रचनाकार का समय: ‘यह धरती हमने अपने बच्चों से उधार में ली है’

'जिसे वर्तमान कहा जाता है, वह मुझे वर्तमान से ज़्यादा आशंकाओं-त्रासदियों से भरे भविष्य की तरह दिखता है'. रचनाकार का समय में पढ़िए साहित्यकार राही डूमरचीर को.