राजस्थान की कल्याणकारी योजनायें: तकनीक पर निर्भरता बढ़ा रही है कमज़ोर वर्ग की मुश्किलें

ऑनलाइन बायोमेट्रिक सत्यापन कई बार सेहत खराब होने, हाथ की लकीरों का या आंख का स्कैन न आने, स्मार्टफोन न होने इत्यादि वजहों से नहीं हो पाता है. इसकी वजह से कई पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता. लेकिन प्रशासन डिजिटल तकनीक की सीमाओं को समझने को तैयार नहीं है.

राजस्थान में डिजिटल तकनीक का दुष्प्रभाव: ग़रीब बुज़ुर्गों को ‘मृत’ घोषित किया, उनकी पेंशन बंद

हर नागरिक का डिजिटल रिकॉर्ड बनाने के फेर में सबसे कमज़ोर लोगों को 'मृत' या अनुपस्थित घोषित कर दिया गया. उनका नाम सामाजिक सुरक्षा रजिस्टर से हट गया. पेंशनभोगी अपने रिकॉर्ड में सुधार का इंतज़ार करते-करते दुनिया से गुज़र गए.

गुड़गांव लिंचिंग: चश्मदीद परिजन ने कहा- उन्होंने करंट लगाकर मेरे साले को मार डाला

बीते दो अगस्त को गुड़गांव के कुछ स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश से आए दो प्रवासी मज़दूरों को अगवा कर उन पर एक लड़की के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए बर्बर तरीके से पीटा था. इसके चलते 21 वर्षीय अनुज गौतम की मौत हो गई और उनके बहनोई संजय बुरी तरह घायल हो गए.