राजनीति

पांच क्षेत्रीय दलों ने 2020-21 में चुनावी बॉन्ड से 250.60 करोड़ रुपये चंदा मिलने की घोषणा की: एडीआर

एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 31 क्षेत्रीय पार्टियों को कुल 529.416 करोड़ रुपये की कुल आय हुई और उन्होंने 414.028 करोड़ रुपये अपने कुल ख़र्च घोषित किए हैं.

(इलस्ट्रेशन: द वायर)

नई दिल्ली: चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के अनुसार, पांच क्षेत्रीय पार्टियों ने यह घोषणा की है कि 2020-21 में चुनावी बॉन्ड के जरिये उन्होंने 250.60 करोड़ रुपये चंदा प्राप्त किया.

एडीआर की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 वित्तीय वर्ष में 31 क्षेत्रीय पार्टियों को कुल 529.416 करोड़ रुपये की कुल आय हुई और उन्होंने 414.028 करोड़ रुपये अपने कुल खर्च घोषित किए हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन पांच पार्टियों ने उस वर्ष सर्वाधिक खर्च किए, उनमें द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (218.49 करोड़ रुपये), तेलुगू देशम पार्टी (54.769 करोड़ रुपये), अन्नाद्रमुक (42.37 करोड़ रुपये), जनता दल यूनाइटेड (24.35 करोड़ रुपये) और तेलंगाना राष्ट्र समिति (22.35 करोड़ रुपये) शामिल हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन शीर्ष पार्टियों की कुल आय 434.255 करोड़ रुपये थी, जो विश्लेषण में शामिल किए गए राजनीतिक दलों की कुल आय का 82.03 प्रतिशत है.

इसमें कहा गया है कि स्वैच्छिक अंशदान के तहत राजनीतिक दलों ने चुनावी बांड के माध्यम से अपनी आय का 250.60 करोड़ या 47.34 प्रतिशत दान से एकत्र किया, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अन्य चंदा और अंशदान 126.265 करोड़ रुपये या 23.85 प्रतिशत था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन 31 क्षेत्रीय दलों का विश्लेषण किया गया, उनमें से केवल पांच ने चुनावी बांड के माध्यम से चंदे की घोषणा की. रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 31 क्षेत्रीय दलों की कुल आय में से 84.64 करोड़ रुपये या 15.99 प्रतिशत ब्याज आय थी.

इसमें कहा गया है कि 31 पार्टियों में से 29 की कुल आय वित्त वर्ष 2019-20 में 800.26 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2020-21 में 520.492 करोड़ रुपये हो गई, जो 34.96 प्रतिशत की गिरावट है.

एडीआर ने कहा कि 17 क्षेत्रीय दल हैं, जिन्होंने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अपनी आय का एक हिस्सा शेष घोषित किया है.

इसमें कहा गया है कि रिपोर्ट तैयार किए जाने के समय राष्ट्रीय पार्टियों में, वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारतीय जनता पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अनुपलब्ध थी.