असम में मानवाधिकारों के उल्लंघन और बांग्ला भाषी मुसलमानों के 'अमानवीयकरण' पर असम ट्रिब्यून को अपना कॉलम भेजने के कुछ ही घंटों बाद वरिष्ठ पत्रकार पेट्रीशिया मुखीम को अखबार ने बताया कि प्रबंधन इस लेख को प्रकाशित नहीं करेगा. पेट्रीशिया ने कहा कि यह बताया जाना कि क्या लिखना है और कैसे लिखना है, तानाशाही शासन की निशानी है.