साक्षात्कार: ‘हिंदू राष्ट्र अपने आप में विरोधाभासी शब्द है’; ‘ज्ञान न तो भारतीय होता है, न इंग्लिश, वह सिर्फ़ ज्ञान होता है.’ पढ़िए इतिहासकार इरफान हबीब से द वायर हिंदी की खास बातचीत, जिसमें वे इतिहास के पुनर्लेखन, आरएसएस पर फासीवाद के प्रभाव, भारतीय ज्ञान परंपरा और इतिहास के राजनीतिक इस्तेमाल पर बात कर रहे हैं.