ऑनलाइन बायोमेट्रिक सत्यापन कई बार सेहत खराब होने, हाथ की लकीरों का या आंख का स्कैन न आने, स्मार्टफोन न होने इत्यादि वजहों से नहीं हो पाता है. इसकी वजह से कई पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता. लेकिन प्रशासन डिजिटल तकनीक की सीमाओं को समझने को तैयार नहीं है.
हर नागरिक का डिजिटल रिकॉर्ड बनाने के फेर में सबसे कमज़ोर लोगों को 'मृत' या अनुपस्थित घोषित कर दिया गया. उनका नाम सामाजिक सुरक्षा रजिस्टर से हट गया. पेंशनभोगी अपने रिकॉर्ड में सुधार का इंतज़ार करते-करते दुनिया से गुज़र गए.
बीते दो अगस्त को गुड़गांव के कुछ स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश से आए दो प्रवासी मज़दूरों को अगवा कर उन पर एक लड़की के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए बर्बर तरीके से पीटा था. इसके चलते 21 वर्षीय अनुज गौतम की मौत हो गई और उनके बहनोई संजय बुरी तरह घायल हो गए.