नागासाकी की बरसी: युद्ध के ख़िलाफ़ मानवता की पुकार…

9 अगस्त, 1945 को नागासाकी पर अमेरिका ने परमाणु बम गिराया, उसके तीन दिन पहले हिरोशिमा पर भी ऐसा ही हमला हुआ था. अज्ञेय की कविता ‘हिरोशिमा’ इस त्रासदी का साक्ष्य है.

संस्कृति के नाम पर लोगों को आसानी से भड़काया और बरगलाया जा सकता है: अज्ञेय

मुस्लिम मजलिस की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मूल में भी वही दूषित, संकीर्ण और कठमुल्लई मनोवृत्ति है, और वह एक लौकिक भारतीय समाज और खरी राष्ट्रीयता के विकास में बाधक होगी.