राही मासूम रिज़ा बीसवीं सदी में उर्दू के ज़हीनतरीन लिखने वालों में थे. अगले बरस उनकी जन्म-शती मनाई जाएगी. इक्कीसवीं सदी के शुरू में किए गए एक से अधिक सर्वेक्षणों में उनके 'आधा गाँव' को बीसवीं सदी के हिंदुस्तान के दस बेहतरीन उपन्यासों शुमार किया गया. इस विस्तृत लेख में जानिए रिज़ा साहब की ज़िंदगी की झलक और इस किताब के सामने आने की कहानी.