हमारे गणतंत्र के 75 वर्ष पूरे होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट में अब तक केवल 11 महिला जज ही पहुंच सकी हैं. न्यायपालिका में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का मुद्दा केवल आंकड़े सुधारने से संबंधित नहीं है, बल्कि यह पीड़ितों के प्रति सहानुभूति और समाज में जेंडर सेंसिटिविटी बढ़ाने के लिए भी ज़रूरी है.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच साल में पुलिस हिरासत में सबसे ज़्यादा मौत के मामले में मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है. अगस्त 2023 में सरकार ने बताया था कि 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2023 तक ऐसी मौतों के मामले में गुजरात पहले और महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर था.