ईश्वर का उन्मूलन: धर्म, सत्ता और दासता पर पेरियार की तीखी वैचारिक चुनौती

पुस्तक अंश: धर्म और धर्म-शास्त्र के निर्माण का एकमात्र उद्देश्य बौद्धिकता और आजादी को नष्ट करना और लोगों को मूर्ख और दास बनाना है. यह उस समय चलन में आया, जब मनुष्य आदिम अवस्था में रहा करता था; कमोबेश जानवरों की तरह. जिस प्रकार लोग भूत-प्रेत और आत्माओं से भयभीत रहते थे, ठीक वही डर धर्म और धार्मिक शास्त्र भी पैदा करते थे.