गोवा: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी का रेस्टोरेंट शराब लाइसेंस को लेकर विवादों में घिरा

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी ज़ोइश द्वारा उत्तर गोवा में संचालित ‘सिली सोल्स कैफ़े एंड बार’ को आबकारी आयुक्त ने कथित अवैध तरीके से बार लाइसेंस रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आरोप है कि यह रेस्टोरेंट पिछले कुछ समय से एक मृत व्यक्ति के नाम पर शराब लाइसेंस का नवीनीकरण हासिल करता रहा है.

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Bengaluru: Union Textiles Minister & BJP leader Smriti Irani gestures during an intellectual meet in Bengaluru, Sunday, Feb 10, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI2_10_2019_000200B)
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (फोटोः पीटीआई)

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी ज़ोइश द्वारा उत्तर गोवा में संचालित ‘सिली सोल्स कैफ़े एंड बार’ को आबकारी आयुक्त ने कथित अवैध तरीके से बार लाइसेंस रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आरोप है कि यह रेस्टोरेंट पिछले कुछ समय से एक मृत व्यक्ति के नाम पर शराब लाइसेंस का नवीनीकरण हासिल करता रहा है.

Bengaluru: Union Textiles Minister & BJP leader Smriti Irani gestures during an intellectual meet in Bengaluru, Sunday, Feb 10, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI2_10_2019_000200B)
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी. (फोटोः पीटीआई)

पणजी: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी ज़ोइश द्वारा उत्तरी गोवा के असगाओ (Assagao) में संचालित एक रेस्टोरेंट विवादास्पद तरीके से सुर्खियों में आ गया. विवाद इस बात पर है कि यह रेस्टोरेंट पिछले समय से एक मृत व्यक्ति के नाम पर शराब लाइसेंस का नवीनीकरण हासिल करता रहा है.

बीते 21 जुलाई को गोवा के आबकारी आयुक्त नारायण एम. ने वकील एरेस रोड्रिग्स द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर ज़ोइश ईरानी (Zoish Irani) द्वारा संचालित ‘सिली सोल्स कैफे एंड बार’ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आरोप है कि शराब लाइसेंस पाने के लिए ‘धोखाधड़ी वाले और मनगढ़ंत दस्तावेज पेश किए गए’.

कारण बताओ नोटिस में कहा गया है, ‘लाइसेंस धारक की 17/05/2021 को मृत्यु हो जाने के बावजूद पिछले महीने लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया था.’

यह नोट किया गया कि लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन 22 जून 2022 को एंथनी डीगामा के नाम पर किया गया था. हालांकि पिछले साल मई में उनकी मौत हो गई थी.

आबकारी विभाग ने कहा है, ‘किसी ने लाइसेंस धारक की ओर से हस्ताक्षरित आवेदन किया था कि कृपया इस लाइसेंस को वर्ष 2022-23 के लिए नवीनीकृत करें और उक्त लाइसेंस को छह महीने के भीतर ट्रांसफर कर दिया जाएगा.’

इस मामले की सुनवाई 29 जुलाई को तय की गई है.

शिकायत करने वाले वकील रोड्रिग्स एक आरटीआई आवेदन के जरिये ये दस्तावेज पाने में कामयाब रहे थे. उन्होंने कहा, ‘वह चाहते हैं कि केंद्रीय मंत्री के परिवार द्वारा आबकारी अधिकारियों और स्थानीय असगाओ पंचायत के साथ मिलकर की गई इस बड़ी धोखाधड़ी की गहन जांच की जाए.’

उनके अनुसार, गोवा में आबकरी नियम केवल मौजूदा रेस्टोरेंट धारक को ही बार लाइसेंस जारी करने की अनुमति देते हैं. ‘सिली सोल्स कैफे एंड बार’ के मामले में आबकारी विभाग ने पिछले साल फरवरी में मालिकों को विदेशी शराब, भारत निर्मित विदेशी शराब और देशी शराब के लिए लाइसेंस देने संबंधी नियमों को ताक पर रख दिया था.

सभी आबकारी आवेदन मृतक एंथनी डीगामा के नाम से किए गए थे, जिनका दिसंबर 2020 में जारी किया गया आधार कार्ड उन्हें मुंबई के विले पार्ले का निवासी बताता है.

वकील रोड्रिग्स ने एक सूचना के बाद इस मामले की महीनों तक छानबीन की थी. वह बृहन्मुबई महानगर पालिका से डीगामा के मृत्यु प्रमाण पत्र का पता लगाने में भी कामयाब रहे थे.

अब उन्हें आश्चर्य होता है कि ऐसा व्यक्ति किस तरह से असगाओ के भौता वड्डो (Bhouta Vaddo) में 1,200 वर्ग मीटर में फैले संपत्ति से जुड़ा हो सकता है, जिसमें ‘सिली सोल्स कैफे एंड बार’ स्थित है.

फूड क्रिटिक कुणाल विजयकर के साथ एक यूट्यूब चर्चा में ज़ोइश ईरानी ने कहा था कि हालांकि गोवा एक बहुत बड़ा टूरिस्ट हब था, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय कैलिबर के हाई-एंड डाइनिंग में पिछड़ गया और उन्हें उम्मीद थी कि सिली सोल्स गोवा का ‘फूड डेस्टिनेशन’ बन जाएगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)