प्रेमचंद आज की तारीख़ में प्रासंगिक हैं क्योंकि वह मान्यताओं पर सवाल उठाने से या फिर संस्था बन गए व्यक्ति की प्रविधियों पर भी आलोचकीय निगाह डालने से परहेज़ नहीं करते. पर इसका अर्थ यह नहीं था कि गांधी के व्यक्तित्व में, देश को लेकर उनकी चिंता में प्रेमचंद को कोई शक था. देखा जाए तो प्रेमचंद पर सबसे अधिक प्रभाव भी उन्हीं का ही पड़ा था.
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प्रेमचंद आज की तारीख़ में प्रासंगिक हैं क्योंकि वह मान्यताओं पर सवाल उठाने से या फिर संस्था बन गए व्यक्ति की प्रविधियों पर भी आलोचकीय निगाह डालने से परहेज़ नहीं करते. पर इसका अर्थ यह नहीं था कि गांधी के व्यक्तित्व में, देश को लेकर उनकी चिंता में प्रेमचंद को कोई शक था. देखा जाए तो प्रेमचंद पर सबसे अधिक प्रभाव भी उन्हीं का ही पड़ा था.
भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे के पीड़ितों के चार संगठनों ने इन इलाकों में सप्लाई हो रहे पीने के पानी की जांच पर एक रिपोर्ट पेश की. इसमें सामने आया कि जांचे गए पानी के करीब 70% नमूनों में मल के बैक्टीरिया (फीकल कोलीफॉर्म) पाए गए - यानी यह पानी बड़े पैमाने पर मल से दूषित है. उन्होंने मल-दूषित पेयजल की आपूर्ति के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की है.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सत्तारूढ़ भाजपा को 'गुंडों से भरी पार्टी' बताते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र पर गंभीर ख़तरा मंडरा रहा है क्योंकि न्यायपालिका पर एक बड़ा 'सवालिया निशान' लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं पर लोकतंत्र को ज़िंदा रखने और यह सुनिश्चित करने का ज़िम्मा था कि किसी एक व्यक्ति की तानाशाही न हो, वे इसमें नाकाम रहीं.'
जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के साथ ख़त्म हो गया था, मगर अब हिंदुत्व और भाजपा समर्थकों द्वारा आंदोलन में शामिल लड़कियों को 'ढूंढकर सबक सिखाने' के प्रयास जारी हैं. इसमें भाजपा समर्थक हैंडल्स के साथ अब सत्ताधारी दल के नेता भी शामिल हो चुके हैं. इसी बीच दिल्ली पुलिस ने एक्स से ऐसे यूज़र्स की जानकारी मांगी हैम वहीं नोएडा पुलिस ने एक महिला प्रदर्शनकारी के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है.
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने भाजपा समर्थकों की शिकायत पर मेटा इंडिया के प्रमुख और फेसबुक-इंस्टाग्राम के कई अकाउंट ऑपरेटर्स के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया हैं. इन पर पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने के आरोप हैं.
ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने 27 जुलाई को 2023-26 बैच के लिए 20 से ज़्यादा विषयों में परीक्षा आयोजित की थी. अधिकारियों ने बताया कि प्रश्नपत्र बांटे जाने के कुछ ही मिनटों बाद ओडिशा के बेरहामपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से किसी ने इसे प्रसारित कर दिया. उनका कहा कि इसे पेपर 'लीक' नहीं कहा जा सकता, क्योंकि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के बाद साझा किया गया था.
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