ऊदा देवी केवल एक योद्धा नहीं थीं, बल्कि वे दलित और स्त्री अस्मिता की वह प्रतीक थीं जिन्होंने 1857 के संग्राम में ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध लखनऊ के सिकंदर बाग में अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया. 16 नवंबर उनका शहीद दिवस था. इस अवसर देश उन्हें एक ‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और वीरांगना’ रूप में याद करता है.
जन्मदिन विशेष: दो अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के साथ मसुरियादीन पासी को याद करने का भी दिन है. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा सदस्य रहे मसुरियादीन ने राष्ट्रीय और सामाजिक आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, तथा सामाजिक चिंतक के रूप में दलित एवं पिछड़ों का नेतृत्व किया.