सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक आठवीं तक की कक्षा में पढ़ाने वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता की परीक्षा पास करनी होगी. अगर वे ये परीक्षा नहीं देते तो उन्हें अवकाश ग्रहण करना होगा. अगर वे फेल हो गए तो शायद उनकी नौकरी ही चली जाए. यह फैसला शिक्षकों को डरा रहा है.