देते? मेरे हिसाब से ऐसी चीजें शहर में नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह सरकार का फैसला है. शहर को बेवजह बंधक क्यों बनाया जाए?’
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