मिहिर पंड्या का सिनेमा के साथ अनूठा रिश्ता है. वे इस विधा के रसिक-आलोचक हैं. सिनेमा के अध्येता हैं, आत्मीय दर्शक भी. तकनीक का ज्ञान है, साहित्य की रहनवारी भी. पढ़िए अचल मिश्रा की विनोद कुमार शुक्ल पर बनी फ़िल्म की परतों को करीने से उजागर करता हुआ मिहिर का यह निबंध.