एक आदर्श वोटर लिस्ट वही मानी जाती है, जो सभी योग्य वयस्क मतदाताओं को शामिल करे. लेकिन हक़ीक़त यह है कि वोटर लिस्ट में जेंडर अनुपात हमेशा इससे कम दर्ज होता रहा है. यूपी में एसआईआर शुरू होने से पहले, 27 अक्टूबर 2025 को वोटर लिस्ट का जेंडर अनुपात 876 तक पहुंच चुका था, लेकिन एसआईआर के बाद यह सुधार की दिशा पूरी तरह पलट गई.